Education Archives - earn money online hindi news: Sunnywebmoney.com

SunnyJanuary 15, 2019
15_01_2019-14drg6_18854859_232510.jpg

1min60

Publish Date:Tue, 15 Jan 2019 02:22 AM (IST)

दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय (डीडीई) सूबे में टीचर एजुकेशन के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा। इस दिशा में संस्थान के कदम काफी आगे बढ़ चुके हैं। यह सब संभव हो रहा है अंतर्राष्ट्रीय संगठन यूनिसेफ के साथ हुए करार की वजह से। इसके तहत निदेशालय में प्रोग्राम मॉनीट¨रग यूनिट की स्थापना हो चुकी है। यूनिसेफ के साथ निदेशालय का तीन सालों तक क्वालिटी टीचर एजुकेशन के क्षेत्र में साथ काम करने का करार है। इस क्रम में कई कार्यशालाओं का आयोजन भी हो चुका है जिसमें टीचर एडुकेटरों के लिए अंडरस्टैं¨डग सेल्फ की पाठ्य सामग्री तैयार की जा चुकी है। इस करार का मूल यह है कि जब तक प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा को दुरूस्त नहीं किया जाएगा, तब तक उच्च शिक्षा में गुणवत्ता संभव नहीं। प्राथमिक व माध्यमिक स्तर पर शिक्षा में गुणवत्ता के लिए जरूरी है कि इस स्तर के शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाई जाए। इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को बीएड कोर्स के तहत प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि बीएड के फैकल्टी की क्वालिटी इंप्रूव की जाए। इसी उद्देश्य के साथ यह करार किया गया है। निदेशालय के तहत बीएड कोर्स का संचालन भी होता है और आधारभूत संरचना का भी विवि के पास अभाव नहीं है। इसी आधार पर यूनिसेफ ने करार के लिए लनामिविवि के डीडीई का चयन भी किया। अब इसका फायदा डीडीई को मिलने लगा है। अब डीडीई का करार यूनिसेफ की सहयोगी संस्था लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन के साथ होने जा रहा है जिसके माध्यम से यहां भाषा शिक्षण का कोर्स शुरू किया जाएगा। इस कोर्स के माध्यम से टीचर एडुकेटरों व स्कूली शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि स्कूल के स्तर पर छात्रों में भाषा के प्रति जागरूकता उत्पन्न की जा सके। बच्चों के लर्निग आउटकम को 10 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य :

यूनिसेफ का उद्देश्य 2022 तक बच्चों के लर्निग आउटकम को 10 प्रतिशत बढ़ाने का है। इसके लिए सूबे में लनामिविवि के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय का चयन प्रोग्राम मॉनीट¨रग यूनिट स्थापित करने के लिए किया गया। इसके लिए तकनीकी व वित्तीय सहायता यूनिसेफ उपलब्ध करा रहा है। दूरस्थ निदेशालय में विकसित होने वाली इस इकाई को मुख्य रूप से तीन ¨बदुओं पर केंद्रित किया जाएगा। पहला विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय सदस्य व एसआरजी की कैपेसिटी बि¨ल्डग का सशक्तीकरण विशेषज्ञों की मदद से करना, दूसरा राज्य व जिला स्तर के वरीय शिक्षा पदाधिकारियों का लीडरशिप ट्रे¨नग प्रोग्राम और तीसरा शिक्षण संस्थानों व शिक्षक सहायता तंत्र को मजबूत करना होगा। यूनिसेफ के साथ डीडीई का यह करार 14 अगस्त 2018 को हो चुका है और इसके तहत काफी काम किए जा चुके हैं।

Posted By: Jagran

Let’s block ads! (Why?)


Source link


SunnyJanuary 14, 2019
ANdriod_icon.png

1min80

राजस्थान में चुनाव जीतने के बाद सत्ता में आई मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार एक्शन में दिखाई दे रही है और एक के बाद एक बड़े फैसले कर रही है. किसानों का कर्जा माफ, पेंशन राशि में बढ़ोतरी के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं. अब राज्य के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया है कि राज्य सरकार अगले एजुकेशन सेशन से निःशुल्क बालिका शिक्षा को सभी स्तरों पर लागू कर देगी.

मंत्री भाटी का कहना है, ‘राज्य सरकार राजकीय महाविद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा प्रदान करेगी. अगले शिक्षा सत्र से निःशुल्क बालिका शिक्षा को सभी स्तरों पर लागू कर दिया जाएगा. साथ ही भाटी का यह भी कहना है कि बालिकाओं की शिक्षा के साथ ही कॉलेजों में उनको भयमुक्त वातावरण मिले यह भी सुनिश्चित किया जाएगा.

CBSE: 8वीं, 9वीं और 10वीं के लिए शुरू होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स!

उन्होंने बताया कि राजकीय उच्च शिक्षण संस्थाओं के साथ ही निजी क्षेत्र को भी इस संबंध में भागीदारी दी जाएगी. गौरतलब है कि कांग्रेस ने अपने चुनावी जन घोषणा पत्र में स्टेट स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में बालिका महिला शिक्षा को पूरी तरह नि:शुल्क करने की घोषणा की थी.

समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार, साथ ही सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में भयमुक्त वातावरण के लिए कॉलेजों में ‘आंतरिक शिकायत’ समितियों का गठन किया जाएगा. भाटी का यह भी कहना है कि सभी सरकारी कॉलेजों में ‘विद्यार्थी परामर्श केन्द्र’ स्थापित होंगे, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य के लिए रोजगार मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकें.

बोर्ड Exam में टॉप करने का फंडा, हंसते-खेलते करें परीक्षा की तैयारी

भाटी ने कहा कि कांग्रेस के जन घोषणा पत्र में महाविद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग की बात थी. इसकी शुरुआत आज 40 कॉलेजों से की गई है. उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि आगामी एक माह में राज्य के सभी 252 कॉलेज में ‘प्रतियोगिता दक्षता’ परियोजना को चरणबद्ध लागू कर दिया जाएगा.

पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें

  • Aajtak Android IOS

Source link


SunnyJanuary 12, 2019
p

26min70

Convocation Of Dayalbagh Education Institute Agra – डीईआई के 37वां दीक्षांत समारोह में छाईं छात्राएं, मेडल मिलते ही खिल उठे चेहरे – Amar Ujala Hindi News Live

बेहतर अनुभव के लिए अपनी सेटिंग्स में जाकर हाई मोड चुनें।

विज्ञापन

अगली स्लाइड देखें

विज्ञापन

अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

विज्ञापन

विज्ञापन

http://www.amarujala.com/

  • DownloadsABC Digital
E-Paper

© 2018-19 Amar Ujala Publications Ltd.

‘);

if (!window.jQuery)
var jq = document.createElement(‘script’);
jq.src = MainURL + ‘/api/js/jquery-2.1.4.min.js?v=’+Rajneeti.VERSION;
jq.type = ‘text/javascript’;

var s = document.getElementsByTagName(‘script’)[0];
s.parentNode.insertBefore(jq, s);

// Let’s async call social scripts
var rn = document.createElement(‘script’);
rn.src = MainURL + ‘/api/js/social.js?v=’+Rajneeti.VERSION;
rn.type = ‘text/javascript’;
rn.async = ‘true’;
rn.onload = rn.onreadystatechange = function()
var rn = this.readyState;
if (rn && rn != ‘complete’ && rn != ‘loaded’) return;
try
Rajneeti.Poll.Initialize();Rajneeti.Petitions.Initialize();Rajneeti.Feelings.Initialize();Rajneeti.Comments.Initialize();Rajneeti.Market.Initialize();
// This event is fired when Rajneeti js is ready
RAJNEETI_JS_READY = true;
document.dispatchEvent(new Event(‘rajneeti-ready’));
catch (e)
console.log(e)

;
// Append social js just before the first javascriptin head/body
var s = document.getElementsByTagName(‘script’)[0];
s.parentNode.insertBefore(rn, s.nextSibling);
};
//SCRIPT FOR LOAD VIDEO AFTER PAGE LOAD
// forEach method, could be shipped as part of an Object Literal/Module
var forEach = function (array, callback, scope) {
for (var i = 0; i – 1 && navigator.userAgent.indexOf(‘Opera Mini/’) > – 1) {
// Extreme Savings Mode
//alert(‘opera mini’);
var imglist = document.getElementsByClassName(‘img-load’);
for(var i =0;i


Source link


SunnyJanuary 11, 2019
emraa 2.jpg

1min130

Publish Date:Thu, 10 Jan 2019 03:27 PM (IST)

अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। इमरान हाशमी की फिल्म जिसका नाम पहले चीट इंडिया था. अब वाय चीट इंडिया कर दिया गया है , फिल्म 18 जनवरी को रिलीज़ होगी. फिल्म में एजुकेशन सिस्टम से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत की गयी है.

इमरान ने हाल ही में अपनी बातचीत में कहा है कि वह इस फिल्म के संदर्भ में एजुकेशन मिनिस्टर से मुलाकात करना चाहते हैं और उन्होंने इसे लेकर एक चिट्ठी लिखी है. इमरान का कहना है कि इस लेटर में वह वे बातें डिस्कस करना चाहते हैं, जिस पर उन्होंने इस फिल्म के दौरान रिसर्च किया है और अपनी तरफ से हमारे जो नजरिया है. चूंकि बड़ा बदलाव जरूरी है. इमरान कहते हैं कि वह चाहते हैं कि ग्राउंड लेवल पर गर्वमेंट का जो कंट्रीब्यूशन है वह कम है. 3.5 जीडीपी है. जबकि काफी संख्या में लोग आते हैं. वहीं डिफेंस पर आपने इतना पैसा डाला है. लेकिन सबसे अहम जो चीज है, माइंड की डेवलपमेंट है.

इमरान कहते हैं कि जो टीचर आपके यहां स्कूल में आते हैं, वह अनक्वालिफाइड हैं, क्योंकि उनको सैलेरी नहीं मिलती है. उनकी सालभर की सैलरी 1 लाख से कम है. जबकि यूरोप अमेरिका में बहुत ज्यादा है. इमरान का मानना है कि टीचर्स हमारे सबसे बड़े हीरो हैं. उन्हें सबसे ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए. उनको पैसे नहीं मिल रहे. तो यूनिवर्सिटी में सीट्स नहीं हैं. मेरिट होने पर भी उनको सीट नहीं मिलती है. 10 प्रतिशत आरक्षण की बात पर इमरान का कहना है कि मेरिट पर सबकुछ होना चाहिए.

इमरान का कहना है कि उनका मानना है कि हमारे एजुकेशन सिस्टम में अब भी केवल कुछ ही विषय हैं, जिन पर फोकस किया जाता है. बाकी सब्जेक्ट्स को अनदेखा किया जाता है. यहां नियम है कि अगर आपके मार्क्स कम आये हैं तो जाकर आर्ट्स ले लो. जबकि आर्ट्स को पसंद का सब्जेक्ट मानना चाहिए. इमरान कहते हैं कि जेंडर न्यूट्रल सब्जेक्ट होना चाहिए.

यह भी पढ़ें: Box Office: रणवीर की सिंबा से अब आमिर, सलमान, अजय भी हारे, 13वें दिन इतनी कमाई

Posted By: Manoj Khadilkar

Let’s block ads! (Why?)


Source link


SunnyJanuary 10, 2019
1547082156_TN_placeholder.png

2min210


Representative Image &nbsp | &nbspPhoto Credit:&nbspTimes Now

New Delhi: The staff association of several colleges in the Delhi University extended support to the shutdown call given by the DUTA, teachers said Tuesday.

The Delhi University Teachers’ Association (DUTA) called for a two-day university shutdown against the administration’s alleged ignorance towards the pending promotions and non-involvement of the elected representatives in major decisions.

The protesters will stage a dharna outside the Vice-Chancellor’s Office on Wednesday.

Colleges like Kamala Nehru, Gargi, Institute of Home Economics, Keshav Mahavidyalaya, Deen Dayal Upadhyaya, College of Vocational Studies, Shaheed Bhagat Singh, Jesus and Mary, Shivaji, Maitreyi, Rajdhani, Zakir HUssain, Acharya Narendra Dev, Ram Lal Anand, Sri Venkateswara, Atma Ram Sanatan Dharma extended their support to the complete shutdown call given by the DUTA, the teachers said.

“The strike of ad hoc teachers of the Delhi University entered its fifth day. Women have also joined them. As there is no facility of washroom, they will go back home at night and will continue their protest at their house,” said Aditya Narayan Misra, president, Academics for Action and Development (AAD).

“We demand the absorption of ad hoc and temporary teachers in the Delhi University (DU). These teachers have been working for years without any leave, maternity leave and increment,” he said. 


Source link


SunnyJanuary 9, 2019
08_01_2019-pu_18831808.jpg

1min170

Publish Date:Tue, 08 Jan 2019 01:20 PM (IST)

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) को हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट की ताजा रैंकिंग में देशभर में 10वां स्थान मिला है। देश भर की यूनिवर्सिटी में पीयू तीसरे स्थान पर रही है। यूनिवर्सिटी रैंकिंग बॉय एकेडिमक परफार्मेंस (यूआरएपी) द्वारा 2018-19 की रैंकिंग जारी की है। रैंकिंग  में दुनियाभर की टॉप यूनिवर्सिटी को शामिल किया गया है। रिसर्च, एकेडिमक सहित विभिन्न कैटेगरी के तहत मिले अंकों के आधार पर यह रैंकिंग  दी गई है। जानकारी अनुसार पीयू को वल्र्ड रैंकिंग  कैटेगरी में 725वां स्थान मिला है। बीते साल पीयू को 9वीं रैंकिंग हासिल हुई थी। पीयू को विभिन्न कैटेगरी के तहत कुल 256.82 अंक मिले हैं। यूआरएपी रैंकिंग  में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आइआइएससी) बेंगलुरु को देश में पहली रैंकिंग दी गई है, जबकि वल्र्ड रैंकिंग  में 410वां स्थान मिला है।

डीयू और बनारस यूनिवर्सिटी आगे 

हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट की रैंकिंग में पीयू को ओवरऑल 10वीं रैंक मिली है, लेकिन यूनिवर्सिटी लेवल पर पीयू तीसरे स्थान पर रही। यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली (डीयू) 269.97 अंकों के साथ पहले और बीएचयू  267.95 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही। डीयू को वल्र्ड रैंकिंग  में 658 और बीएचयू को 668वां स्थान मिला है। आइआइटी मुंबई को देश में दूसरा, आइआइटी खडग़पुर को तीसरा, आइआइटी दिल्ली को चौथा, आइआइटी मद्रास को पांचवा, आइआइटी रुड़की को छठा, आइआइटी कानपुर को सातवां स्थान मिला है।

दुनियाभर के 2500 इंस्टीट्यूट रैंकिंग में शामिल

यूआरएपी रैंकिंग में दुनियाभर के करीब 2500 रिसर्च इंस्टीट्यूट, यूनिवर्सिटी और अन्य इंस्टीट्यूट को शामिल किया गया है। हावर्ड यूनिवर्सिटी 600 अंकों के साथ दुनिया में पहले, यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो 583.47 अंकों के साथ दूसरे और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड 575.28 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही।

Posted By: Pankaj Dwivedi

Let’s block ads! (Why?)


Source link


SunnyJanuary 8, 2019
1546909272_TN_placeholder.png

3min330


Open SSC Board will start from January 10&nbsp | &nbspPhoto Credit:&nbspANI

Mumbai: Maharashtra government made an important decision for students who are active in art, sports activity and disabled students. Maharashtra Government today announced Open SSC (School Secondary Certificate) Board. Open SSC board will start from January 10 which would help the students more included towards arts and sports and need more fleibility in regards their academics. The state’s open board would also help students with special needs. As per the announcement, the board would become active from Janaury 10, 2019. 

Maharashtra Education and Cultural Minister Vinod Tawade announced this today. Minister Vinod Tawade said that the artists, sportspersons and disabled students should be given time to work in their favorite field and hence this decision has been taken. Therefore, these students can give maximum time in their respective field and practice. Examinations under the Open Board would be conducted twice in a year – in December and June to provide the necessary flexibility to these students. Also Read: Twin brothers from IIT Delhi scored above 99 percentile in CAT 2018 Result

Students can give exam of class V in the age of 10 years. At the age of 13, eighth class and at the age of 15 student can appears for a 10th class exam. These all tests will be conducted by the Open SSC Board. The move is a welcome addition and would help thousands of students who have to drop out of regular school due to their vocational or artistic or athletic aspirations.


Source link


SunnyJanuary 7, 2019
06_01_2019-school_18825167.jpg

2min250

Publish Date:Sun, 06 Jan 2019 08:53 PM (IST)

लुधियाना, [आशा] शिक्षा विभाग की ओर से एक बार फिर से राज्य के सभी सरकारी, प्राइवेट, ऐडिड और मान्यता प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के खुलने के समय में बदलाव कर दिया गया है। विभाग की ओर से रविवार को जारी किए गए पत्र के अनुसार, अब नए समय से स्कूल खुलेंगे औऱ बंद होंगे। जिसके तहत सभी प्राइमरी स्कूल सुबह 10 बजे से लगेंगे। जबकि मिडल, हाई, सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुबह दस बजे लगेंगे और दोपहर साढ़े तीन बजे छुट्टी होगी।

पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर सरकार द्वारा इस दौरान कोई दिशानिर्देश जारी न हुए तो 16 जनवरी से पहले की तरह प्राइमरी स्कूल सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक और मिडल, हाई, सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुबह नौ से दोपहर सवा तीन बजे तक लगेंगे।

गौर हो कि इससे पहले इस साल तीन जनवरी को स्कूलों के समय में बदलाव किया गया था। जिसके तहत सभी प्राथमिक स्कूल सुबह 10 बजे से लगाने और शाम 4 बजे पर छुट्टी करने के निर्देश दिए गए थे। जबकि सभी माध्यमिक, हाई और सीनियर सेकंडरी स्कूल प्रात:काल 10 से लगाने और शाम सवा चार बजे छुट्टी करने के निर्देश दिए गए थे। दो दिन बाद ही विभाग ने स्कूलों के खुलने के समय में परिवर्तन कर दिया। हालांकि, विभाग ने समय में बदलाव किए जाने का कारण नहीं बताया है।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें  

Posted By: Sat Paul

Let’s block ads! (Why?)


Source link


SunnyJanuary 6, 2019
exam_1457117579.jpeg

2min270

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Sun, 06 Jan 2019 12:39 AM IST

परीक्षा
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 47 के तहत छह विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आयोजित दूसरे चरण की लिखित परीक्षा में 65.63 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। अभ्यर्थियों को उनके विषय के पेपर ने तो राहत दी लेकिन सामान्य अध्ययन से पूछे गए सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया।

परीक्षा शहर के 33 केंद्रों में आयोजित की गई। इन केंद्रों को 11 सेक्टरों में बांटा गया था। रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, शारीरिक शिक्षा, हिंदी एवं उर्दू विषयों की लिखित परीक्षा के लिए 16965 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और इनमें से 11135 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक आयोजित की गई। दो घंटे की परीक्षा में 100 सवाल हल करने थे और प्रत्येक सवाल के लिए दो अंक निर्धारित थे। परीक्षा में माइनस मार्किंग नहीं थी। 100 सवालों में से 30 सवाल सामान्य अध्ययन और बाकी 70 सवाल संबंधित विषय से पूछे गए।

अभ्यर्थियों को अपने-अपने विषय में पूछे गए सवालों ने तो राहत दी लेकिन सामान्य अध्ययन के सवाल ने अभ्यर्थियों के सामने चुनौती पेश की।  दरअसल, अभ्यर्थी सभी विषयों की तैयारी करके परीक्षा देने पहुंचे थे। पिछले दिनों आयोजित ज्यादातर परीक्षाओं में इतिहास और भूगोल के सवाल अधिक संख्या में पूछे गए लेकिन इस बार इन दोनों विषयों से सवाल बहुत कम आए। बड़ी संख्या में सवाल कंप्यूटर से संबंधित थे। जैसे, ‘आईपी क्या है?’ या फिर कंप्यूटर से संबंधित दूसरे तरह के सवाल पूछे गए। इसके अलावा समसामयिक घटनाक्रम और भारतीय राजव्यवस्था से जुड़े कई सवाल पूछे गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि सामान्य अध्ययन के सवालों में असंतुलन था। इसमें सभी विषयों को बराबरी से जगह नहीं दी गई।


Source link


SunnyJanuary 4, 2019
holiday_1510389283.jpeg

2min180

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 03 Jan 2019 03:53 PM IST

demo pic

ख़बर सुनें

शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2019 के लिए एक जनवरी को अवकाश की सूची जारी की गई है। इसमें (एक जनवरी से 31 दिसंबर 2019 तक) साल के 365 दिन में 113 दिन अवकाश (ग्रीष्मावकाश/रविवार/अवकाश दिवस) का आदेश जारी किया गया है।

यानी माध्यमिक विद्यालयों में इस साल 113 दिन की छुट्टियां रहेंगी और केवल 236 दिन ही कक्षाएं चलेंगी। ऐसे में हर तीसरे दिन पर एक दिन का अवकाश रहेगा। इसके साथ ही महापुरुषों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े क्रांतिकारियों, समाज सुधारकों के जन्म दिवस पर सभी विद्यालयों में कार्यक्रम भी होंगे, जिसमें छात्रों को उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं के बारे में बताया जाएगा।

इसके अलावा 16 दिन तक यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटर की परीक्षाएं और 236 दिन कक्षाएं चलाई जाएंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह की ओर से सभी प्रधानाचार्यों को भेजे गए आदेश में 21 मई से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश का जिक्र है।

साथ ही यह भी कहा गया है कि विद्यालयों में शोक सभाएं केवल कार्यरत शिक्षकों/कर्मचारियों के निधन पर ही होंगी। 


Source link