Cryptocurrency Archives - earn money online hindi news: Sunnywebmoney.com

SunnyDecember 1, 2018
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करनाल | मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी के साथ क्रिप्टो करंसी के लालच में एक करोड़ 80 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई है। आरोपी ने पीड़ित पिता-पुत्र को जमा कराई गई करंसी का कम से कम 12 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर उनको झूठ बोलकर अपनी सोची समझी चाल में फंसाया। पुलिस ने माॅडल टाउन निवासी कबीर सिंह की शिकायत पर सोनीपत निवासी परीक्षित आनंद पर केस दर्ज किया है।

कबीर सिंह ने बताया कि वह पानीपत में एक सैलून चलाता है। इसके पिता करनाल में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार करते हैं। आरोपी एक साल से अक्सर शोरूम में आता जाता रहता था। आरोपी ने पीड़ित व उसके पिता को बताया कि वह क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज करता है। आरोपी ने भरोसा दिया कि इसमें व्यापार वैध है और उसमें पैसे लगाने पर मुनाफा हो सकता है। उन्हें हर साल 12 प्रतिशत का न्यूनतम मुनाफा होगा।

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SunnyNovember 30, 2018
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Publish Date:Fri, 30 Nov 2018 06:27 PM (IST)

वाशिंगटन। म्यूजिक प्रोड्यूसर डीजे खालिद और बॉक्सर फ्लायड मेवेदर जूनियर पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने दोनों पर कमाई की बात छुपाते हुए इनीशियल क्रिप्टोकरेंसी कॉइन ऑफरिंग (आइसीओ) में निवेश को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया है।

बाजार नियामक एसईसी ने बताया कि आइसीओ के जरिये बेची गई क्रिप्टोकरेंसी अपने आप में सिक्योरिटीज हैं और इन पर फेडरल सिक्योरिटीज लॉ लागू होता है। एसईसी के साथ खालिद और मेवेदर दोनों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि वे डिजिटल सिक्योरिटी समेत किसी भी सिक्योरिटी में निवेश को प्रोत्साहित नहीं करेंगे। खालिद ने दो साल और मेवेदर ने तीन साल तक इनसे दूर रहने की बात कही थी।

उन्होंने सिक्योरिटीज के प्रमोशन से मिला पैसा एसईसी को वापस करने और जुर्माना चुकाने पर भी सहमति जताई थी। एसईसी ने बताया कि मेवेदर ने आइसीओ जारी करने वाली तीन फर्मों से मिले तीन लाख डॉलर के बारे में जानकारी छुपाई थी। इन तीन फर्मों में से एक सेंट्रा टेक है, जिससे मेवेदर को एक लाख डॉलर मिले थे। इसी कंपनी से मिले 50,000 डॉलर की जानकारी खालिद ने छुपाई थी।

खालिद ने आईसीओ में निवेश को गेम चेंजर बताकर लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित किया था। वहीं मेवेदर ने अपने प्रशंसकों को आइसीओ में पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया था। एसईसी ने इस मामले में सेंट्रा टेक पर भी आरोप लगाया है। सेंट्रा पर आरोप है कि उसने जाली आईसीओ जारी किया था। एसईसी ने पहली बार आइसीओ में निवेश प्रोत्साहित करने के मामले में किसी पर मामला दर्ज किया है।

क्या है क्रिप्टोकरेंसी?

क्रिप्टोकरेंसी एक वर्चुअल अर्थात आभासी मुद्रा है। इसकी कोई भौतिक उपस्थिति नहीं होती। यह कंप्यूटर प्रोग्राम के जरिये काम करता है। इसके लेनदेन में सॉफ्टवेयर कोड को मुद्रा की तरह इस्तेमाल किया जाता है। जैसे शेयर बाजार में कंपनियां आइपीओ लाती हैं, उसी तरह क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी कंपनियां आइसीओ के जरिये पैसा जुटाती हैं। अब तक किसी देश ने क्रिप्टोकरेंसी को आधिकारिक मुद्रा की तरह मान्यता नहीं दी है और बहुत से देशों ने इसमें लेनदेन पर भी प्रतिबंध लगाया हुआ है।

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SunnyNovember 29, 2018
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Dainik Bhaskar

Sep 29, 2018, 07:20 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. भारत का सबसे बड़ा और पुराना क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज जेबपे (Zebpay) 28 सितम्बर को बन्द हो गया है। देश के सभी कॉमर्शियल बैंकों ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े बिजनेस लेनदेन को सपोर्ट करना बन्द कर दिया था, जिससे इस एक्सचेंज को बन्द करना पड़ा। हालांकि, कंपनी जेबपे वॉलेट की सुविधा अपने ग्राहकों को देती रहेगी।

 

अप्रैल में आरबीआई ने क्रिप्टोकरेंसी को बताया था अवैध: गौरतलब है कि पिछले दिनों रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने देश में होने वाले क्रिप्टोकरेंसी बिजनेस को अवैध घोषित कर दिया था। इस दौरान आईबीआई ने सभी बैंकों और वॉलेटों से तीन महीने के अन्दर क्रिप्टो करेंसी से जुड़े बिजनेस के लिए लेनदेन बन्द करने का आदेश दिया। आरबीआई की इस घोषणा के बाद से देश के सभी बैंकों और वॉलेटों ने धीरे-धीरे करके क्रिप्टोकरेंसी बिजनेस के लिए होने वाले ट्रॉन्जेक्शन को बन्द कर दिया था।

 

लेनदेन बन्द होने से हुए असहाय: एक्सचेंज को बन्द करने की जानकारी देते हुए ग्राहकों को भेजे गए ईमेल में जेबपे की तरफ से कहा गया है कि बैंक खातों पर नियंत्रण ने हमें और हमारे ग्राहकों को असहाय कर दिया है। इस वजह से हम लेनदेन करने में असमर्थ हो गए हैं। ऐसी परिस्थिति में हमारे लिए अपने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बिजनेस को बन्द करना ही सबसे उचित रास्ता है। इसलिए 28 सितम्बर शाम 4 बजे से एक्चेंज बन्द कर दिया जाएगा।

 

नहीं एक्सेप्ट होंगे नए ऑर्डर: इसके अलावा कंपनी की तरफ से कहा गया है कि ग्राहकों द्वारा किए सभी क्रिप्टो से क्रिप्टो ऑर्डर कैंसिल कर दिए जाएंगे और उसके एवज में कॉइन या टोकन उनके जेबपे वॉलेट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी ने कहा कि अगली नोटिस तक अब कोई नए ऑर्डर भी एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे।

 

क्रिप्टो करेंसी: क्रिप्टो करेंसी वर्चुअल मुद्रा होती है। यह नोट्स और सिक्कों की तरह फिजिकल रूप में नहीं उपलब्ध होती। ये ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती हैं। इन करेंसियों को डेटा माइनिंग करके बनाया जाता है। इन पर किसी देश का अधिकार नहीं होता है। आज के समय बिटकॉइन सबसे भरोसे वाली क्रिप्टो मुद्रा है। इसकी शुरुआत जापान के सतोसी नाकामोटो ने 2009 में की थी। 

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SunnyNovember 29, 2018
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आगे अन्य क्रिप्टोकरेंसी को भी एड किए जाने की योजना है. (Reuters)

अमेरिका की एक स्टेट ओहियो ने अपने यहां बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी के जरिए टैक्स भरने को मंजूरी दे दी है. इसके लिए ओहियो में ohiocrypto.com को भी लॉन्च किया गया है. ओहियो अमेरिका का पहला स्टेट होगा, जिसने इस तरह की अनुमति दी है.

फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओहियो के ट्रेजरर जोश मंडेल ने कहा कि ओहियो के नागरिकों को टैक्स भरने को लेकर ज्यादा आॅप्शन उपलब्ध कराने और इसे सुगम बनाने के लिए ऐसा किया गया है. हालांकि अभी केवल बिटकॉइन से ही टैक्स पेमेंट स्वीकारा जाएगा लेकिन आगे अन्य क्रिप्टोकरेंसी को भी एड किए जाने की योजना है.

सभी टैक्सपेयर्स के लिए नहीं है सुविधा

नए पेमेंट सिस्टम में सभी टैक्सपेयर्स क्रिप्टोकरेंसी के जरिए टैक्स नहीं भर पाएंगे. यह सुविधा केवल ओहियो में चलने वाले बिजनेसेज के लिए ही है. हालांकि मंडेला ने यह भी कहा कि इंडीविजुअल्स के लिए भी क्रिप्टोकरेंसी से टैक्स पेमेंट को अमल में लाया जाना एजेंडे में है. रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि बिटकॉइन से टैक्स पेमेंट करने पर कुछ चार्ज भी लगेगा.

क्रिप्टोकरेंसी से कैसे भरा जाएगा टैक्स

अगर कोई ओहियो में बिजनेस करता है और उसके पास टैक्स बिल आया हुआ है तो उसे ohiocrypto.com पर आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा. उसके बाद बिजनेस से संबंधित 23 टैक्सेस में से किसी का भी पेमेंट किया जा सकता है. इसकी कोई ट्रांजेक्शन लिमिट नहीं होगी.

थर्ड पार्टी ​को किया गया है हायर

ओहियो का ट्रेजरर आॅफिस पेमेंट्स और प्रोसेसिंग के लिए क्रिप्टोकरेंसी में किसी भी तरह की होल्डिंग, माइनिंग या इन्वेस्ट नहीं करेगा. इसके लिए थर्ड पार्टी को हायर किया गया है, जिसका नाम बिटपे है. बिजनेसेज द्वारा क्रिप्टोकरेंसी में भरा जाने वाला टैक्स तुरंत डॉलर में कन्वर्ट किया जाएगा और उसके बाद इसे स्टेट के अकाउंट में जमा किया जाएगा.

क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स की होगी जरूरत

क्रिप्टोकरेंसी से टैक्स भरने के लिए ओहियो के बिजनेसेज को पेमेंट प्रोटोकॉल कंपैटिबल वॉलेट्स की जरूरत होगी. इनमें बिटपे वॉलेट, कोपे वॉलेट, बीटीसी डॉट कॉम वॉलेट, माइसीलियम वॉलेट, एज वॉलेट, इलेक्ट्रम वॉलेट, बिटकॉइन कोर वॉलेट, बिटकॉइन डॉट कॉम वॉलेट, बीआरडी वॉलेट और बिटकॉइन कैश वॉलेट शामिल हैं. अगर आपके पास इनमें से कोई वॉलेट नहीं है तो उन्हें पहले वॉलेट क्रिएट करना होगा और इसमें कुछ पैसे डालने होंगे.

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SunnyNovember 27, 2018
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फोटो: sirinlabs
नई दिल्ली

स्विजरलैंड की कंपनी Sirin Labs ने एक ऐसा फोन बनाया है जो ब्लॉकचेन सिस्टम पर काम करता। ब्लॉकचेन सिस्टम यानी वह तकनीक जिससे क्रिप्टोकरंसी के लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाया जाता है। कंपनी Finney नाम के इस फोन को क्रिप्टोकरंसी (बिटकॉइन जैसी करंसी) के लेनदेन को ध्यान में रखकर बनाया है। कंपनी का कहना है कि यह फोन क्रिप्टोकरंसी के लेनदेन के लिए सबसे सेफ है।

खबरों के अनुसार इस फोन की डिलिवरी इसी साल नवंबर से शुरू होगी। इसकी कीमत 999 डॉलर यानी लगभग 69,000 रुपये रखी गई। इस फोन की खास बात यह होगी कि यह फोन कार्ड पेमेंट या कैश ऑन डिलिवरी करने पर आपको नहीं मिलेगा बल्कि इसके लिए सिरिन लैब्स की खुद की क्रिप्टोकरंसी से खरीदा जाएगा। इस फोन में अपना खुद का एक क्रिप्टो टोकन SRM Coin दिया गया है।

पढ़ें: इन ऐप्स की मदद से चुटकियों में करें डेटा ट्रांसफर

अगर आप इस को खरीदना चाहते हैं तो पहले कंपनी से 69,000 रुपये के SRM Coin लेने होंगे फिर आप यह फोन खरीद पाएंगे। क्रिप्टोकरंसी पर सख्ती को लेकर भारत में यह फोन नहीं खरीदा जा सकेगा। साथ ही फोन में एक Token Conversion Service फीचर दिया गया है जिसकी सहायता से आप अपने SRM Coin को किसी दूसरी क्रिप्टोकरंसी में बदल सकते हैं।

यह फोन ऐंड्रॉयड के ब्लॉकचेन बेस्ड एक खास वर्जन पर काम करेगा जो आपकी क्रिप्टोकरंसी के लिए अधिक सुरक्षित होगा। इस फोन के लिए प्री ऑर्डर शुरू हो चुके हैं। दरअसल Block Chain एक डिस्ट्रिब्यूटेशन तकनीक होती है। इसकी मदद से पैसे का लेनदेन ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसका उपयोग आमतौर पर इसका उपयोग Bitcoin के लेनेदेन में किया जाता है। बता दें इस फोन का नाम Finney विश्व के पहले बिटकॉइन ग्राहक Hal Finney के नाम पर रखा गया है।

पढ़ें: गूगल चाहता है कि आप जरूर करें ये ऐप्स डाउनलोड

फोन के स्पेसिफिकेशन्स

फोन के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो यह फोन ऐंड्रॉयड बेस्ड होगा। इसका डिजाइन iPhone X से काफी मिलता जुलता होगा। इसमें एक नॉच स्क्रीन दी गई है जो 18:9 के आस्पेक्ट रेशियो के साथ आएगी। इस फोन में दो स्क्रीन होंगी जिनमें से एक फोन के सामान्य उपयोग और दूसरी स्क्रीन सिर्फ क्रिप्टोकरंसी के लेनदेन के लिए काम में ली जा सकेगी।

इसमें क्वालकॉम का स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर दिया गया है। इस फोन में 3280 mAh पावर वाली बैटरी दी गई है। साथ ही इस फोन में 6GB रैम दी गई है। फोन में 128GB का इंटरनल स्टोरेज दिया गया है। कैमरे की बात करें तो 12 मेगा पिक्सल का रियर और 8 मेगा पिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

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SunnyNovember 27, 2018
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नई दिल्ली: 

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय से कहा कि बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी (आभासी मुद्रा) में सौदों की अनुमति देने से गैरकानूनी लेनदेन को प्रोत्साहन मिलेगा. केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसने पहले ही इस तरह की आभासी मुद्राओं पर प्रतिबंध के लिए परिपत्र जारी कर दिया है. 

क्रिप्टो करेंसी सरकार नियंत्रण से बाहर की डिजिटल मुद्रा है , जिसमें कारोबार के लिए कूट तकनीक का इस्तेमाल होता है. ये मुद्राएं रिजर्व के नियंत्रण के बाहर काम करती हैं. इनमें सरकार की ओर से हस्तक्षेप नहीं होता. मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष केंद्रीय बैंक की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि केंद्र ने क्रिप्टो करेंसी या आभासी मुद्रा के मुद्दे से निपटने को एक समिति बनाई है. 

इस मामले पर शीर्ष अदालत से अंतिम और तत्काल निर्णय की जरूरत है. पीठ में न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं. केंद्रीय बैंक और केंद्र सरकार ने इस बारे में कई याचिकाओं पर अपने जवाब के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा है. पीठ ने केंद्र और रिजर्व बैंक को अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय देते हुए इन याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई की तारीख 11 सितंबर तय की है. 

कुछ याचिकाओं में आभासी मुद्राओं के इस्तेमाल को चुनौती देते हुए कहा गया है कि ये परंपरागत अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं. याचिकाओं में इन मुद्राओं के नियमन के लिए दिशानिर्देश बनाने की भी अपील की गई है. इसके अलावा याचिकाओं में सरकार से इन गैरकानूनी क्रिप्टो करेंसी की खरीद फरोख्त को रोकने का भी आग्रह किया गया है. वहीं कुछ अन्य याचिकाओं में रिजर्व बैंक की छह अप्रैल की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है जो आभासी मुद्राओं में लेनदेन पर रोक लगाती है.

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SunnyNovember 27, 2018
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रिजर्व बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है क्रिप्टो करेंसी असली मुद्रा नहीं है। वह बिटक्वाइन जैसे आभासी मुद्राओं को मुद्रा नहीं मानता और न ही ऐसा कोई कानून है जो बिटक्वाइन को मुद्रा मानने के लिए बैंक को योग्य बनाता हो। बैंक ने स्पष्ट किया कि इन मुद्राओं के तहत किए गए लेन-देन, भुगतान, निपटारा आदि को कानून का संरक्षण नहीं दिया जा सकता।

बैंक ने हलफनामा दिया
रिजर्व बैंक के सहायक जनरल मैनेजर ने सुप्रीम कोर्ट में दायर ताजा शपथ-पत्र में कहा कि आभासी मुद्राएं ठोस अवस्था में नहीं होती और न ही इन्हें किसी बैंक द्वारा जारी किया गया होता है, इसलिए इन पर कोई कानून लागू नहीं होता है। मुद्रा नियामक ने कहा कि फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून) के तहत रिजर्व बैंक को किसी चीज को वैध मुद्रा के रूप में अधिसूचित करने का प्राधिकार है। लेकिन कानून की जरूरत है कि ऐसे इंस्ट्रूमेंट में चेक, पोस्टल आर्डर, मनी आर्डर आदि जैसे गुण होने चाहिए। इसलिए ऐसी अवस्था में बिटक्वाइन को फेमा के तहत मुद्रा घोषित नहीं किया जा सकता। 

मुद्रा की परिभाषा में नहीं है
बिटक्वाइन और अन्य आभासी मुद्राएं ठोस अवस्था में भी नहीं होती न ही उन्हें भारतीय रुपये में बदला जा सकता। इसलिए बिटक्वाइन पर भारतीय मुद्रा की परिभाषा विस्तारित नहीं की जा सकती। वहीं ये मुद्राएं किसी बैंक या संप्रभु राष्ट्र द्वारा जारी नहीं की गई हैं, इसलिए इन्हें विदेशी मुद्रा नहीं माना जा सकता। इसलिए इन मुद्राओं को कानूनी और गैरकानूनी मानने का कोई सवाल पैदा नहीं होता।

सभी याचिकाएं खारिज करने का अनुरोधबैंक ने कहा कि उपयोगकर्ताओं, जमाधारकों और व्यावसायियों को इसके खतरों से आगाह कर दिया गया है। रिजर्व बैंक ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया जाए, क्योंकि यह आर्थिक नीति के मामले हैं जिनमें सरकार तथा रिजर्व बैंक को फैसला लेने का कानूनी अधिकार है। याचिकाकर्ताओं के अपने दृष्टिकोण नीतिगत मामलों को चुनौती देने का आधार नहीं हो सकते। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। 

मामला
बैंक ने यह जवाब उन तमाम याचिकाओं के जवाब में दिया है, जिनमें कोर्ट से आग्रह किया गया है कि देश में क्रिप्टो करेंसी के व्यवसाय को रोकने का आदेश दिया जाए क्योंकि इससे असामाजिक गतिविधियों के लिए धन का प्रवाह हो सकता है। वहीं कुछ याचिकाएं ऐसी हैं, जिनमें रिजर्व बैंक की 6 अप्रैल की अधिसूचना को चुनौती दी गई है। इस अधिसूचना में रिजर्व बैंक ने अपने अधीन आने वाले वित्तीय संस्थाओं को क्रिप्टो करेंसी में सेवाएं देने से प्रतिबंधित कर दिया था। ये याचिकाएं देश के कई हाईकोर्ट में भी दायर हैं। 

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SunnyNovember 26, 2018
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GettyGetty

While cryptocurrencies like Bitcoin have the potential to break traditional financial barriers, there are a number of growing concerns about digital currencies being used to fund illegal activities.

According to a study conducted earlier this year, approximately one-quarter of Bitcoin users and one-half of Bitcoin transactions are associated with illicit activity. Around $72 billion of unlawful activity per year involves Bitcoin, which is close to the scale of the U.S. and European markets for illegal drugs.

Moreover, a 2018 study conducted by blockchain analysis startup, Elliptic, and the Center on Sanctions and Illicit Finance, found a fivefold increase in the number of large-scale illegal operations working on the Bitcoin blockchain between 2013 and 2016. By analyzing the history of more than 500,000 bitcoins, the organizations identified 102 criminal entities, which included dark-web marketplaces, ponzi schemes and ransomware/malware attackers.

Tracing Criminal Activity Across The Bitcoin Blockchain

Interestingly enough, many of the digital currencies examined in the study conducted by Elliptic and the Center on Sanctions and Illicit Finance could be linked back to the perpetrators. For example, it was found that 95% of all the laundered coins tracked came from nine dark-web marketplaces, including Silk Road, Silk Road 2.0, Agora and AlphaBay.

By examining blockchain activity closely, companies focused on combating cryptocurrency related crimes can pinpoint accounts that appear to belong to the same Bitcoin wallet and are controlled by the same entity. This process is known as “clustering.”

According to Kyrylo Chykhradze, head of Bitfury’s Crystal, a software solution designed to track activity on the Bitcoin and Bitcoin Cash Blockchains, Crystal collects information about all the transactions recorded to the blockchain to determine which addresses belong to the same entity to identify criminal activities.

Using a unique clustering algorithm, Crystal can determine which bitcoin address belongs to certain users. The solution also utilizes web crawlers and manual registration on various services to name the entities and assign them a risk score based on the type of service. Crystal, which has assisted financial institutions and law enforcement in identifying and tracing criminal activities such as extortion and money-laundering, assigns a risk score based on every bitcoin address that has ever appeared in the blockchain.”

As financial institutions and law enforcement begin to use tools such as Crystal, organizations can start to easily detect illegal activities happening across blockchain networks.

For instance, the Bitfury Group conducted a report to trace back the movement of Bitcoin from the Japanese-based Zaif exchange after it was hacked in September. Zaif lost $60 million in crypto, including almost 6,000 bitcoins.

According to analysis completed by Bitfury’s Crystal Blockchain Analytics engineering team, 30% of the stolen Bitcoins are still located at addresses related to the hacker.  Another 24% were sent to Binance for exchange/withdrawal. The remaining 46% were split into small amounts and sent to various addresses.

The addresses with unknown owners are still under surveillance using the Crystal Blockchain software solution. And because Zaif shared the exact time of unauthorized access, the Crystal engineering team was able to determine which transactions belonged to the hackers.

Keeping The Crypto Community Safe Offline

In addition to tracing threatening criminal activities across blockchain networks, cryptocrime has also been impacting the offline world. Recently, there have been a number of crimes occur in which victims were forced to hand over cryptocurrency account details, or else face violent consequences.

Due to real-world attacks, BlockShow, a major flagship event for the blockchain industry, has announced a partnership with Bitfury to bring Crystal to its upcoming Singapore event, which is expected to attract over 3,000 attendees.

Recently, a group or individual using fake identities made claims of planning to sabotage BlockShow Asia with explosives through its community Telegram channels. In addition to reporting the threats to police and increasing security at the event, BlockShow’s organizers wanted to give attendees an opportunity to acknowledge the risks that accompany the promise of bitcoin and to gain additional insight into their own vulnerability.

All of our events are centered on a simple premise: we believe in the power of blockchain and cryptocurrencies. But we also believe in transparency and aren’t going to ignore the dangers that come with this promising new technology,” Addy Creaze, CEO of BlockShow said. “To some extent, the more promising a technology is, the more people want to sabotage it. We are looking forward to helping attendees understand and address some of crypto’s risks, as we also explore its undeniable potential.”

All attendees at BlockShow Asia will have access to Crystal and will be able to scan the QR code of their crypto-wallets to obtain user’s risk scores. According to Chykhradze, a risk score represents the extent in which a bitcoin address is connected to questionable activity. This allows all Blockshow attendees to check whether or not their funds could arouse suspicion from authorities.

Bitfury is proud to participate in BlockShow Asia to demonstrate our unique ‘risk score,’ which relies on a database we’ve compiled of hundreds of organizations and thousands of individuals who own bitcoin addresses. Participation in Blockshow helps us to support the intentions of the organizers and Bitfury in drawing attention to important topics of crypto – such as trust, transparency and cybersecurity.”

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SunnyNovember 26, 2018
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Getty

By now, most taxpayers understand that there are tax consequences associated with cryptocurrency, but ironically, until recently you couldn’t pay those taxes using cryptocurrency. That’s about to change: With the launch of OhioCrypto.com, Ohio will become the first state in the nation to accept tax payments using cryptocurrency.

“We are proud to make Ohio the first state in the nation to accept tax payments via cryptocurrency,” said Ohio Treasurer Josh Mandel. “We’re doing this to provide Ohioans more options and ease in paying their taxes and also to project Ohio’s leadership in embracing blockchain technology.”

Under the new payment system, not all taxpayers can make payment in cryptocurrency: It’s limited to businesses operating in Ohio. Offering the service to individual taxpayers is on the agenda, but Mandel hasn’t indicated any specific timeframe for the expansion.

Here’s how it works: If you operate a business in the State of Ohio and you have a tax bill, you can register online at OhioCrypto.com to pay your taxes. You can make payments on any of 23 eligible business-related taxes (you can find a list here), and there is no transaction limit.

The Treasurer’s office isn’t holding, mining or investing in cryptocurrency for payments or processing. All cryptocurrency payments are processed by a third-party cryptocurrency payment processor, BitPay. Those payments are immediately converted to dollars before being deposited into a state account. 

“The State of Ohio is the first major government entity offering its citizens the option to pay with cryptocurrency,” said Stephen Pair, cofounder and CEO of BitPay. “With BitPay, Ohio can leverage blockchain technology and benefit from reduced risk and identity fraud as well as enabling quick and easy payments from any device anywhere in the world and get paid in dollars. This vision is at the forefront of moving blockchain payments into mainstream adoption.”

You’ll need to use Payment Protocol-compatible wallets to pay. Those include BitPay Wallet; Copay Wallet; BTC.com Wallet; Mycelium Wallet; Edge Wallet (formerly Airbitz); Electrum Wallet; Bitcoin Core Wallet; Bitcoin.com Wallet; BRD Wallet (breadwallet); and Bitcoin Cash (BCH) Wallets. If you don’t have one of these wallets, OhioCrypto.com advises you to create one and send some coin to it.

Currently, the Treasurer’s office only accepts Bitcoin for payment, but the plan is to add other cryptocurrencies in the future.

There is a cost associated with paying in cryptocurrency (it’s worth noting taxpayers who pay via credit cards or debit cards are also subject to fees from payment providers but are not assessed fees through the Treasurer’s office). Taxpayers paying using cryptocurrency are charged a transaction fee, network fee and miner fee. The miner fee will be displayed in the taxpayer’s wallet and not on OhioCrypto.com. The transaction fee will be 0% during an initial three-month introductory period, and after that time, it will be 1%. 

(An email to the Treasurer’s office about any costs to the State of Ohio for the service was not immediately returned.)

What You Need To Know About Taxes & Cryptocurrency

Forbes Kelly Phillips Erb

It will be interesting to see if other state governments follow suit. A bill to accept bitcoin as payment for taxes was ultimately voted down, 264 to 74, by the New Hampshire legislature in 2016. A similar measure in Utah also failed to pass, while a bill to accept crypto for payments in Georgia stalled earlier this year. However, states are still trying: Arizona’s state legislature actually passed a crypto payment measure, but it was vetoed on May 16, 2018.

The Internal Revenue Service (IRS) doesn’t currently accept cryptocurrency as payment either. By law, the IRS issues Regulations (interpretations of the tax code) and other guidance about the kinds of payment which can be used to pay taxes. The IRS has authorized payment by check, money order, credit card and debit card—but not by Bitcoin or other cryptocurrency. (You can find more ways to pay your IRS tax bill here.)

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SunnyNovember 26, 2018
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Yet another group of organized criminals have been apprehended after illegally acquiring cryptocurrency.

Three individuals in Bulgaria have been arrested and charged after obtaining over $3 million (5 million lev) through illegal schemes. Prosecutors had been gathering evidence against the group since June.

According to local outlets, police found a trove of passwords and private keys associated with various cryptocurrency exchange services and wallet providers.

It is not clear what exactly the miscreants had done to obtain such a large amount of cryptocurrency illegally.

However, local reports state that the criminals were using “innovative mechanisms, specialist software, and advanced knowledge in the area of cryptocurrency.”

Authorities also seized a car worth $35,000 (60,000 lev) that was bought using the pilfered cryptocurrency.

Despite cryptocurrency’s promise of anonymity, criminals are still being caught. Earlier this month, a group of eight Japanese men were arrested for running a cryptocurrency Ponzi scheme valued at over $60 million.

Published November 26, 2018 — 15:18 UTC

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