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SunnyNovember 17, 2018
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1min20

Publish Date:Sat, 17 Nov 2018 11:39 PM (IST)

मुंबई। दो साल की बच्ची के अभिनय और कहानी ने दर्शकों को इस कदर बांध कर रखा कि वे इमोशनल हो गए और फिल्म देखकर उनके मुंह से तारीफ ही निकली। हम बात कर रहे हैं फिल्म पीहू की जो सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और बॉक्स अॉफिस पर अच्छा परफॉर्म कर रही है। इस फिल्म के निर्देशक बने विनोद कापड़ी ने जागरण डॉट कॉम से बातचीत करते हुए चुनौतियों के बारे में बताया कि किस प्रकार दो साल की बच्ची के साथ पूरी फिल्म की शूटिंग की गई।

विनोद कापड़ी की फिल्म पीहू को कई फिल्म फेस्टिवल्स में सराहा गया है। जब विनोद से पूछा गया कि पीहू की कहानी को फिल्माना कितना चुनौतियों से भरा था चूंकि इसमें महज दो साल की बच्ची को अभिनय करते दिखाना था और इस कहानी पर लोगों ने शुरूआत में बिल्कुल भी भरोसा नहीं किया था। जवाब में विनोद ने कहा कि, ”हां शुरूआत में सभी लोगों ने इस कहानी पर भरोसा नहीं दिखाया था। अब जब फिल्म अच्छा कर रही है तो सबके अच्छे कमेंट्स आ रहे हैं। फिल्म को दर्शकों का प्यार मिल रहा है। फिल्म नेशनल अवॉर्ड के लिए भी नॉमिनेट हुई लेकिन अवॉर्ड मिला नहीं। हमें दर्शकों पर पूरा भरोसा हमेशा से था और वे इस फिल्म को पसंद कर रहे हैं। इसलिए फिल्म की कहानी का दर्शकों तक पहुंचना बहुत जरूरी था। फिल्म की शूटिंग आसान नहीं थी क्योंकि फिल्म की कहानी दो साल की बच्ची पर केंद्रित है। दो साल की बच्ची का अभिनय बहुत महत्वपूर्ण था। 

आगे विनोद बताते हैं कि, मेरी यह फिल्म आईएफएफआई तक पहुंची इस बात की मुझे ख़ुशी है लेकिन मुझे दर्शकों का इंतजार शुरुआत से था। क्योंकि सिनेमा से जुड़े फेस्टिवल किसी भी फिल्म का भाग्य तय नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि नया फिल्ममेकर या स्टोरीटेलर जो भी है उसकी कहानी को सुना जाना चाहिए। यह मुंबई के स्टूडियो का काम है कि वो कहानी को सुने। जब कहानी को सुनेंगे और समझेंगे तभी तो फिल्म बनाएंगे। पीहू की बात की जाए तो शुरूआत में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोई कहानी सुनने को ही तैयार नहीं था। चूंकि आप बिना सुने कैसे यह निर्णय कर सकते हैं कि कहानी अच्छी है या खराब। 

यह भी पढ़ें: Box Office : दो साल की बच्ची ने सनी देओल को दिखाया ढ़ाई किलो का दम, पीहू को इतनी ओपनिंग

आपको बता दें कि, दो साल की एक बच्ची के अकेले घर में रहने की कहानी पर बनी फिल्म पीहू ने तमाम तारीफ़ों के बाद बॉक्स ऑफिस पर भी झंडे गाड़ दिए हैं। इस फिल्म को 45 लाख रूपये की ओपनिंग मिली है। फिल्म पीहू ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन 45 लाख रूपये का बिज़नेस किया है। सिद्धार्थ रॉय कपूर और रॉनी स्क्रूवाला प्रोड्यूस इस फिल्म में कोई छोटा या बड़ा कलाकार नहीं है। सिर्फ़ एक छोटी सी दो साल की बच्ची है जो घर में अकेले है। यह फिल्म विश्व सिनेमा की पहली फिल्म है जिसमें 2 साल की बच्ची के अलावा दूसरा कोई किरदार आपको नजर भी नहीं आता। वो परिस्थितिवश पूरे घर में अकेली है और सुबह उठने के बाद पूरा दिन अकेले बिताती है। इस दौरान जो घटनाएं होती है वो लोगों को इमोशनल कर जाती हैं। बताया जा रहा है कि, इस फिल्म को माउथ पब्लिसिटी के जरिये शनिवार और रविवार को अच्छा कलेक्शन मिल सकता है। फिल्म पीहू का गाना पीहू पुकारे रिलीज हो चुका है जिसे पसंद किया जा रहा है। 

यह भी पढ़ें: प्रियंका के होने वाले पति को है डायबिटीज़, पर सब All Is Well

Posted By: Rahul soni

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SunnyNovember 16, 2018
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1min110

होशंगाबाद रोड पोस्ट रिपोर्टर। बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों की धमकी से डरे बिना पिछले 17 सालों से प्रीति दुबे लगातार रेल टिकट चैक कर रही हैं। उन्हें ट्रेन और स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की टिकट चैक करते वक्त आए दिन धमकियों, लोगों द्वारा अभद्र व्यवहार से दो-चार होना पड़ता है। इसके बाद भी वे बिना किसी की परवाह किए इस काम को बखूबी अंजाम दे रही हैं। रेल मंडल के प्रवक्ता आईए सिद्दीकी का प्रीति के बारे में कहना है कि वह बिना भय के यह काम कर रही हैं, हर बार टार्गेट पूरा करती हैं।

होशंगाबाद रोड निवासी प्रीति दुबे का रेलवे में चयन वर्ष-1998 में पार्सल पोर्टर पद पर हुआ था।

हर बार पूरा करती हैं अपना टार्गेट

सक्सेस स्टोरी

देख लेने की धमकियां

प्रीति ने बताया कि कई बार जब वे भीड़ के बीच टिकट चैक करने जाती हैं, तो शरारती तत्व व बिना टिकट यात्रा करने वाले उन्हें अनाप-शनाप धमकी वाली भाषा में बात, स्टेशन के बाहर निकलने पर उन्हें देखने जैसी तक धमकियां देने से नहीं चूकते। इसके बाद भी वे लगातार अपनी ड्यूटी के प्रति ईमानदार रहती हैं और बिना डरे काम करती हैं।

हबीबगंज में पोस्टिंग

प्रीति दुबे की पांच सालों से हबीबगंज स्टेशन पर पोस्टिंग है। वे सुबह से देर शाम तक स्टेशन पर आवागमन करने वाले यात्रियों के टिकट चैक करती हैं। हर माह वे ऐसे कई यात्रियों पर जुर्माना लगा देती हैं, जो झूठ बोलकर और दूसरे साथी के पास टिकट होने का झांसा देकर निकलने का प्रयास करते हैं।

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SunnyNovember 16, 2018
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9min100

How are you using customer success stories in your inbound marketing?

In inbound marketing, customer success stories directly address your customers’ pain points while providing social proof of the efficacy of your products or services. If you are only using them on the Testimonials or Customers page of your website, you’re missing an opportunity to leverage powerful marketing content.

In a recent article titled Stories Sell: How to Write a Powerful Customer Success Story, we shared the process of writing customer success stories and why you should include customer stories in your marketing content. In this article, we’ll go a step further and explore the ways to use customer success stories, or case stories, in inbound marketing. While this article focuses on customer success stories, the same opportunities exist to leverage case studies and testimonials.

Ways to Leverage Customer Success Stories in Inbound Marketing

Blog

A customer success story is a celebration of a customer’s success that tells the story of how they overcame obstacles by finding a solution to their problem and achieving their goals. Use these stories on your blog to shine the spotlight on your customers, while also providing insight into how real companies are using your product or service and the reason they chose you over the competition. Case stories provide an opportunity to earn your potential buyers’ trust while they are considering their options.

Ways to write blog articles around customer success stories include interviews, guest posts from customers, and articles featuring customers in a particular niche who have a common need and are similarly using your product.

Video

The power of video in marketing is undeniable. There are many ways to use customer success stories in video marketing. Video testimonials provide compelling proof of your service and can be brief or expanded. Include them in customer stories which dive into the company’s history, their growing pains, and how your service solved their problem and allowed them to overcome their roadblocks. Or, simply produce a short but impactful video showing the company, their problem, the solution, and their success.

With one customer success story you could create multiple videos of varying lengths which can be hosted on YouTube, embedded in web pages and blog articles, and shared on social media.

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Webcast, December 18th: Optimizing Customer Engagement with User Intent

Social Media

Sharing customer success stories on social media is an excellent way to highlight your customer while expanding your reach. Tag your customers’ accounts so that their followers can engage with the post and celebrate their success as well. Be sure to avoid being self-promotional. Focus on your customers for better engagement.

Types of social posts you can create from customer success stories include links to blog articles, videos, “Customer of the Week” posts, and quotes.

eBooks

When creating new resources and eBooks for your inbound marketing campaigns, don’t overlook the power of case stories. There are many ways you can include them in marketing resources, including:

  • Create a compilation of customer success stories into one eBook.
  • Use customer success stories in your eBooks as examples of how companies have successfully implemented the methods laid out therein.
  • Write an in-depth case study and offer it as an eBook or white paper.
  • Conduct a research study using data you’ve gathered from your customers. Add case stories to bring the data to life.

Bonus: Sales Content

When you map content to the buyer’s journey don’t forget to leverage the power of case stories.

The use of content is a prime opportunity to align marketing and sales. Customer success stories should be made available for use by your sales team when working with buyers. They will appreciate being able to use customer success stories in outreach and follow-up emails, sales calls and pitch decks.

Now that you have a few ideas for using customer success stories in inbound marketing, we’d love to get your feedback. Have you tried this? What has been successful for you? Share your comments with us so we can learn from you!

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SunnyNovember 15, 2018
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SunnyNovember 15, 2018
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1min80

Publish Date:Thu, 15 Nov 2018 01:27 PM (IST)

प्रयागराज : नौकरी तक तो काम चलता रहता है लेकिन नौकरी के वक्त में पैसों का सही निवेश न होने का अहसास सेवानिवृत्ति के बाद ज्यादा समझ में आता है। अगर बच्चों की पढ़ाई और उनकी शादी करनी बाकी हो तब तो रुपये की जरूरत और महसूस होती है। रिटायरमेंट के बाद का जीवन तो चलाना ही होता है। लग्जीरियस जीवन जीने की भी चाह होती है। ऐसे में अगर फाइनेंशियल प्लानिंग के साथ आय से की जाने वाली बचत को निवेश किया जाए तो एक आदमी के लिए भी इन खर्चों को वहन करना और अपनी इच्छाओं की पूर्ति करना संभव है।

 इन संभावनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए दैनिक जागरण और आदित्य बिरला सन लाइफ म्युचुअल फंड मिलकर 17 नवंबर को ‘निवेश पाठशाला’ आयोजित करने जा रहा है। यह पाठशाला शाम साढ़े चार बजे सिविल लाइंस स्थित होटल युगांतर में आयोजित की जाएगी। इसमें परंपरागत निवेश में कम रिटर्न के बजाय म्युचुअल फंड जैसे निवेश से अधिक रिटर्न हासिल करने की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा जाएगी। हर व्यक्ति के लिए जरूरत, उम्र और आय के अनुसार निवेश के टूल को चुनना महत्वपूर्ण होता है, जिस पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

कम निवेश पर अच्छे रिटर्न के किस्से :

म्युचुअल फंड ने बहुत कम निवेश में भी लोगों को करोड़ों रुपये का रिटर्न दिया है। सेमिनार में ऐसे रिटर्न हासिल करने वाले लोगों की सक्सेस स्टोरी बताई जाएगी। इसके साथ ही लोगों को प्रेरित किया जाएगा कि वह हर महीने की सात तारीख को कुछ रुपये म्युचुअल फंड में निवेश करने की आदत डालकर म्युचुअल फंड डे मनाएं।

पंजीकरण के लिए इन नंबरों पर कॉल करें :

9839900254, 9519100839

Posted By: Brijesh Srivastava

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SunnyNovember 14, 2018
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1min130

बदलती लाइफ स्टाइल (शारीरिक मेहनत कम, तनाव ज्यादा) और भोजन में फास्ट फूड की बढ़ती मात्रा के कारण डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इतना ही नहीं बीते 10 साल में डायबिटीज के डिटेक्शन की उम्र 10 से 20 साल तक घटी है। मतलब पहले यह बीमारी ज्यादातर 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को होती थी। लेकिन अब 20 से 30 साल के युवा भी डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। यह खुलासा गांधी मेडिकल कॉलेज के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनुज शर्मा ने रिपोर्ट में किया है। डॉ. शर्मा के मुताबिक 10 साल पहले 40 साल की उम्र पार कर चुके लोगों में टाइप-2 डायबिटीज मिलती थी। लेकिन, अब 20 से 30 साल आयु वर्ग के मरीजों में टाइप-2 डायबिटीज मिल रही है। जबकि पहले इस आयु वर्ग के मरीजों में टाइप-1 डायबिटीज मिलती थी। उन्होंने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज वाले मरीजों में टाइप-2 डायबिटीज मिलने की वजह प्री-डायबिटिक कैटेगरी के लोगों का जागरूक नहीं होना है। डॉ. शर्मा ने बताया कि डायबिटीज मरीजों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौती है।

 

बड़ी चुनौती… प्री-डायबिटिक कैटेगरी के लोगों में जागरुकता की कमी से टाइप-1 वालों में मिल रही टाइप-2 डायबिटीज

ये है प्री-डायबिटिक

डायबिटीज मरीजों की संख्या से डेढ़ गुना है प्री-डायबिटिक, इलाज… खाने के बाद पैदल चलें

मेडिसिन डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनुज शर्मा ने बताया कि प्री-डायबिटिक का कनवर्जन रेट डायबिटीज में पिछले 10 साल में तेजी से बढ़ा है। डायबिटीज मरीजों की तुलना में प्री-डायबिटिक आबादी डेढ़ गुना है। इस कनवर्जन रेट को धीमा करने के लिए जरूरी है, जो लोग प्री-डायबिटिक श्रेणी में आते हैं, वह अपने खान-पान और जीवन शैली को संयमित करें। इसके अलावा सुबह अथवा रात में खाना खाने से पहले 45 मिनट पैदल जरूर चलें। इससे प्री-डायबिटिक के डायबिटीज पेशेंट में बदलने की आशंका कम हो जाएगी।

मुख्य वजह… 35 युवा मोटापे से पीड़ित, इसलिए बढ़ रहे मरीज

गांधी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सचिन चित्तावर ने बताया कि युवाओं में डायबिटीज बढ़ने की मुख्य वजह मोटापा है। एक सर्वे के अनुसार 35 फीसदी युवा मोटापा से पीड़ित हैं, जो अलग-अलग अस्पतालों, क्लीनिक्स में इलाज करा रहे हैं। बकौल डॉ. चित्तावर मोटापा पोषित पोषण आहार की अधिकता के कारण बढ़ा है। इससे डायबिटीज के मरीज भी बढ़ रहे हैं।

70% को होता है साइलेंट हार्ट अटैक

गांधी मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि हार्ट अटैक का इलाज कराने आने वाले 100 मरीजों में से आधे (50 प्रतिशत) डायबिटीज पीड़ित होते हैं। इनमें से 70% को साइलेंट हार्ट अटैक होता है।

सक्सेस स्टोरी

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SunnyNovember 12, 2018
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1min120

Publish Date:Tue, 13 Nov 2018 03:00 AM (IST)

मेरठ । नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों से जोड़ने के लिए दैनिक जागरण की ओर से चलाए जा रहे संस्कारशाला कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को द अध्ययन स्कूल में बच्चों को कहानी सुनाई गई। संस्कारशाला कार्यशाला में दैनिक जागरण की ओर से डा. शिवचरण शर्मा ‘मधुर’ ने बच्चों के समक्ष दीपा करमाकर के जीवन चरित्र को बयां किया। उन्होंने बताया कि किस तरह मेहनत और जज्बे के कारण साधारण परिवार की दीपा शुरू से ही अपने लक्ष्य पर अडिग रहीं और उसी दिशा में परिश्रम करते हुए सफल जिमनास्ट बनी। उन्होंने बच्चों को अपनी रुचि को ध्यान में रखते हुए धैर्य के साथ लक्ष्य साधने की सीख दी।

सुनाई प्रेरक सफल कहानियां

डा. शर्मा ने बच्चों के समक्ष कुछ महापुरुषों का जिक्र करते हुए उनके बारे में बताया। उन्होंने डा. एपीजे अब्दुल कलाम, नेल्शन मंडेला, सरदार वल्लभ भाई पटेल, थॉमस अल्वा एडिशन, मदर टेरेसा, लाल बहादुर शास्त्री, मार्क जुकरबर्ग आदि के बारे में संक्षिप्त में बताया कि उन्होंने किस प्रकार अपनी उपलब्धियां हासिल की और समाज के लिए एक उदाहरण बनकर उभरे। बच्चों ने इन सभी के बारे में बड़े ध्यान पूर्वक सुना और अपनी जिज्ञासाओं को भी शांत किया। कार्यशाला की अंतिम कड़ी में बच्चों ने कहानियों पर पूछे गए सवालों के जवाब भी बढ़चढ़कर दिए।

दिए सफलता के ये टिप्स

-अर्जुन बनो, लक्ष्य निर्धारित करो

-जीतने वाले हार नहीं मानते, हार मानने वाले जीत नहीं सकते।

-सकारात्मक सोचा, लक्ष्य पर अडिग रहो।

-पहला गलत कदम आगे गलत ही कराता है, सावधानी से बढ़े।

-अपने प्रति अनुचित व्यवहार दूसरों के साथ भी न करें।

-असफलता में ही सफलता की कुंजी है।

-विनम्र, सच्चे व ईमानदार बनो।

-दूसरे में दोष न देखो, अपने दोष ठीक करो।

-आगे बढ़ना है तो समय प्रबंधन करो।

-संगति से ही दोष व गुण आते हैं।

-सज्जन व्यक्तियों से सीखो।

Posted By: Jagran

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SunnyNovember 12, 2018
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1min120

डेर्बीशायर. इंग्लैंड में अपने दम पर अपने पैरों पर खड़ी होने वाली एक महिला ने अपनी सक्सेस स्टोरी सुनाई है। 7 साल पहले पार्टनर से अलग होने के बाद उसके पास अपना खर्च उठाने के पैसे नहीं थे। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो अपने तीन बच्चों की जिम्मेदारी कैसे उठाएगी। उसने अपने पास बची कुल जमा 9000 की रकम भी नए बिजनेस में लगा दी और फेसबुक के जरिए कपड़े बेचने शुरू कर दिए। पर इसे ऐसा रिस्पांस मिला कि उसने पूरी फैशन कंपनी खड़ी कर दी, जिसमें 10 लोगों का स्टाफ है। वहीं, इस साल तक इसका टर्नओवर 37 करोड़ तक पहुंच गया है।

9 हजार रुपए से शुरू किया बिजनेस
– डेर्बीशायर की रहने वाली 34 साल की बेथ बारट्रैम के साथ उसके पार्टनर ने छोड़ दिया। बेथ के पास उस पर न कोई कमाई का जरिया था और न ही कोई खास सेविंग्स थीं।
– यही नहीं, उस पर तीन बच्चों की जिम्मेदारी भी थी। बेथ को समझ नहीं आ रहा था कि अब वो क्या करें और कैसे अपने परिवार का खर्च उठाए।
– बात 2011 की है। बेथ को अपने बच्चों के साथ काउंसिल होम में शिफ्ट होना पड़ा। पर घर चलाना फिर भी मुश्किल हो रहा था। लिहाजा, उसे कुछ काम शुरू करने का फैसला किया।
– बेथ ने बताया कि वो कभी यूनिवर्सिटी नहीं गई थीं। ऐसे में जॉब करना तो मुश्किल था। पर उनका सपना हमेशा से अपना बुटिक खोलने का था और ऐसे फेसबुक पर कपड़े बेचने का मौका उनके लिए बेहतर ऑप्शन था।
– उसने अपने पास बची कुल जमा 9000 की रकम से फेसबुक पर कपड़े बेचने शुरू किए। बेथ ने कहा कि मुझे लगा था कि एक हफ्ते में 10 ड्रेस भी बिक गई तो मुझे 100 डॉलर मिल जाएंगे, जो मेरे लिए काफी हैं।

7 साल में करोड़ों का टर्नओवर
– बेथ ने बताया कि मार्केट के कम दामों पर ये कपड़े 25 से 34 तक की उम्र की महिलाओं के लिए थे। हालांकि, शुरू में साइट पर कोई नहीं आया लेकिन फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी।
– उसने कहा कि मेरा मकसद 5-5 डॉलर में ज्यादा से ज्यादा कपड़े बेचने के बजाय अपने कस्टमर्स को क्वालिटी देना है, ताकि लोगों के बीच हमारी पहचान बने।
– उसने बताया कि साल दर साल हमारी पहचान बनती चली गई और हमने अच्छे कस्टमर बना लिए। वो ब्रैंड क्लोदिंग, फुटवेयर और एसेसरीज तक सब बेचने लगीं। कुछ हजार रुपए से शुरू किया गया हमारा बिजनेस 7 साल में करोड़ों का हो गया।
– बेथ ने अपनी फैशन कंपनी बना ली, जिसे 'फेयरलेस' नाम दिया। इस वक्त उनका 10 लोगों का स्टाफ है। वहीं, इस साल उनकी कंपनी का टर्नओवर 37 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
– उसने अपनी लाइफ में नया पार्टनर भी तलाश लिया और शादी भी कर ली है। अब वो अपने बच्चों के साथ अपने हसबैंड के घर में रह रही है।

महिलाओं को किया अट्रैक्ट
– बेथ ने बताया कि हमारा मेन बिजनेस इंस्टाग्राम और फेसबुक से चल रहा था और हमारी ज्यादातर कस्टमर महिलाएं थीं इसलिए हम पर्सनली भी एक-दूसरे के संपर्क में थे।
– बेथ अपने ब्रैंड की स्लाइलिश ड्रेसेज में अपनी फोटोज रेगुलर अपने फैन्स को शेयर करती रहतीं। ताकि वो उन महिलाओं को इन्स्पायर कर सकें, तो जिम्मेदारियों के बीच इसे भूल गई हैं।
– इसके बाद उसे ढेरों महिलाओं के पॉजीटिव मैसेज मिलते, जो उम्र में तकरीबन उसके बराबर की थीं। वो बेथ को फैशनेबल और फिट रहने के लिए इन्स्पायर करते रहे को लेकर शुक्रिया अदा करतीं।

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SunnyNovember 12, 2018
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