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SunnyJanuary 3, 2019
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Publish Date:Wed, 02 Jan 2019 04:20 PM (IST)

संवाद सहयोगी, गुरदासपुर : एजुकेशन व‌र्ल्ड में नीट और जेईई के ड्रॉपर बैच चार जनवरी से शुरू किए जा रहे हैं। एजुकेशन व‌र्ल्ड की मैने¨जग पार्टनर सोनिया सच्चर ने बताया कि 12वीं पास कर चुके विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बैच शुरू किए जा रहे हैं। जेईई की परीक्षा अब अप्रैल और नीट की परीक्षा मई में ली जाएगी। संस्था में उच्च योग्यता प्राप्त और विषय विशेषज्ञ अध्यापक हैं। स्टडी मटीरियल भी विद्यार्थियों को दिया जाता है। पुराने पेपरों की भी तैयारी करवाई जाती है। रेगुलर टेस्ट और मॉक टेस्ट भी लिए जाते हैं। संस्था का हर साल जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं का परिणाम शानदार रहता है। संस्था में 11वीं,12वीं (मेडिकल, नॉन मेडिकल) 2019 के बैचों में भी दाखिला जारी है। पहले बैच में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को फीस में भारी छूट दी जाएगी।

Posted By: Jagran

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SunnyJanuary 1, 2019
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यूनिवर्सिटी से नॉन ऐफिलिऐटेड इंस्टिट्यूट अब ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) मोड पर मैनेजमेंट और कंप्यूटर ऐप्लिकेशन कोर्स चला सकेंगे। इसके लिए रेग्युलेशन बनाया जा रहा है।

ऐसे इंस्टिट्यूट जो किसी यूनिवर्सिटी से ऐफिलिऐटेड नहीं हैं वह भी ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) मोड पर मैनेजमेंट और कंप्यूटर ऐप्लिकेशन कोर्स ऑफर कर सकेंगे। इसके लिए एचआरडी मिनिस्ट्री के तहत आने वाली, ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) गाइडलाइन तैयार कर रही है। जिसे जल्द ही जारी करने की तैयारी है।

ऐसे इंस्टिट्यूट जो किसी यूनिवर्सिटी से जुड़े नहीं हैं उन्हें पहले यूजीसी के तहत रेग्युलेट किया जाता था। ऐसे इंस्टिट्यूट डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स ऑफर करते हैं और ज्यादार डिस्टेंस लर्निंग मोड पर। लेकिन जून 2017 में यूजीसी ने डिस्टेंस एजुकेशन के लिए जो रेग्युलेशन जारी किया उसमें स्टैंडअलोन (जो किसी यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड नहीं है) इंस्टिट्यूट को अप्रूवल देने का नियम हटा दिया गया। कुछ इंस्टिट्यूट के कोर्ट जाने के बाद यूजीसी ने एक और साल के लिए इसे आगे बढ़ा दिया। लेकिन अब एआईसीटीई इस तरह के स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूट के लिए रेग्युलेशन बना रहा है। रेग्युलेशन जारी होने के बाद ओडीएल मोड पर स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूट मैनेजमेंट, टूरिज्म और कंप्यूटर ऐप्लिकेशन में डिप्लोमा कोर्स करा सकेंगे। हालांकि इन्हें जरूरी शर्तें पूरी करनी होगी।

एचआरडी मिनिस्ट्री के अधिकारी के मुताबिक रेग्युलेशन में यह नियम बनाया जा रहा है कि स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूट को नैशनल बोर्ड ऑफ अक्रेडटैशन (एनबीए) से मान्यता लेनी जरूरी होगी। तय मानकों के हिसाब से स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूट का इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए और फैकल्टी की पूरी डिटेल देनी होगी। साथ ही उनके स्टडी सेंटर होना भी जरूरी होगा। जो पुराने स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूट हैं उन्हें रेग्युलेशन के हिसाब से शर्तें पूरी करने के लिए दो साल का वक्त दिया जाएगा और अगर वह तय समय में शर्तें पूरी नहीं करते हैं तो उन्हें अवैध घोषित किया जाएगा।

 

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Web Title now management and computer application course could be run without university affiliation

(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)


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SunnyDecember 31, 2018
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Publish Date:Sun, 30 Dec 2018 11:40 PM (IST)

एटा : प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने फिर से शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाए जाने के लिए अपनी आवाज बुलंद की है। शनिवार देर शाम को शांतिनगर स्थित सांसद आवास पहुंचकर संगठन के पदाधिकारियों ने सांसद राजवीर ¨सह राजू भैया को ज्ञापन सौंपा। वहीं सरकार के वायदों का भी स्मरण कराया।

संगठन मंडल अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने शिक्षामित्रों के समायोजन निरस्त होने के बाद हालातों से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश में 900 से ज्यादा शिक्षामित्रों की मृत्यु हो चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी कहा था कि होने वाली शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को प्राथमिकता देकर सहायक अध्यापक बनाया जाए। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने कोई भी राहत नहीं दी। जरूरी यह है कि उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनाई गई हाईपॉवर कमेटी के द्वारा भर्तियों में शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने के लिए कोई न कोई व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने मांग पत्र के अनुरूप कहा कि सभी शिक्षामित्रों को अध्यादेश लाकर पुन: सहायक अध्यापक के पद पर बहाल किया जाए।

मृतक शिक्षामित्रों के परिवार को मुआवजा व नौकरी प्रदान की जाए। प्रदेश में हो रही शिक्षक भर्ती से केवल शिक्षामित्रों को लिखित परीक्षा में छूट देकर बीएड धारकों को भर्ती से बाहर किया जाए। इस संबंध में सांसद से मांग की गई कि वह इस सत्र में मांगों को लेकर आदेश पारित कराएं, जिससे शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके। ज्ञापन देने के दौरान जिलाध्यक्ष मनोज यादव, ओमेंद्र कुशवाह, सुनील चौहान, मोहम्मद इशाक, हरीओम प्रजापति, एसके राजपूत, अनिल पलरा, विजय शाक्य, भूपेंद्र यादव, प्रदीप राना, राजेश यादव, अरुण कुमार, शीतला राजपूत, रेखा, अनीता राजपूत, धर्मेंद्र कुमार, ज्योति वर्मा आदि शिक्षामित्र मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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