Business Idea Archives - earn money online hindi news: Sunnywebmoney.com

SunnyJanuary 12, 2019
NBT.jpg

1min110

नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी इन्फोसिस ने पनाया और दो अन्य अनुषंगियों स्कावा तथा दो अन्य अनुषंगियों स्कावा और कैलिडस की बिक्री की योजना छोड़ दी है। संभावित खरीदारों के साथ बातचीत सिरे नहीं चढ़ने की वजह से उसने योजना को छोड़ दिया। इन्फोसिस ने अप्रैल में पनाया के साथ कैलिडस और स्कावा की बिक्री की योजना बनाई थी। यह बिक्री मार्च, 2019 तक पूरी होनी थी। पनाया इस्राइली कंपनी है जिसका अधिग्रहण इसके संस्थापकों तथा विशाल सिक्का की अगुवाई वाले पूर्ववर्ती प्रबंधन के बीच विवाद का मुद्दा बन गया था। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि 31 दिसंबर, 2018 को समाप्त तिमाही के दौरान मिले प्रस्तावों के आकलन और इस दिशा में संभावित खरीदारों के साथ वार्ता की प्रगति की समीक्षा के बाद कंपनी का मानना है कि यह बिक्री सौदा 31 मार्च, 2019 तक पूरा नहीं हो सकता। इसी के मद्देनजर कंपनी ने इन इकाइयों प्रस्तावित बिक्री की श्रेणी से हटा दिया है। अब कंपनी इनके कारोबार को आगे बढ़ाने पर ध्यान देगी।

Let’s block ads! (Why?)


Source link


SunnyJanuary 9, 2019
NBT.jpg

1min130

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी की 1,000 करोड़ रुपये की शेयर पुनर्खरीद योजना को मंजूरी प्रदान कर दी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी और कहा कि इसे कब और कैसे किया जाना है, इसका निर्णय एनएमडीसी का निदेशक मंडल लेगा। सरकार ने नौ लोक उपक्रमों ओएनजीसी, ऑयल इंडिया, इंडियन ऑयल, एनएचपीसी, भेल, नाल्को, कोच्चि शिपयार्ड, एनएलसी और केआईओसीएल की शेयर पुनर्खरीद योजना तैयार की है। इससे सरकारी खजाने को कुल 9,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। एनएमडीसी में सरकार की 72.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

Let’s block ads! (Why?)


Source link


SunnyJanuary 7, 2019
04_01_2019-nivesh_18819409.jpg

1min120

Publish Date:Sun, 06 Jan 2019 06:52 PM (IST)

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। नए साल में आपने कई सारे फैसले लिए होंगे। इनमें वित्त से जुड़ा फैसला भी होगा। लेकिन क्या आपने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कोई ठोस फाइनेंशियल प्लानिंग की है। आज बाजार में कई ऐसे निवेश विकल्प हैं, जिन्हें बच्चों के लिए या उनके नाम पर शुरू किया जा सकता है। हम इस खबर में आपको कुछ ऐसे ही निवेश विकल्प के बारे में बता रहे हैं।

बच्चों के लिए 4 निवेश विकल्प

सुकन्या समृद्धि योजना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुकन्या समृद्धि योजना को जनवरी 2015 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लॉन्च किया था। यह बच्ची के वित्तीय भविष्य के लिहाज से एक शानदार स्कीम मानी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह एक सरकार समर्थित स्कीम है और इस पर ब्याज दर भी काफी अच्छी है। इसका खाता आप किसी भी अधिकृत वाणिज्यिक बैंक या फिर भारतीय डाकघर में खुलवा सकते हैं। अगर आप अपनी बच्ची की शादी, उसकी पढ़ाई एवं वित्तीय सुरक्षा के लिए निवेश करना चाहते हैं तो सुकन्या आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इस योजना में 8.5 फीसद की दर से ब्याज मिलता है।

सुकन्या समृद्धि अकाउंट को लड़की के अभिभावक एवं पिता की ओर से लड़की के नाम पर खुलवाया जा सकता है। एक अभिभावक एक लड़की के नाम पर एक ही अकाउंट खुलवा सकता है और अधिकतम 2 लड़कियों के नाम पर दो खाते। सुकन्या समृद्धि अकाउंट को लड़की के जन्म से 10 वर्ष की आयु तक खुलवाया जा सकता है। इस खाते में एक साल के भीतर न्यूनतम 250 रुपये का और 1,50,000 रुपये का सालाना निवेश किया जा सकता है। इस खाते को खुलवाए जाने के अगले 15 वर्षों तक जारी रखा जा सकता है। जैसे ही लड़की या तो 10वीं पास हो या फिर 18 वर्ष की हो जाए अकाउंट से आंशिक निकासी की जा सकती है। इस खाते में जमा अधिकतम 50 फीसद राशि को बच्ची की शिक्षा के लिए निकाला जा सकता है। यह सेविंग स्कीम पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है।

PPF: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के तहत आप अपने और अपने नाबालिग बच्चों का भी अकाउंट खोल सकते हैं। अपने बच्चे का पीपीएफ अकाउंट खोलना काफी फायदेमंद होता है। इसका पहला कारण है कि पीपीएफ अकाउंट की लॉन-इन अवधि 15 साल की होती है। इसलिए अगर बचपन में ही बच्चे का पीपीएफ अकाउंट खुलावा दिया जाता है तो वह बालिग होने तक यह खाता मैच्योर हो जाएगा। तब कई कामों के लिए इस पैसे का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यहां पर ध्यान रखने वाली बात है कि आपके और आपके बच्चे, दोनों के अकाउंट में एक साल में जमा होने वाली रकम 1.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। मौजूदा कानून के मुताबिक, एक साल में पीपीएफ अकाउंट में इतनी ही रकम जमा हो सकती है। आयकर कानून के तहत एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये की रकम पर ही टैक्स से छूट मिलती है।

एफडी: बच्चे के माता-पिता या कानूनी अभिभावक कई बैंकों में 100 रुपये और 500 रुपये जमा के साथ इनमें निवेश शुरू कर सकते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी): फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है जो बचत खातों में जमा की तुलना में अधिक ब्याज देता है। इसमें रिटर्न पूर्व निर्धारित समय के अनुसार मिलता है। एफडी में निवेश के लिए आपके पास बैंक, छोटे वित्त बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और डाकघर है।

Posted By: Nitesh

Let’s block ads! (Why?)


Source link


SunnyJanuary 4, 2019
NBT.jpg

1min200

नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) देश में मछलीपालन और समुद्री उत्पादों को बढ़ावा देने से जुड़ी नीली क्रांति पर केंद्र प्रायोजित योजना के वित्त पोषण के लिए सरकार के बाजार से पूंजी जुटाने और अन्य बाहरी मदद पाने के प्रयासों की संसदीय समिति ने प्रशंसा की है। इससे पहले संसदीय समिति ने अपनी 53वीं रपट में सरकार द्वारा इस योजना के लिए मामूली रकम देने को लेकर उसकी खिंचाई की थी और इस बारे में वित्त मंत्रालय पर जोर देने के लिए कहा था। इसके बाद इस योजना को लागू करने वाली नोडल इकाई कृषि मंत्रालय ने और कोष जुटाने के प्रयास किए। इस योजना के लिये मंजूर किये गये कुल योजना आवंटन 3,000 करोड़ रुपये की तुलना में सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 400.73 करोड़ रुपये की राशि ही आवंटित की जिसे समिति ने बेहद कम माना था। बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश कार्रवाई रपट में समिति ने जानकारी दी कि सरकार इसके लिए बाजार से कोष जुटाने और अन्य बाहरी स्रोतों से राशि जुटाने के प्रयास कर रही है। इसके अलावा सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2018-19 के बजट में 10,000 करोड़ रुपये के कोष का वादा किया है। रपट में सरकार के इन प्रयासों की तारीफ के साथ कहा गया है कि उसे लगता है कि इससे भविष्य में कोष के पर्याप्त आवंटन प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।

Let’s block ads! (Why?)


Source link


SunnyJanuary 3, 2019
1546476237_TN_placeholder.png

2min190

Jio New Plan: जियो ने नए साल के लिए नया प्लान तैयार किया है।&nbsp

नई दिल्ली: टेलीकॉम इंडस्ट्री में एंट्री के बाद जियो ने टैरिफ वॉर शुरू कर दी, अब कंपनी अपने नए दांव की तैयारी में है। नए साल में जियो ने नया टार्गेट सेट किया है। कंपनी अब इंटरप्राइस ग्राहकों को लुभाने की कोशिश में है। रिलायंस जियो इंफोकॉम लाखों बिजनेस ग्राहकों को सस्ते ब्रॉडबैंड पैक मुहैया कराना चाहती है, जिन्हें इस प्राकर के प्लान अभी नहीं मिलते हैं। ईटी टेलीकॉम से बातचीत करते हुए जियो के अध्यक्ष मैथ्यू ओमन ने भारत की पुरानी टेलीकॉम कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि टेलीकॉम कंपनियों ने कारोबार को इससे वंचित रखा है और जियो ने अपने किफायती ऑफर्स से इस गैप के बीच पुल का काम किया है। 

मैथ्यू ने बताया कि भारत में 5.1 करोड़ रजिस्टर्ड माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइसेस के साथ 5000 बड़े इंटरप्राइसेस और 14 लाख स्माल और मीडियम इंटरप्राइसेस हैं। जिसमें से 10 लाख वॉयरलाइन कनेक्टिविटी से जुड़े हैं। जियो की प्रतिद्वंदी कंपनी एयरटेल लगभग 17 लाख इंटरप्राइस उपभोक्ताओं से जुड़ी है, जिनकी उसके रेवेन्यू में 22 फीसदी हिस्सेदारी है। 

ओमन ने ईटी टेलीकॉम को बताया कि अगल बड़ा बदलाव कारोबारियों के लिए होगा, जिसमें उन्हें सस्ता अल्ट्रा ब्रॉडबैंड मुहैया कराया जाएगा। व्यापार को टेलीकॉम कनेक्टिविटी से वंचित रखा गया है। जबकि ब्रॉडबैंड का इसमें एक मुख्य रोल है। 

पढ़ें: WhatsApp पर साल 2019 में आएंगे ये 5 बेहतरीन फीचर

बता दें कि मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनियो जियो ने सितंबर 2016 में इंडस्ट्री में एंट्री की थी। अब कंपनी का अगला टार्गेट इंटरप्राइसेस सेगमेंट है। जियो की ब्रॉडबैंड सेवा अभी टेस्टिंग फेज में चल रही है। कंपनी जल्द ही 1100 शहरों में अपनी ब्रॉडबैंड सेवा की मेगा लॉचिंग करेगी। इसके साथ ही रिलायंस जियो की पैरंट कंपनी ने केबल फर्म हैथवे और डेन नेटवर्क में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है। जिससे वह अपने फाइर सेवा को आगे बढ़ाएंगे।

कारोबार  से जुड़ी और खबरें  यहां  पढ़ें BUSINESS NEWS , टेक्नोलॉजी सेक्शन के लिए  TECH NEWS पर क्लिक करें  और कार, बाइक से जुड़ी खबरें AUTO NEWS में पढ़ें। देश और दुन‍िया की सभी खबरों की ताजा अपडेट के ल‍िए जुड़िए हमारे FACEBOOK पेज से।

Let’s block ads! (Why?)


Source link