Stock Market Archives - earn money online hindi news: Sunnywebmoney.com

SunnyDecember 10, 2018
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1min90

हाइलाइट्स

  • निवेशक व्यवस्था में बदलाव को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाते, इसलिए एग्जिट पोल के नतीजों से उनमें घबराहट है
  • हुवावे की सीएफओ की गिरफ्तारी पर चीन-अमेरिका के बीच बढ़ते टेंशन का असर भी निवेशकों पर देखा जा रहा है
  • अमेरिका में अनुमान से कमजोर जॉब डेटा आने के कारण वहां के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई
नवीन कुमार पाण्डेय, नई दिल्ली

सोमवार को शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सेंसेक्स 468.59 अंक यानी 1.31% और निफ्टी 185 अंक यानी 1.73% कमजोर होकर खुला और देखते-ही-देखते गिरावट का दायरा बढ़ता चला गया। 9:48 बजे तक सेंसेक्स के सभी 31 और निफ्टी के सभी 50 शेयर लाल निशान में चले गए। हालत ऐसी रही कि 10:38 बजे तक शेयर बाजार में बिकवाली का ऐसा जोर पकड़ा कि सेंसेक्स 609.58 अंक (1.71%) टूटकर 35,063.67 और निफ्टी 187.50 अंक (1.75%) की कमजोरी के साथ 10,506.20 पर आ गया। आखिर, शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट के क्या कारण हैं? आइए जानते हैं बाजार में मचे हाहाकार के पांच प्रमुख कारण…


एग्जिट पोल में बीजेपी को झटका


शुक्रवार को आए एग्जिट पोल में कहा गया है कि राजस्थान में बीजेपी के हाथ से सत्ता छिन सकती है और मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में उसका कांग्रेस के साथ करीबी मुकाबला है। इन तीनों के साथ तेलंगाना और मिजोरम में हुए चुनाव के वोटों की गिनती मंगलवार को होगी। पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे शुक्रवार को आएंगे। इन्हें 2019 लोकसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माना जा रहा है।

तेल उत्पादन में कटौती का ऐलान

कच्चा तेल निर्यात करने वाले 14 बड़े देशों के समूह ओपेक और 10 अन्य तेल उत्पादक देशों ने कच्चे तेल की गिरती कीमतों को थामने के मकसद से तेल उत्पादन में 1.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कटौती का फैसला लिया है। 6 दिसंबर की महाबैठक में आए इस फैसले को मोदी सरकार को 2019 के लोकसभा चुनाव में झटके के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में सरकार के सामने इस संकट से उबरने की चुनौती होगी। दरअसल, भारत दुनिया का तीसरा बड़ा तेल आयातक देश है, जो कि अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है।

हुवावे सीएफओ की गिरफ्तारी

चीनी स्मार्ट फोन कंपनी हुवावे के संस्थापक की बेटी और कंपीन की सीएफओ मेन वांगझू की कनाडा में गिरफ्तारी और अमेरिका के उसके प्रत्यर्पण के प्रयासों से चीन के साथ उसका जारी ट्रेड वॉर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। चीन लगातार वांगझू को निर्दोष बताकर उसकी रिहाई की मांग कर रहा है। उसने रविवार को अमेरिका के राजदूत को तलब किया और मांग की कि अमेरिका अपने प्रत्यर्पण अनुरोध को वापस ले। गौरतलब है कि अमेरिका अपने निर्यात नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए उसके प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटा है।

अमेरिका का कमजोर जॉब डेटा

चीन के साथ ट्रेड टेंशन बढ़ने और शुक्रवार को कमजोर जॉब रिपोर्ट के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई थी। शुक्रवार को अमेरिका में नवंबर महीने का जॉब डेटा जारी हुआ जो अनुमानों से कमजोर रहा है। वहां पिछले महीने में खेती से इतर पेरोल पर 1 लाख 55 हजार नई नौकरियां पैदा हुईं जो 2 लाख के अनुमानित आंकड़े से कम है। इसके अलावा, इस दौरान मजदूरी की वृद्धि भी अुनमान से कम रही। हालांकि, सालाना आधार पर मजदूरी में वृद्धि करीब एक दशक के सर्वोच्च स्तर पर रहा है। बहरहाल, कमजोर जॉब डेटा के कारण अमेरिकी शेयर मार्केट में गिरावट देखी गई जिसका असर अन्य बाजारों पर भी पड़ा। सोमवार को यूरो और येन के मुकाबले डॉलर आधा प्रतिशत टूट गया।

कृषि क्षेत्र का संकट

अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी नोमुरा का कहना है कि अगर मंगलवार को आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के परिणामों में बीजेपी का प्रदर्शन खराब रहता है तो इसका मतलब यह होगा कि कृषि क्षेत्र गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। उसने कहा कि इन तीन राज्यों में ज्यादातर आबादी कृषि क्षेत्र पर ही आश्रित है। नोमुरा ने यह भी कहा कि बीजेपी की हार से विपक्षी दलों के बीच लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन की कोशिशें तेज हो सकती हैं। वहीं, फॉरन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स ने दिसंबर महीने के पांच सेशन में अब तक 1,000 करोड़ रुपये बाजार से निकाले हैं।

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SunnyDecember 9, 2018
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1min50

नई दिल्ली

सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से छह के बाजार पूंजीकरण (एम-कैप) में पिछले सप्ताह कुल 54,916.4 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गयी। रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। रिलायंस के अलावा आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक के पूंजीकरण में गिरावट हुई।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक का एम-कैप बढ़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 22,153.28 करोड़ रुपये गिरकर 7,18,317.52 करोड़ रुपये जबकि आईटीसी का पूंजीकरण 14,877.75 करोड़ रुपये गिरकर 3,35,637.09 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी का एम-कैप 5,139.73 करोड़ घटकर 3,35,611.54 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक का पूंजीकरण 7,987.51 करोड़ रुपये कम होकर 2,45,783.14 करोड़ रुपये पर आ गया।

एचडीएफसी बैंक का पूंजीकरण 3,080.47 करोड़ गिरकर 5,72,419.47 करोड़ रुपये जबकि आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,677.66 करोड़ कम होकर 2,26,769.52 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, दूसरी ओर टीसीएस का एम-कैप 9,512.30 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 7,48,957.23 करोड़ रुपये जबकि इन्फोसिस का पूंजीकरण 6,356.32 करोड़ रुपये बढ़कर 2,97,523.86 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 14,990.19 करोड़ बढ़कर 3,94,583.03 करोड़ रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक का पूंजीकरण 9,516.85 करोड़ रुपये बढ़कर 2,44,548.88 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। शीर्ष दस कंपनियों में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से टीसीएस पहले पायदान पर है।

इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज, एडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, एचडीएफसी, इन्फोसिस, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक का स्थान है। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले सप्ताह 521.05 अंक यानी 1.43 प्रतिशत गिरकर 35,673.25 अंक पर बंद हुआ।

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SunnyDecember 9, 2018
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नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने पिछले पांच कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजारों से करीब 400 करोड़ रुपये की निकासी की है। हुवावेई की सीएफओ की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव इसकी वजह रही। इससे पहले कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये में मजबूती से विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में 6,900 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 3 से 7 दिसंबर के दौरान विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 383 करोड़ रुपये निकाले। हालांकि, उन्होंने इस दौरान ऋण बाजार में 2,744 करोड़ रुपये का निवेश किया। नवंबर में सुधार के बाद दिसंबर में एक बार फिर से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक शुद्ध रूप से बिकवाल रहे। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ विश्लेषक प्रबंधक (शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, “वास्तव में बिकवाली का दौर छह दिसंबर को शुरू हुआ जब एफपीआई ने एक दिन में 361 करोड़ रुपये की निकासी की। चीन की नाम-गिरामी कंपनी की शीर्ष अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक शेयर बाजार में गिरावट इसकी वजह रही। इसका असर घरेलू शेयर बाजार में भी दिखा।” उन्होंने कहा, “निवेशकों को डर सता रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद चीन और अमेरिका के संबंधों में और कड़ुवाहट आ सकती है और यह आर्थिक वृद्धि को प्रभावित करेगा। विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक पूंजी बाजार से 85,600 करोड़ रुपये निकाले। जिसमें शेयर बाजार से 35,600 करोड़ से अधिक और ऋण बाजार से करीब 50,000 करोड़ रुपये की निकासी शामिल है।

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SunnyDecember 7, 2018
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Stock Market Live Update: Exit Polls के पहले निवेशकों ने बेहद सतर्क रुख अपनाया है. दोपहर बाद मार्केट में कमजोरी देखी जा रही है. बता दें कि आज शाम को चुनावी नतीजों पर Exit Polls आएंगे. कारोबार में सेंसेक्स ऊपरी स्तरों से 150 अंक टूटकर 35383 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी भी 10600 के करीब बना हुआ है. कारोबार में आईटी शेयरों में कमजोरी है, वहीं एनर्जी शेयरों में तेजी दिख रही है. कोटक बैंक में आज 10 फीसदी तेजी है. एचसीएल टेक में 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट है. आज के टॉप गेनर्स में डॉ रेड्डी, सिप्ला, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस शामिल हें. वहीं टॉप लूजर्स में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, गेल, विप्रो और जेएसडबल्यू स्टील शामिल हैं. आज रुपया 34 पैसे मजबूत होकर 70.56 प्रति डॉलर पर खुला. वहीं सभी प्रमुख एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है.

दुनिया के सबसे बड़े निवेशक वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे भारत के प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा बैंक में 4 से 6 अरब डॉलर निवेश कर सकती है. Reuters के मुताबिक, बर्कशायर हैथवे प्रोमोटर्स की हिस्सेदारी या प्रीफ्रेंशियल अलॉटमेंट के जरिए बैंक में निवेश कर सकती है. इसी खबर का बैंक के शेयर पर आज जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है. कारोबार के दौरान कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर में 14 फीसदी तक तेजी आई. कारोबार में बैंक का शेयर 1345.35 रुपये के भाव तक पहुंचा, जबकि गुरूवार को यह 1181.50 रुपये के भाव पर बंद हुआ था.

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की निर्माण शाखा को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 2547 करोड़ रुपये के ठेके मिले हैं. एलएंडटी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है. कंपनी ने बंबई शेयर बाजार को बताया कि एलएंडटी के इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार को 2547 करोड़ रुपये के ठेके मिले हैं. अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर कारोबार को तंजानिया में 220 किलोवाट की ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण का काम मिला है. एलएंडटी ने कहा कि उसे अफ्रीका के उत्तरी क्षेत्र से दो ठेके और थाईलैंड में एक आॅर्डर मिला है. भारत में, एलएंडटी इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार को झारखंड में 132 किलोवाट सबस्टेशन एवं सहायक ट्रांसमिशन लाइन और पश्चिम बंगाल में 200 किलोवाट तथा 132 किलोवाट की ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण समेत कई ठेके मिले हैं.

Nifty Sectoral at 10:50 am

भारतीय आईटी फर्म HCL टेक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह IBM के कुछ चुनिंदा सॉफ्टवेयर उत्पादों के कारोबार को 180 करोड़ डॉलर में खरीदेगी. करीब 12700 करोड़ रुपये की यह डील पूरा कैश हुआ है. एचसीएल टेक ने अपने बयान में कहा है कि सभी उपयुक्त नियामक समीक्षाओं के पूरे होने की स्थिति में यह सौदा 2019 के मध्य तक पूरा होने की संभावना है. नियामक प्राधिकार को दी गई जानकारी में एचसीएल ने बताया कि सौदे में 7 उत्पाद शामिल हैं. इनका कुल बाजार मूल्य 5000 करोड़ डॉलर से ज्यादा है.

S&P BSE SENSEX at 9:40 am

शुक्रवार के कारोबार में रुपये में अच्छी रिकवरी दिख रही है. कारोबार के दौरान रुपया 34 पैसे मजबूत होकर 70.56 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा है. इसके पहले गुरूवार को रुपया 70.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. गुरूवार को रुपये में 44 पैसे कमजोरी देखी गई थी. शेयर बाजार में बड़ी गिरावट से भी रुपये को लेकर सेंटीमेंट बिगड़ गए. कारोबार के दौरान रुपया 71.14 प्रति डॉलर तक कमजोर हुआ था.

प्रमुख अमेरिकी बाजारों के निगेटिव जोन में बंद होने के बाद आज एशियाई बाजारों में तेजी है. सभी प्रमुख एशियाई बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं. निक्केई 225 में 0.48 फीसदी और स्ट्रेट टाइम्स में 0.36 फीसदी की तेजी है. हैंगशैंग में 0.28 फीसदी, ताइवान वेटेड में 0.71 फीसदी, कोस्पी में 0.14 फीसदी, शंघाई कंपोजिट में 0.08 फीसदी और एसजीएक्स निफ्टी में 0.57 फीसदी की तेजी दिख रही है. गुरूवार को नैसडैक में 0.41 फीसदी और डाउ जोंस में 0.32 फीसदी की गिरावट रही है.

गुरूवार को रही थी गिरावट: गुरूवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज हुई थी. सेंसेक्स 572 अंक टूटकर 35312 के स्तर पर और निफ्टी 10601 के स्तर पर बंद हुआ. बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ने में कई फैक्टर हावी रहे. अगले हफ्ते 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैं, जिससे निवेशक सतर्क दिखे. इसके अलावा क्रूड मार्केट में वोलैटिलिटी, रुपये में कमजोरी और ग्लोबल सेल आॅफ भी गिरावट की बड़ी वजह साबित हुई. इस गिरावट में निवेशकों के 2.26 लाख करोड़ डूब गए. बुधवार को बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 142.12 लाख करोड़ रुपये के करीब था. जो आज घटकर 139.87 लाख करोड़ रह गया.

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SunnyDecember 6, 2018
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2min130

हाइलाइट्स

  • विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले शेयर बाजारों में हाहाकार
  • रुपये में भी कमजोरी, लगातार तीसरे दिन बाजार में गिरावट
  • RBI के ताजा कदमों का भी मार्केट मूड पर पॉजिटिव असर नहीं
  • गुरुवार को NSE में 1.69% और सेंसेक्स में 1.59% की गिरावट
नई दिल्ली

विधानसभा चुनावों के नतीजों से जुड़ी अनिश्चितताओं और रुपये में कमजोरी की वजह से शेयर बाजारों में खलबली मची हुई है। RBI के पॉलिसी ऐक्शन का भी शेयर बाजारों पर कोई सकारात्मक असर नहीं दिख रहा है। गुरुवार को लगातार तीसरे दिन बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। कमजोर रुपया और वैश्विक अर्थव्यवस्था के संकेतों के बीच बीएसई का सेंसेक्स 550 से ज्यादा अंक टूटकर बंद हुआ।

गुरुवार को 30 शेयरों वाला BSE इंडेक्स 572.28 अंक नीचे गिरकर 35,312.13 पर जबकि NSE फिफ्टी 181.75 अंक गिरकर 10,601.15 पर बंद हुआ। गौर करने वाली बात यह है कि NSE 50 में गुरुवार को 1.69 फीसदी जबकि सेंसेक्स में 1.59 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण हो जाता है कि आखिर बाजार के रुख को प्रभावित करने वाले कुछ बड़े कारण कौन से हैं।

एशियाई बाजारों का कमजोर रुख

वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण एशियाई बाजारों में जबर्दस्त गिरावट देखी जा रही है। हॉन्ग कॉन्ग के हेंग सेंग, जापान के निक्केई और चीन के शंघाई बाजारों में गुरुवार को करीब 2.75 फीसदी की गिरावट देखी गई। उधर, हुवावे की मुख्य वित्त अधिकारी मेंग वानझोउ को कनाडा में गिरफ्तार किए जाने और अमेरिका प्रत्यर्पण की खबरों के बीच टेक्नॉलजी के शेयरों के गिरने से चीन और हॉन्ग कॉन्ग के बाजारों पर काफी असर पड़ा।

वित्त, धातु और तेल

रिजर्व बैंक ने कहा है कि वह MCLR की जगह रीटेल लोन्स को एक्सटर्नल बेंचमार्क्स से लिंक करेगा। इसके बाद बैंकिंग स्टॉक्स पर दबाव बढ़ गया। उधर, OPEC की अहम बैठक से पहले मेटल और ऑइल के शेयर नीचे आ गए। गुरुवार को मार्केट का मूड सुबह से ही डाउन था। आलम यह था कि सुबह 10.30 बजे ही ICICI बैंक, यस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक और HDFC बैंक के शेयर करीब 2 फीसदी नीचे आ गए।

रुपये में फिर गिरावट

रुपये में कुछ तेजी देखी जा रही थी लेकिन यह एक बार फिर 54 पैसे कमजोर हो गया और गुरुवार को शुरुआती कारोबार में ही 1 डॉलर में 71 रुपये के आंकड़े को छू गया। वहीं, रेटिंग एजेंसी फिच ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया। इसका भी बाजार के मूड पर असर हुआ। एजेंसी ने यह भी कहा है कि 2019 के आखिर में रुपया कमजोर होकर 75 प्रति डॉलर पर आ सकता है। आपको बता दें कि ज्यादा लागत और ऋण उपलब्धता में कमी के चलते फिच ने अनुमान घटाया है।

बिकवाली का मूड

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) के द्वारा लगातार बिकवाली के चलते भी मार्केट के मूड पर असर पड़ा है। नेट बेसिस पर देखें, तो बुधवार को FPIs ने 357.82 करोड़ रुपये की कीमत के शेयर बेचे जबकि DIIs की तरफ से 791.59 करोड़ की बिकवाली की गई।

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SunnyDecember 6, 2018
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2min110

stock market live update: शेयर बाजार की हर खबर का अपडेट

शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट दर्ज हुई है. सेंसेक्स 572 अंक टूटकर 35312 के स्तर पर आ गया. वहीं निफ्टी 10601 के स्तर पर बंद हुआ. आज लगातार तीसरे दिन बाजार में गिरावट दर्ज हुई है, जबकि इसके पहले लगातार 6 दिन बाजार में बढ़त थी. फिलहाल एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ने में कई फैक्टर हावी रहे. अगले हफ्ते 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैं, जिससे निवेशक सतर्क दिखे. इसके अलावा क्रूड मार्केट में वोलैटिलिटी, रुपये में कमजोरी और ग्लोबल सेल आॅफ भी गिरावट की बड़ी वजह साबित हुई है.

इस गिरावट में आज निवेशकों के 2.26 लाख करोड़ डूब गए. बुधवार को बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 142.12 लाख करोड़ रुपये के करीब था. जो आज घटकर 139.87 लाख करोड़ रह गया.

बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजहें

ग्लोबल बाजारों में बड़ी गिरावट

OPEC मीटिंग में आने वाले नतीजे के पहले दुनियाभर के बाजारों में बड़ी गिरावट रही. यूएस के दोनों प्रमुख बाजार नैसडैक औरा डाउ जोंस 3 फीसदी से ज्यादा कमजोर होकर बंद हुए. वहीं, एशिया के प्रमुख बाजारों में भारी बिकवाली रही. इसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखा.

OPEC मीटिंग

क्रूड की घटती कीमतों को देखते हुए 6 दिसंबर यानी आज से OPEC देशों की मीटिंग शुरू हुई, जिसमें प्रोडक्शन घटाने पर फैसला लिया जा सकता है. हालांकि यूएएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने OPEC देशों से प्रोडक्शन न घटाने के लिए कहा है. फिलहाल मीटिंग में आने वाले नतीजों से पहले क्रूड मार्केट में वोलैटिलिटी हावी हो गई है. इस बीच सउदी रब की ओर से बयान भी आया है कि उनके पास सभ्ज्ञी तरह के विकल्प खुले हैं.

स्टेट इलेक्शन

11 दिसंबर को 5 राज्यों में चुनाव के नतीजे आने हैं. इनमें मध्य प्रदेश, छत्तसगढ़, राजस्थाना, तेलंगाना और मिजोरम शामिल हैं. खासतौर से मध्य प्रदेश के चुनाव नतीजे बेहतद अहम माने जा रहे हैं और यहां बीजेपी की जात या हार, जीत या हार का अंतर बड़ा मायने रखता है. इसे आम चुनाव के पहले सेमीफाइनल के तौर पर माना जाता है. इससे राजनैतिक अस्थिरता को लेकर भी सेंटीमेंट बन सकता है.

रुपया 71 के पार

आज के कारोबार में रुपया जहां 33 पैसे कमजोर होकर 70.79 प्रति डॉलर पर खुला. वहीं कारोबार में यह 71 डॉलर के स्तर तक कमजोर हो गया. इससे भी मार्केट के लिए निगेटिव संकेत गया.

Nifty IT Index at 2:44 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ओपेक से आग्रह के बाद तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है. ट्रम्प ने एक बार फिर ओपेक देशों को तेल की आपूर्ति नहीं घटाने का आग्रह किया है. ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, “उम्मीद है कि ओपेक तेल की आपूर्ति करना जारी रखेगा और इसे सीमित नहीं करेगा. विश्व तेल की ऊंची कीमतें नहीं चाहता.” लंदन आईसीई फ्यूचर्स एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.52 डॉलर की गिरावट के साथ 61.56 डॉलर प्रति बैरल है. ट्रम्प का यह बयान वियना में ओपेक की बैठक से एक दिन पहले आया है.

Nifty Sectoral at 9:44 am
S&P BSE SENSEX at 9:40 am

गुरूवार को रुपये में कमजोरी दिख रही है. आज के कारोबार में रुपया 33 पैसे कमजोर होकर 70.79 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला. इसके पहले आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी द्वारा दरें न बढ़ाए जाने के बाद रुपया संभला था और बुधवार के यह 70.46 प्रति डॉलर पर बुद हुआ था.

ग्लोबल बाजारों की बात करें तो अमेरिकी और यूरोपीय प्रमुख बाजारों के गिरावट पर बंद होने के बाद आज एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट दिख रही है. कनाडा अथॉरिटी द्वारा चीन के टेक जियांट हुवेई टेक्नोलॉजी के टॉप एग्जीक्यूटिव को गिरफ्तार किए जाने से सेंटीमेंट खराब हुए हैं. निक्केई 225 में 2 फीसदी, स्ट्रेट टाइम्स में 1.41 फीसदी, हैंगशैंग में 2.61 फीसदी और ताइवान वेटेड में 2.28 फीसदी गिरावट है. वहीं, कोस्पी में 1.35 फीसदी, शंघाई कंपोजिट में 1.43 फीसदी और एसजीएक्स निफ्टी में 0.93 फीसदी गिरावट है. इसके पहले अमेरिकी बाजार नैसडैक 3.95 फीसदी और डाउ जोंस 3.10 फीसदी गिरकर बंद हुए. यूरोप के तीनों प्रमुख बाजारों में गिरावट रही.

क्रूड प्रोडक्शन पर आज ओपेक देशों की अहम बैठक है. पिछले दिनों क्रूड की सरप्लस स्थिति होने की बजह से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट आई. जिसके बाद से ओपेक देशों की ओर से फिर क्रूड प्रोडक्शन सीमित किए जाने के संकेत मिलने लगे. हालांकि अमेरिका ने ओपेक देशों से क्रूड प्रोडक्शन बनाए रखने को कहा है. अमेरिका का कहना है कि दुनिया अभी क्रूड की महंगी कीमत झेलने को तैयार नहीं है.

बुधवार को रही थी गिरावट: बुधवार को RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने अहम फैसला लेते हुए ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव न करने का निर्णय लिया. RBI के इस फैसले से शेयर बाजार को निराशा हुई. कारोबार के अंत में सेंसेक्स करीब 250 अंक टूटकर 35884 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी भी 85 अंक टूटकर 10785 के स्तर पर बंद हुआ. कारोबार में मेटल, फार्मा और आॅटो शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही है. निफ्टी पर आईटी को छोड़कर सभी 10 इंडेक्स गिरावट पर बंद हुए.

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SunnyDecember 5, 2018
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2min160

मुंबई

अमेरिका चीन के बीच व्यापार विवाद फिर उभरने की चिंता के मद्देनजर, बुधवार को बाजार में जोरदार बिकवाली देखी गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बुधवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति घोषणा के बीच शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई का 31 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 249.90 अंक या 0.69 फीसदी की गिरावट के साथ 35,884.41 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 84.55 अंक या 0.74 फीसदी की गिरावट के साथ 10,784.95 पर बंद हुआ। रिजर्व बैंक ने अपेक्षा के अनुरूप रीपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।

बीएसई की पांच कंपनियों के शेयरों में लिवाली, जबकि 26 कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दर्ज की गई। वहीं, एनएसई पर 10 कंपनियों के शेयर हरे निशान में, जबकि 40 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर बंद हुए। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 36,048.65 अंकों का ऊपरी स्तर, तो 35,777.81 अंकों का निचला स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी ने 0,821.05 का ऊपरी स्तर, तो 10,747.95 का निचला स्तर छुआ।

बीएसई पर हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में 2.07 फीसदी, एचडीएफसी में 1.75 फीसदी, एचडीएफसी बैंक में 0.51 फीसदी, विप्रो में 0.40 फीसदी, रिलायंस में 0.29 फीसदी तो अडानी पोटर्स में 0.12 फीसदी की तेजी देखी गई। वहीं, सन फार्मा के शेयरों में 6.59 फीसदी, टाटा स्टील में 4.27 फीसदी, टाटा मोटर्स डीवीआर में 3.85 फीसदी, वेदांता लिमिटेड में 3.74 फीसदी, तो टाटा मोटर्स के शेयरों में 3.70 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, एनएसई पर हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में 2.45 फीसदी, एचडीएफसी में 1.60 फीसदी, इंफ्राटेल में 1.24 फीसदी, एचसीएल टेक में 0.95 फीसदी, तो एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 0.84 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। वहीं, सन फार्मा के शेयरों में 5.80 फीसदी, हिंडाल्को में 5.19 फीसदी, टाटा स्टील में 4.03 फीसदी, इंडियाबुल हाउजिंग फाइनैंस में 3.94 फीसदी तो वेदांता लिमिटेड के शेयरों में 3.93 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई। सेंसेक्स 98.66 अंक (0.27%) की गिरावट के साथ 36,035.65 पर खुला, जबकि निफ्टी 49.05 अंक (0.45%) कमजोर होकर 10,820.45 पर खुला।

आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने तीन दिवसीय समीक्षा बैठक में रीपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ की दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है। वहीं, चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) के दौरान मंहगाई दर 2.7 से 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

अंतर बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में दिन में कारोबार के दौरान रुपया 11 पैसे के नुकसान से 70.60 रुपये प्रति डॉलर पर चल रहा था। अमेरिका, चीन के बीच व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता से वैश्विक निवेशकों की धारणा भी कमजोर हुई। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप तथा चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच जी-20 शिखर बैठक के दौरान इस विवाद को हल करने पर सहमति बनी थी।

ट्रंप ने कहा है कि व्यापार वार्ता के आगे विस्तार की संभावना है। ट्रंप ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘चीन के साथ वार्ता शुरू हो चुकी है। यदि इसे और आगे नहीं बढ़ाया जाता है तो यह 90 दिन में समाप्त हो जाएगी।’

इस बीच, शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मंगलवार को 55.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 521.38 करोड़ रुपये की बिकवाली की।

(भाषा से इनपुट के साथ)

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SunnyDecember 5, 2018
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2min110

Stock Market Live Update: RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के अहम निर्णय से पहले बाजार में निवेशक सतर्क दिख रहे हैं.  ग्लोबल बाजारों में तेज गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजार पर भी दबाव दिख रहा है. कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा टूटकर 35930 के आस-पास कारोबार कर रहा है. वहीं, निफ्टी भी 10800 के करीब कारोबार कर रहा है. आज के कारोबार में मेटल और आॅटो शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट है. निफ्टी पर सभी 11 इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. टाटा मोटर्स और हिंडाल्को में आज 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट है. वहीं, इंफ्राटेल और एशियन पेंट्स में 1 फीसदी के करीब तेजी है. टेक महिंद्रा, इंफ्राटेल, HCL टेक, HUL और विप्रो आज के टॉप गेनर्स में हैं. वहीं, हिंडाल्को, TATA मोटर्स, ग्रैसिम, TATA स्टील और वेदांता लिमिटेड टॉप लूजर्स में शामिल हैं. प्रमुख एशियाई बाजारों में गिरावट है. वहीं, रुपया भी 20 पैसा कमजोर होकर 70.66 प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है.

कंस्ट्रक्शन कंपनी L&T को बुधवार को 2106 करोड़ रुपये के नए आॅर्डर मिले हैं. कंपनी के वाटर एंड एफलुएंट ट्रीटमेंट बिजनेस को 1954 करोड़ और L&T Geo स्ट्रक्चर बिजनेस को 152 करोड़ रुपये का आॅर्डर मिला है. कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को यह जानकारी दी है.

Nifty Sectoral at 9:50 am
S&P BSE SENSEX at 9:50 am

बुधवार के कारोबार में रुपया 15 पैसे कमजोर होकर 70.64 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला. वहीं, कारोबार के दौरान यह 20 पैसे तक कमजोर होेकर 70.69 प्रति डॉलर तक पहुंच गया. मंगलवार को रुपया 70.49 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. करंसी डीलर्स के अनुसार आयातकों की ओर से डॉलर की डिमांड आने से रुपये पर दबाव रहा. इसके अलावा, निवेशकों ने आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजे आने से पहले सतर्क रुख अपनाया है. विदेशी पूंजी निकासी के बीच घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली से भी रुपये पर दबाव रहा.

आज के कारोबार में सभी प्रमुख एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. निक्केई 225 में 0.74 फीसदी गिरावट है. वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 1.05 फीसदी, हैंगशेंग में 1.57 फीसदी, ताइवान वेटेड में 1.59 फीसदी, कोस्पी में 0.56 फीसदी, शंघाई कंपोजिट में 0.21 फीसदी और एसजीएक्स निफ्टी में 0.77 फीसदी गिरावट है. मंगलवार को प्रमुख एशियाई बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. नैसडैक 3.95 फीसदी और डाउ जोंस 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए. वहीं, तीनों प्रमुख यूरोपीय बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे.

मंगलवार को रही थी गिरावट: मंगलवार को Sensex 107 अंक गिरकर 36134 पर बंद हुआ. Nifty में भी 14 अंकों की गिरावट देखी गई और 10869 अंकों पर बंद हुआ. मंगलवार के कारोबार में भारत पेट्रोलियम, ओएनजीसी, UPL, इंडियाबुल्स और इंडियन ऑइल के कारोबार में तेजी देखी गई और सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, Grasim, HDFC और SBI के कारोबार में कमजोरी देखी गई.

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SunnyDecember 4, 2018
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मुंबई:  

Stock Market Live : शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए. आज सेंसेक्‍स 107 अंकों की गिरावट के साथ 36134 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 14 अंक कमजोर होकर 10869 पर आ गया. आज गिरावट का आलम यह रहा कि IT सेक्‍टर को छोड़कर सभी सेक्टर्स में बिकवाली हावी रही. वहीं रुपए में भी आज कमजोरी रही. डॉलर के मुकाबल रुपया 19 पैसे कमजोर होकर शाम को 70.64 रुपये के स्‍तर पर बंद हुआ.

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बड़े शेयरों में रही गिरावट
स्‍टॉक मार्केट में कमजोरी की बड़ी वजह ब्लूचिप स्टॉक्स में गिरावट रही. रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई सहित अधिकांश हैवीवेट शेयरों में 0.50 फीसदी से 2 फीसदी के बीच गिरावट दर्ज की गई.

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IT स्टॉक्स में हुई खरीदारी
गिरावट के ट्रेंड के बीच इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर के स्टॉक्स में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. विप्रो में 1.89 फीसदी, इन्फोसिस में 1.89 फीसदी, एचसीएल टेक में 1.85 फीसदी, टेक महिंद्रा में 1.45 फीसदी, टीसीएस में 1.38 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई.

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SunnyDecember 4, 2018
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शुरूआती कारोबार में ओएनजीसी, सन फार्मा, टाटा मोटर्स आदि के कारोबार में तेजी देखी जा रही है.

Stock Market Live: मंगलवार को Sensex 107 अंक गिरकर 36134 पर बंद हुआ. Nifty में भी 14 अंकों की गिरावट देखी गई और 10869 अंकों पर बंद हुआ.

अधिकतर एशियाई मार्केट के लाल निशान में खुलने के बाद भारतीय बाजार भी गिरावट के साथ खुले.

मंगलवार के कारोबार में भारत पेट्रोलियम, ओएनजीसी, UPL, इंडियाबुल्स और इंडियन ऑइल के कारोबार में तेजी देखी गई और सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, Grasim, HDFC और SBI के कारोबार में कमजोरी देखी गई.

मंगलवार को भारतीय रुपया सोमवार के मुकाबले 70.49 रुपये प्रति डॉलर पर खुला.

इससे पहले बाजारों में सोमवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा था. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये में कमजोरी और GDP आंकड़े नीचे आने के बाद भी शेयर बाजार लाभ में रहे. बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 47 अंक की मामूली बढ़त के साथ 36,241 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सात अंक के लाभ से 10,883.75 अंक पर बंद हुआ. अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में सोमवार को कारोबार के दौरान रुपया 73 पैसे की भारी गिरावट के साथ 70.31 प्रति डॉलर पर चल रहा था.

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