Jobs & Employment Archives - Page 2 of 12 - earn money online hindi news: Sunnywebmoney.com

SunnyNovember 15, 2018
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हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) के युग में जी रहे हैं, जो हमें अत्यधिक प्रसंस्करण शक्ति, भंडारण क्षमता, और जानकारी तक पहुंच प्रदान करता है। प्रौद्योगिकी के विकास ने सबसे पहले हमें कताई का चरखा, फिर बिजली और तीसरे औद्योगिक क्रांति में कंप्यूटर दिया। वर्ष 2016 में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम ने एआई को ‘चौथी औद्योगिक क्रांति’ बताया, जिसने हमारे जीने, काम करने और एक दूसरे के साथ संपर्क करने के तरीके को मूल रूप से बदल दिया। हालांकि इसने हमें डाटा स्वामित्व और श्रम संरक्षण जैसी नियामक चुनौतियां भी दी हैं।

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खास तौर से स्वचालन (ऑटोमेशन) रोजगार और मजदूरी के स्तर को प्रभावित करता है। प्रौद्योगिकी और रोजगार पर ऑक्सफोर्ड मार्टिन कार्यक्रम के 2013 का एक अध्ययन बताता है कि 2000 से मात्र 0.5 फीसदी नए रोजगार का ही सृजन हुआ है, जो पहले नहीं था। यह जी-7 देशों के 17.3 करोड़ रोजगार के विपरीत है, जो अगले आठ साल में स्वचालन का शिकार हो जाएगा। दुनिया भर में 702 पेशेवरों की जांच के बाद ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर कार्ल फ्रे और माइकल ओसबोर्न का अध्ययन बताता है कि मंझोले कौशल से संबंधित नौकरियां अगले कुछ वर्षों में स्वचालित हो जाएंगी। नतीजतन, वे तर्क देते हैं कि भारत, जिसमें 65 प्रतिशत वैश्विक आईटी विदेशी काम है और 40 प्रतिशत वैश्विक व्यापार प्रसंस्करण का काम है, के पास 2030 तक औपचारिक रोजगार में 69 फीसदी नौकरियां स्वचालित हो जाएंगी। इस संदर्भ में हम वृहत (मैक्रो) और सूक्ष्म (माइक्रो) स्तर पर भारत में ऑटोमेशन के प्रभाव और उभरती श्रम नीतियों के सवालों की जांच करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के अनुसार, भारत में औपचारिक रोजगार का 60 फीसदी क्लैरिकल, सेल्स, सर्विस, कुशल कृषि व्यापार से संबंधित कार्य है, और इन सभी को स्वचालन का खतरा है। इसलिए वृहत स्तर पर स्वचालन का पूरी अर्थव्यवस्था पर और सूक्ष्म स्तर पर श्रमिकों के लिए कार्यस्थल स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है। स्वचालन से तीन प्रमुख परिवर्तन होंगे-कौशल मांग में बदलाव, कार्यबल की पुनर्तैनाती में लैंगिक असमानता और कंपनियों का पुनर्गठन।

नतीजतन कुछ नौकरियों में काम आैर जीवन में संतुलन बेहतर होगा, जबकि कुछ नौकरियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। मसलन, कॉल सेंटर, रिटेल और प्रशासन से जुड़ी नौकरियां सिमट जाएंगी, जिनमें अभी मुख्य रूप से महिलाएं काम करती हैं। जबकि डाटा क्लीन-अप और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण मुख्य रूप से पुरुषों द्वारा किया जाता है, जिनकी काफी मांग होगी। इससे परिवर्तन का एक लैंगिक पहलू सामने आ रहा है। अंततः स्वचालन और श्रमिकों की पुनर्तैनाती कंपनियों के साझा प्लेटफॉर्म के जरिये होगी, जहां किसी भी स्थान से श्रमिकों की भर्ती की जा सकेगी। यह अल्पावधि में कंपनी और कार्यबल की रणनीति के बीच मतभेद का कारण बनेगा।

माइक्रो स्तर पर ऑटोमेशन कार्य का मतलब बदल देगा। नौकरियों को तेजी से अनियमित कार्यों के सेट के रूप में वर्णित किया जाएगा। स्वतंत्र श्रमिक विशिष्ट मजदूरी दरों के लिए कार्यों का पोर्टफोलियो प्रदर्शन करेंगे। कार्यस्थल पर निरीक्षण के पदानुक्रम को दूरस्थ टीमों के सहयोग और वितरण के जरिये बदल दिया जाएगा। इससे कामगारों में काम करने की इच्छा घटेगी और आपसी संवाद भी कम होगा। नतीजतन न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक लाभ, सामूहिक सौदेबाजी जैसी नियोक्ता जिम्मेदारियों में भारी कमी आएगी।
 
श्रम नीति में तीन प्रमुख क्षेत्र हैं, जिन पर आनेवाले वर्षों में ध्यान देने की जरूरत है-श्रमिकों को कौशलयुक्त बनाना, अल्पावधि में सामाजिक नीति पर पुनर्विचार और लंबी अवधि में केयर इकोनॉमी जैसे नए क्षेत्रों की रोजगार संभावना की पुन: जांच करना। स्वचालन में मौजूदा श्रमिकों को फिर से प्रशिक्षित करना, दूसरों को नए कार्यों में पुन: नियोजित करना और विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों को संभावित श्रमिकों के रूप में नए कौशल से लैस करना शामिल है।

एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए 2017 आईडीसी कॉग्निटिव यूजर एडोप्शन सर्वे बताता है कि 70 प्रतिशत भारतीय कंपनियां एआई का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण में अतिरिक्त निवेश करने की योजना बना रही हैं। इसके अलावा, 'स्मार्ट' काम और विशिष्ट कौशल की मांग विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण को फिर से तैयार करने तथ राज्यों को नौकरी के बाजार में संक्रमण की सुविधा के लिए प्रोत्साहित करेगी।

दूसरा, कामकाजी लोगों की आबादी, सेवानिवृत्ति, और व्यक्तिगत जीवन योजनाओं पर पुनर्विचार करने की तत्काल आवश्यकता है। तीसरा, विनिर्माण और उद्योगों के बाहर नए क्षेत्रों को देखने की तत्काल आवश्यकता है, जिनके पास स्वचालन के युग में भुगतान वाला रोजगार पैदा करने की क्षमता है। नई राष्ट्रीय औद्योगिक नीति (2018) पेश करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने इसे रेखांकित किया था। केयर इकोनॉमी एक ऐसा महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें रोजगार पैदा करने की अपार क्षमता है, इसकी पुष्टि आईएलओ की रिपोर्ट में भी की गई है। इस रिपोर्ट का अनुमान है कि हर दिन दो घंटे अवैतनिक देखभाल संबंधी कार्य करने वाले लोग दो अरब लोगों के आठ घंटे के बराबर श्रम करते हैं। रिपोर्ट में तर्क दिया गया है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उद्यमों में बढ़े निवेश के साथ, इस क्षेत्र में 2030 तक 26.9 करोड़ नौकरियां पैदा की जाएंगी। इससे खास तौर पर महिलाओं को फायदा होगा, जो वैश्विक स्तर पर वर्तमान अवैतनिक देखभाल कार्य का दो-तिहाई काम करती हैं।
 
भारतीय नीति निर्माताओं के सामने कृत्रिम बुद्धिमत्ता दार्शनिक, प्रौद्योगिकीय और नैतिक चुनौतियां पेश करती है। हालांकि, तकनीकी परिवर्तन के इस क्षण में, मानव निर्णय अल्पकालिक कठिनाइयों पर दीर्घकालिक चिंताओं को प्राथमिकता देने की मांग करता है। यह हमें पारंपरिक, रैखिक और गैर-विघटनकारी सोच से दूर रहने का संदेश देता है।

फ्रांसिस कुरियाकोस कैंब्रिज विश्वविद्यालय के कैंब्रिज डेवलपमेंट इनीशिएटिव के सलाहकार और दीपा अय्यर वहां की रिसर्च डायरेक्टर हैं।

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SunnyNovember 15, 2018
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देश में साइबर सिक्‍यॉरिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स और बिग डेटा जैसे स्‍पेशल फील्‍ड्स में 2027 तक 14 लाख नौकरियां उत्‍पन्‍न होंगी। Cisco द्वारा करवाई गई एक स्‍टडी में अच्‍छी खबर आई है

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

हाइलाइट्स

  • साइबर सिक्‍यॉरिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स और बिग डेटा जैसे स्‍पेशल फील्‍ड्स में 2027 तक 14 लाख नौकरियां
  • Cisco द्वारा करवाई गई है स्‍टडी, आईटी सेक्‍टर की जॉब्‍स में 46 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिलेगी
  • सोशल मीडिया एडमिनेस्ट्रेटर, मशीन लर्निंग डिजायनर और इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स डिजायनर की भारी डिमांड
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अब भी खाली पड़ी हैं 1.4 लाख जॉब्‍स, बिग डेटा ऐनालिटिक्‍स सेगमेंट में भी जरूरत

बेंगलुरु
इन्फ़र्मेशन टेक्नॉलजी के क्षेत्र में स्किल्‍ड एक्‍सपर्ट्स की बढ़ती डिमांड को देखते हुए एक स्‍टडी में बताया गया है कि 2027 तक इस क्षेत्र में देश में 14 लाख नई नौकरियों की संभावनाएं बनेंगी। देश में साइबर सिक्‍यॉरिटी, इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स और बिग डेटा जैसे स्‍पेशल फील्‍ड्स में 2027 तक 14 लाख नौकरियां उत्‍पन्‍न होंगी। Cisco द्वारा करवाई गई एक स्‍टडी में अच्‍छी खबर आई है।

इस स्‍टडी में बताया गया है कि आईटी सेक्‍टर की जॉब्‍स में 46 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिलेगी। स्किल्‍ड डिजिटल ट्रांसफ़र्मेशन के कारण ऐसा होने जा रहा है। आज की तारीख में कंपनियों को अच्‍छे स्‍मार्ट और आईटी दक्ष युवाओं की आवश्‍यकता अधिक है। ग्‍लोबल नेटवर्किंग पर नजर रखने वाली संस्‍था Cisco ने International Data Corporation (IDC)के साथ मिलकर यह स्‍टडी की है।

  

  • नौकरी बदलने का बन रहा है प्‍लान तो इन टिप्‍स से जरूर मिलेगी मदद

    बेरोजगारी के इस युग में नई नौकरी ढूंढ़ लेना आसान नहीं है। एक्सपर्ट इस बात को मानते हैं कि जॉब की तलाश करना जॉब करने से कहीं ज्यादा मुश्किल भरा काम है। कई बार तो टैलंट और अनुभव दोनों ही काम नहीं आते हैं। दरअसल, जॉब हंटिंग एक आर्ट है और इसे जान लेना बहुत जरूरी है। इससे आप आसानी से नई नौकरी तक का सफर तय कर सकते हैं…

  • नौकरी बदलने का बन रहा है प्‍लान तो इन टिप्‍स से जरूर मिलेगी मदद

    आपने लिंक्ड इन पर अकाउंट बनाया है और कई कंपनीज और इंडस्ट्री लीडर्स के साथ जुड़े हुए हैं, तो यह फायदेमंद होता है। लेकिन क्या आप फेसबुक और ट्विटर का इस्तेमाल नई नौकरी ढूंढने में करते हैं, तो जान लें कि फेसबुक पर कई ऑर्गनाइजेशन वेकन्‍सी के बारे में जानकारी देती हैं। आप अपने फील्ड के लोगों से भी कनेक्ट हो सकते हैं। जिन कंपनियों में आप जॉब करना चाहते हैं उनके ट्विटर अकाउंट्स फॉलो करें।

  • नौकरी बदलने का बन रहा है प्‍लान तो इन टिप्‍स से जरूर मिलेगी मदद

    आप सोचते हैं कि एक रेज्युमे से काम चला लेंगे, तो आप गलत हैं। याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं, जो किसी जॉब के लिए अप्लाई कर रहे हैं। आपको जॉब चाहिए, तो कई फॉर्मेट में रेज्युमे बनाएं। आप अपने रेज्युमे में कुछ ऐसे प्रयोग भी कर सकते हैं जिससे कि एंप्लायर का ध्यान आपकी तरफ जाए। कई फॉर्मेट में रेज्युमे बनाने के अलावा यह भी महत्वपूर्ण है कि आप सीवी की स्टाइल में थोड़ी क्रिएटिविटी दिखाएं।

  • नौकरी बदलने का बन रहा है प्‍लान तो इन टिप्‍स से जरूर मिलेगी मदद

    अक्सर ऐसा होता है कि कई कंपनियां वेकंसी नहीं निकालती है, जबकि उनको नए लोगों की तलाश रहती है। अपनी जॉब सर्च के लिए आप वेकन्‍सी निकलने पर निर्भर न रहें। अगर संभव हो तो किसी कंपनी में काम करने वाले लोगों से बात करते रहें और नियमित तौर पर वहां नौकरी की संभावनाओं के बारे में पूछते रहें। इससे आपको निश्चित तौर पर फायदा होगा और आप मनचाही जॉब हासिल कर सकेंगे।

  • नौकरी बदलने का बन रहा है प्‍लान तो इन टिप्‍स से जरूर मिलेगी मदद

    हममे से अधिकतर लोग इस स्ट्रैटजी को फॉलो नहीं करते हैं। हम अक्सर कंपनी की जगह जॉब प्रोफाइल को तरजीह देते हैं। लेकिन फायदा इसमें ज्यादा है कि मार्केट में अपनी पोजिशन बना चुकी कंपनियों को हम प्राथमिकता दें। बड़ी कंपनियों में वर्किंग कल्चर अच्छा होने के साथ ग्रोथ के चांसेज भी ज्यादा होते हैं। इसलिए आप इसका ध्यान रखें।



इस स्‍टडी में बताया गया है कि आने वाले सालों में भारत में सोशल मीडिया एडमिनेस्ट्रेटर, मशीन लर्निंग डिजायनर और इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स डिजायनर की जॉब रोल्‍स सबसे ज्‍यादा डिमांड में होंगी। स्‍टडी में बताया गया है, करीब 89 फीसदी रिपोर्टिंग मैनेजर अपने योग्‍य सबऑर्डिनेट्स पर सबसे ज्‍यादा भरोसा करते हैं। इन सबको देखते हुए अब आईटी कंपनियों को इंडस्‍ट्री की डिमांड पूरी करने में कठिनाई होगी। इस तरह वह अधिक से अधिक लोगों को हायर करेंगी।

इससे पहले जुलाई में आई Nasscom की रिपोर्ट में बताया गया था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी 1.4 लाख जॉब्‍स अभी खाली पड़ी हैं। इसके अलावा बिग डेटा ऐनालिटिक्‍स सेगमेंट में भी देश के बड़े संस्‍थानों को अच्‍छे स्किल्‍ड युवाओं की तलाश है। इस तरह कुल मिलाकर 5.1 लाख नौकरियों की जगह है। माना जा रहा है कि इनमें 2021 तक 3.7 लाख नौकरियां भर जाएंगी।

 

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Web Title india is emerging 14 laks it jobs by 2027

(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)


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SunnyNovember 14, 2018
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Publish Date:Wed, 14 Nov 2018 06:48 PM (IST)

संस, मानसा : पंजाब सरकार के घर-घर रोजगार मुहिम के अंतर्गत बुधवार को तीसरे राज स्तरीय रोजगार मेले की शुरुआत सरकारी नेहरू मेमोरियल कॉलेज मानसा में हुई। जिसमें पहले दिन 16 कंपनियों ने शिरकत की। इस मेले में तकरीबन 429 बेरोजगार लड़के और लड़कियां जिले के अलग-अलग स्थानों से पहुचे, जिनमें से 391 लड़के लड़कियों ने इंटरव्यू दी और उनमें से 137 अलग -अलग कंपनियों में नौकरी के लिए चुने गए है।

इन में से 59 उम्मीदवार अलग-अलग कंपनिया द्वारा शार्टलिस्ट किये गए हैं और 23 उम्मीदवारों ने सवेरोजगार के लिए सहमति दी है।

अपने संबोधन में डीसी मानसा अपनीत रियात ने कहा कि समारोह में मानसा और आसपास के जिलों की कंपनियों की आमद हुई है, जोकि तकरीबन 700 के करीब अलग-अलग नौकरियों के लिए नौजवानों की चयन करेंगी। उन्होंने कहा कि इस मेले के प्रति नौजवानों में उत्साह देखने को मिल रहा है और उनको पूरी उम्मीद है कि अधिक से अधिक नौजवान लड़के लड़कियां यहां से नौकरियां प्राप्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि 17 नवंबर को भी इस मेले के दूसरे दिन कंपनियां आऐंगी और नौकरियों के लिए बच्चों की चयन करेंगी। इस मौके पर सहायक कमिश्नर (ज) नवदीप कुमार, पूर्व विधायक मंगत राय बांसल और एडीसी (ज) राजेश त्रिपाठी उपस्थित थे।

डीसी अपनीत रियात

Posted By: Jagran

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SunnyNovember 14, 2018
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  • Aries (मेष)

    मेष राशि वालों आज करियर में आगे बढ़ने का कोई अच्छा मौका आपको मिल सकता है।…Read more

  • Taurus (वृषभ)

    वृष राशि वालों अविवाहित लोगों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकते हैं। आज का दिन अच्छा बीतेगा।…Read more

  • Gemini (मिथुन)

    मिथुन राशि वालों आज के दिन आप व्यापार को विकसित करने की ओर अधिक ध्यान देंगे।…Read more

  • Cancer (कर्क)

    कर्क राशि वालों आज धनप्राप्ति का प्रबल योग है। आय के नए स्रोत बनेंगे। आज आपकी आमदनी भी बढ़ सकती है।…Read more

  • Leo (सिंह)

    सिंह राशि वालों आज आध्यात्मिक विचार और प्रवृत्तियों में दिनभर मन लगा रहेगा, फिर भी विद्यार्थियों के……Read more

  • Virgo (कन्या)

    कन्या राशि वालों को आय की अपेक्षा खर्च की मात्रा अधिक होगी। परिवार में शांतिदायी वातावरण रहेगा।…Read more

  • Libra (तुला)

    तुला राशि वालों आर्थिक स्तिथि मज़बूत होगी। विरोधियों की संख्या बढ़ सकती है। बिज़नेसमैन को कोई बड़ी……Read more

  • Scorpio (वृश्चिक)

    वृश्चिक राशि वालों आपके विदेश यात्रा के योग है। आप यदि विदेश से संबंधित कोई बिज़नेस करना चाहते हैं…Read more

  • Sagittarius (धनु)

    धनु राशि वालों आज आप सामाजिक काम में भाग लेंगे। बच्चे मौजमस्ती में अपना समय बिताएंगे।…Read more

  • Capricorn (मकर)

    मकर राशि वालों सफलता आपका इंतज़ार कर रही है। संतान के काम से आपका मन प्रसन्न रहेगा।…Read more

  • Aquarius (कुंभ)

    कुंभ राशि वालों आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी। खर्च कम होगा। विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत है,…Read more

  • Pisces (मीन)

    मीन राशि वालों आज आपको अपनी मेहनत का पूरा फल जरूर मिलेगा। आपका सकारात्मक रवैया आपको सफलता दिलाएगा।…Read more

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    SunnyNovember 14, 2018
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    देश में रोजगार नीति की सबसे बड़ी विडंबना है कि बीते एक दशक के दौरान देश में आर्थिक विकास की दर लगातार तेज हो रही है और रोजगार के आंकड़े गंभीर स्थिति में जा रहे है. जहां वैश्विक स्तर पर अर्थशास्त्री इसे जॉबलेस ग्रोथ कह रहे हैं, रोजगार की समस्या मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है.

    ऐसी स्थिति में ये सरकार की बेसब्री का नतीजा ही है कि हाल में दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दावा किया कि जब सड़क के किनारे युवा पकौड़े बेचकर 200 रुपये प्रतिदिन कमा रहा है तो इसे रोजगार सृजन कहने की जरूरत है.

    बहरहाल, बीते दो दशक के दौरान देश में नई नौकरियां पैदा करने में महारत साबित करने वाले आईटी कंपनी इंफोसिस के को-फाउंडर एन आर नारायणमूर्ति ने अगले दशक में नौकरी सृजन करने का मंत्र मोदी सरकार को दिया. ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में नारायणमूर्ति ने कहा कि मोदी सरकार को चाहिए कि वह देश में कारोबारी के लिए अच्छे दिन लाने के साथ-साथ दुनियाभर से कारोबारियों को निवेश लाने का काम करें.

    न नौकरी, न कोई रोजगार कार्यक्रम- क्या 2014 में चूक गई मोदी सरकार?

    नारायणमूर्ति ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच यदि देश की सरकार नौकरियों के सृजन को गंभीरता से लेना चाहती है तो उसे इन दो पक्षों पर इमानदारी से काम करने की जरूरत है.

    गौरतलब है कि बीते डेढ दशक के दौरान जहां अर्थव्यवस्था 7 फीसदी से अधिक की रफ्तार से आगे बढ़ रही है वहीं रोजगार के आंकड़े इस दौरान 2.87 फीसदी के दर से लुढ़ककर 1 फीसदी से भी कम के स्तर पर पहुंच गया है.

    पकौड़ा-पान पर खत्म हुआ मोदी सरकार का एक करोड़ नौकरियों का वादा

    जहां केन्द्र सरकार के लिए नारायणमूर्ति ने नौकरी सृजन का मूलमंत्र दिया वहीं देश के कारोबारियों से अपील की कि आने वाले दशक में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी के  लिए तैयार करने के लिए बेहद जरूरी है कि वह नए युग की टेक्नोल़ॉजी में निवेश और ट्रेनिंग को सबसे ज्यादा महत्व दें. नारायणमूर्ति ने दावा किया कि बीते डेढ दशक के दौरान इंफोसिस की सफलता का सबसे बड़ा राज यही है कि उसने युवाओं की ट्रेनिंग को सर्वाधिक महत्व दिया और मौजूदा समय में कंपनी के पास 14 हजार युवाओं को प्रतिदिन ट्रेनिंग देने की छमता मौजूद है.

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    SunnyNovember 13, 2018
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    2019 के लिए मोदी का गेमचेंजर प्‍लान: एक लाख करोड़ रुपये खर्च एक करोड़ नौकरियां देने का इंतजाम

    राष्ट्रीय रोजगार क्षेत्रों में 35 इंडस्ट्रियल क्लस्टर होंगे। इनमें खाद्य, सीमेंट, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा कपड़े, चमड़े, रत्न और आभूषण आदि शामिल होंगे।

    शिपिंग मंत्रालय ने मंजूरी के लिए व्यय वित्त समिति (ईएफसी) को नोट जारी कर दिया है जिसके बाद अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए कैबिनेट नोट जारी किया जाएगा।

    केंद्र सरकार अगले तीन साल में एक करोड़ युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां प्रदान करने के उद्देश्य से पूरे देश में मेगा राष्ट्रीय रोजगार क्षेत्र स्थापित करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की योजना तैयार कर रही है। इस प्रस्ताव को नीति आयोग के परामर्श से शिपिंग मंत्रालय द्वारा अंतिम आकार दिया जा रहा है। इसकी अगले साल आम चुनावों से पहले आने उम्मीद है, और यह सरकार को नौकरी के प्रति अपने वादे को पूरा करने में मदद कर सकता है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक रोजगार क्षेत्र में टैक्स हॉलिडेज, कैपिटल सब्सिडी और एकल-खिड़की निकासी जैसे राजकोषीय और गैर-राजकोषीय प्रोत्साहन होंगे, जो इन क्षेत्रों में विनिर्माण को स्थापित करने की इच्छुक कंपनियों द्वारा बनाई गई नौकरियों की संख्या से सीधे जुड़े हुए हैं। शिपिंग मंत्रालय ने विशेष उद्देश्य व्हीकल रूट के तहत तटीय राज्यों में 14 राष्ट्रीय रोजगार क्षेत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

    सूत्रों के मुताबिक “इन क्षेत्रों में 35 इंडस्ट्रियल क्लस्टर होंगे। इनमें खाद्य, सीमेंट, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा कपड़े, चमड़े, रत्न और आभूषण आदि शामिल होंगे। शिपिंग मंत्रालय ने मंजूरी के लिए व्यय वित्त समिति (ईएफसी) को नोट जारी कर दिया है जिसके बाद अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए कैबिनेट नोट जारी किया जाएगा।” शुरुआती अनुमान से पता चलता है कि इन क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जिसे केंद्र और राज्यों द्वारा साझा किया जाएगा, बाद में प्रत्येक राज्य में ऐसे क्षेत्रों को स्थापित करने के लिए कम से कम 2,000 एकड़ जमीन प्रदान की जाएगी।

    इसके अलावा, भारत बड़ी परियोजनाओं के लिए बहुपक्षीय एजेंसियों से वित्त पोषण मांग सकता है क्योंकि यह अनुमान है कि इन क्षेत्रों से 4 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित किया जा सकता है। इन रोजगार क्षेत्रों में आधारभूत संरचना की स्थिति इन क्षेत्रों में उद्योगों को आधार स्थापित करने और संचालन का विस्तार करने के लिए लंबे समय तक आसान वित्त प्राप्त करने में मदद करेगी।

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    SunnyNovember 12, 2018
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    Publish Date:Mon, 12 Nov 2018 06:11 PM (IST)

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर : हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भूपेंद्र राणा ने हरियाणा कांग्रेस के जनसंपर्क अभियान के तहत रादौर हलके के छह गांवों का दौरा किया।

    उन्होंने खजूरी, बैंडी, जगूड़ी, बकाना में जाकर कांग्रेस पार्टी की नीतियों को घर घर पहुंचाने का काम किया। प्रत्येक बूथ पर बूथ सहयोगी बनाने के बारे में भी ग्रामीणों से विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में प्रदेश का व्यापारी कर्मचारी किसान मजदूर सभी खुशहाल थे, परंतु भाजपा की प्रदेश की सरकार जन विरोधी सरकार है इस सरकार में कर्मचारी व्यापारी किसान मजदूर सभी तंग आ चुके हैं। युवा परेशान होकर इधर उधर भटक रहा है प्रदेश सरकार और देश की सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के वादे किए थे, परंतु इन सरकारों ने देश के युवाओं को रोजगार के नाम पर सिर्फ धोखा देने का ही काम किया है। इस मौके पर उनके साथ बलवान ¨सह चेयरमैन, मंगत राम जोगी, करण, धनीराम, अशोक कुमार, राकेश पंचाल, पवन प्रजापत, मदन जोगी, रोली राम पंडित, सहदेव शर्मा, अशोक धीमान, महेंद्र ¨सह, धरमवीर ¨सह सैनी, अमरजीत ¨सह, ओमप्रकाश उपस्थित थे।

    Posted By: Jagran

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    SunnyNovember 12, 2018
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    कांग्रेस ने रोजगार के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और राजस्थान राज्य की वसुंधरा राजे सरकार पर निशाना साधते हुए उन पर युवाओं से विश्वासघात करने का आरोप लगाया.

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘भाजपा सरकार ने नौकरियां खत्म कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो करोड़ रोजगार हर साल देने का झांसा देकर 2014 में सरकार बनाई थी. इसी प्रकार वसुंधरा राजे ने 15 लाख नौकरियां देने का वादा किया था. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री राजे ने देश और राजस्थान के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है.’

    एक सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘राजस्थान में बेरोजगारी की दर, राष्ट्रीय औसत दर की तुलना में दोगुनी है. बेरोजगारी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी वाले राज्यों में राजस्थान चौथे पायदान पर है.’ सुरजेवाला ने कहा कि राज्यों के लिहाज से सबसे अधिक बेरोजगारी त्रिपुरा में है जो भाजपा शासित है. दूसरे स्थान पर जम्मू कश्मीर व हरियाणा है.

    उन्होंने कहा, ‘अक्टूबर 2018 में देश में बेरोजगारी की दर 6.6 प्रतिशत रही जो बीते 20 साल में सबसे अधिक है. राजस्थान में यह दर उससे भी दोगुनी यानी 13.7 प्रतिशत है.’उन्होंने कहा कि रोजगार को लेकर सरकार का फर्जीवाड़ा कैग की रपट में पकड़ा गया.

    सुरजेवाला ने कहा, ‘नौकरी के नकली आंकड़े देकर मुख्यमंत्री जी बेरोजगारों के साथ क्रूर मजाक कर रही हैं. अपनी असफलता को छिपाने के लिए आंकड़ों की झूठी कारीगरी में जुटी है. पिछले पांच साल में 1.50 लाख लोगों को सरकारी नौकरी मिली. इनमें से 1.10 लाख नौकरियों के इश्तहार कांग्रेस की पिछली सरकार ने दिए थे. इसे कम कर दिया जाए तो सिर्फ 40000 का आंकड़ा बचता है.’

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    SunnyNovember 12, 2018

    3min110

    इनकम टैक्स से जुड़े इन शब्दों की फुलफॉर्म्स पूछी जाती हैं Govt Jobs के Exams में, जरूर याद करें

    Sunil Sharma |
    Publish: Nov, 12 2018 07:59:26 PM (IST)
    परीक्षा

    आजकल Govt Jobs के लिए आयोजित किए जाने वाले Competition Exams में कॉमर्स तथा बिजनेस से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे जाते हैं।

    आजकल Govt Jobs के लिए आयोजित किए जाने वाले Competition Exams में कॉमर्स तथा बिजनेस से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे जाते हैं। एग्जाम्स में बहुत बार शॉर्ट वर्ड्स की फुल फॉर्म्स भी पूछी जाती है। जानिए ऐसी ही कुछ टर्म्स के बारे में

    AIT – All Included Taxes
    ACIT-Additional Commissioner of Income Tax
    AMT – Alternate Minimum Tax
    APTC – Advanced Premium Tax Credit
    BPT – Built Property Tax
    BRT – Board of Revision of Taxes
    BTAC – Business Tax Advisory Committee
    BTAR – Business Tax Administrative Rules
    CARE – Communications, Assistance, Research & Education
    CBDT – Central Board of Direct tax
    DTB – Death Tax Benefit
    EBIAT – Earnings Before Interest After Taxes
    FTCS – Federal Tax Collection Service
    FTRO – Federal Tax Refund Offset
    IPT-Insurance Premium Tax
    IRTP – Internal Revenue Tax Paid
    LOB – Limitations on Benefits
    LPT – Local Property Tax
    OTR – Office of Tax and Revenue
    PBDT – Profit Before Depreciation and Tax
    PATI – Public Access Tax Information
    PIT – Principal Interest Taxes
    RCT-Rent Chargeable to Tax
    SBTR – State Board of Tax Review
    SDV-Stamp Duty Valuation
    STMS – Sales Tax Management Service


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    SunnyNovember 12, 2018
    NBT.jpg

    1min140

    जयपुर, 12 नवंबर (भाषा) कांग्रेस ने रोजगार के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और राजस्थान राज्य की वसुंधरा राजे सरकार पर निशाना साधते हुए उन पर युवाओं से विश्वासघात करने का आरोप लगाया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा सरकार ने नौकरियां खत्म कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो करोड़ रोजगार हर साल देने का झांसा देकर 2014 में सरकार बनाई थी। इसी प्रकार वसुंधरा राजे ने 15 लाख नौकरियां देने का वादा किया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री राजे ने देश और राजस्थान के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है।’’ एक सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान में बेरोजगारी की दर, राष्ट्रीय औसत दर की तुलना में दोगुनी है। बेरोजगारी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी वाले राज्यों में राजस्थान चौथे पायदान पर है।’’ सुरजेवाला ने कहा कि राज्यों के लिहाज से सबसे अधिक बेरोजगारी त्रिपुरा में है जो भाजपा शासित है। दूसरे स्थान पर जम्मू कश्मीर व हरियाणा है। उन्होंने कहा, ‘‘अक्टूबर 2018 में देश में बेरोजगारी की दर 6.6 प्रतिशत रही जो बीते 20 साल में सबसे अधिक है। राजस्थान में यह दर उससे भी दोगुनी यानी 13.7 प्रतिशत है।’’ सुरजेवाला ने कहा, ‘‘नौकरी के नकली आंकड़े देकर मुख्यमंत्री जी बेरोजगारों के साथ क्रूर मजाक कर रही हैं। अपनी असफलता को छिपाने के लिए आंकड़ों की झूठी कारीगरी में जुटी हैं। पिछले पांच साल में 1.50 लाख लोगों को सरकारी नौकरी मिली। इनमें से 1.10 लाख नौकरियों के इश्तहार कांग्रेस की पिछली सरकार ने दिए थे। इसे कम कर दिया जाए तो सिर्फ 40000 का आंकड़ा बचता है।’’ उन्होंने कहा कि रोजगार को लेकर सरकार का फर्जीवाड़ा कैग की रपट में पकड़ा गया।

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