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SunnySeptember 21, 2018
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राशिफल दिनांक 21 सितम्बर&nbsp | &nbspतस्वीर साभार:&nbspThinkstock

Horoscope Today 21 September : गाय की सेवा का हिंदू धर्म में बहुत महत्‍व बताया गया है। इसे मां समान माना जाता है। वैसे कई ग्रह चाल के बुरे प्रभाव को दूर करने के लिए भी गो सेवा के उपाय बताए जाते हैं। मेष राश‍ि वाले अगर आज का द‍िन शुभ चाहते हैं तो गो माता को चारा ख‍िलाना उनके लिए अच्‍छा रहेगा। सिंह राश‍ि वाले गाय को केला खिलाएं।

ज्‍योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार, वृष राश‍ि वालों को आज के द‍िन काम पूरे कराने के लिए च‍िड़‍ियों को दाना ख‍िलाना चाहिए। मिथुन राश‍ि वालों के ल‍िए आज का द‍िन जॉब में आगे बढ़ने का है। वहीं आईटी और मार्केटिंग में कार्य करने वाले तुला राश‍ि के युवा आज अपने काम से बॉस का मन मोह लेंगे।

राशिफल दिनांक 21 सितम्बर : यहां पढ़ें व‍िस्‍तार से

1. Aries / मेष : आईटी और बैंकिंग के जातक अपनी सफलता से खुश रहेंगे। धन का आगमन होने की संभावना है। पीला रंग आपका आज का प्रिय शुभ रंग है। प्रेम की सफलता में संघर्ष की संभावना रहेगी। दाम्पत्य जीवन में प्रसन्नता बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आज के दिन की शुभता बढ़ाने के लिए गो माता को हरा चारा खिलाएं।

2. Tauras / वृष : आईटी और मैनजमेंट जॉब  करने वाले प्रोग्रेस करेंगे। आज स्टाफ संग घूमने का दिन है। मेडिकल स्‍टूडेंट्स अपने करियर में सफलता से प्रसन्न रहेंगे। कार्य स्थल पर छोटी छोटी बातों पर बहस से बचें। छात्र नवीन अवसरों की प्राप्ति करेंगे। उच्चाधिकारी का सहयोग प्राप्त होगा। उदर विकार से कष्ट होगा। प्रेम में मिलन का सुअवसर है। कृपया समय का सम्मान करें। नीला रंग शुभ है। चिड़ियों को दाना देना कष्‍ट दूर करेगा। 

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3. Gemini / मिथुन : आज का दिन जॉब में उन्नति के बारे में विचार का है। धन के व्यय की संभावना रहेगी। कोई गृह निर्माण संबंधी कार्य पूर्ण होगा। मेडिकल और मैनेजमेंट के छात्रों को प्राप्त सफलता से उनका मन हर्षित रहेगा। प्रेम में घुमक्कड़पन प्रभावी रहेगा। कृपया दिल को संभालकर रखें। स्किन रोग की संभावनाएं रहेंगी। गाय को केला खिलाएं।

4. Cancer / कर्क :  इंजीनियरिंग और एमबीए के छात्रों का कार्य परिश्रम के बाद ही पूर्ण होगा। आईटी और मार्केटिंग के जातक सफलता की प्राप्ति करेंगे। वस्त्र व्यवसाय और वित्त से संबद्धित जातकों के लिए आज का दिन भाग्यवृद्धि कारक है। प्रेम में खुशी मिलेगी। अपने पार्टनर को गिफ्ट दें। स्वास्थ्य सुख बहुत अच्छा रहेगा। सफेद रंग शुभ है। भाग्य में वृद्धि के लिए कुत्ते को रोटी या बिस्किट खिलाएं।

5. Leo / सिंह : आपके परफार्मेंस से आपके बॉस प्रसन्न रहेंगे। मेडिकल और लॉ के छात्रों का दिन प्रगति का है। परिवार के साथ कहीं सैर सपाटे का आनन्द उठाएंगे। आपका रोमांटिक अंदाज आपकी लव लाइफ को नई ऊर्जा से भर देगा। प्रेम में सैर का लुत्फ लेंगे। आज का शुभ रंग है नारंगी। दाम्पत्य जीवन सुखी रहेगा। गाय को केला खिलाएं।

6. Virgo / कन्या : अच्छे संदेश की प्राप्ति से छात्रों का मन हर्षित रहेगा। आईटी और लॉ के छात्र शिक्षा में उन्नति करेंगे। अविवाहित लोगों के विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी। प्रेमिका का दिया गिफ्ट आपको प्यार से भर देगा। प्रेम में सफलता मिलेगी। आज आप स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहेंगे। बीपी से परेशांनी होगी। हरा रंग शुभ है। गाय को रोटी और गुड़ खिलाएं।

7. Libra / तुला :  वित्तीय मामले हल होंगे। मित्रों के प्रयास से कोई कार्य सफल हो सकता है। आईटी और मार्केटिंग में कार्य करने वाले युवा आज अपने काम से बॉस का मन मोह लेंगे। प्रेम में मनोरंजन व फ‍िल्म वगैरह का आनंद उठाएंगे। प्रेमिका संग सैर भी होगी। स्वास्थ्य सुख में मधुमेह से परेशानी रहेगी। नीला रंग शुभ है। श्री सूक्त का पाठ करें।

8. Scorpio / वृश्चिक : ऑफिस में आपके कार्य का सब लोग लोहा मान लेंगे। आपकी वाणी आज सुशोभित होगी। अविवाहित लोगों के विवाह के रिश्ते आएंगे। अपने कार्य से खुश रहेंगे। ऑफिस कार्यों में व्यस्त रहेंगे। स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहेंगे। संतान पक्ष से सुखद समाचार की प्राप्ति होगी। लाल रंग शुभ है। गेहूं का दान दें।

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9. Sagittarius / धनु : आईटी और मेडिकल के छात्र सफलता की प्राप्ति करेंगे। ऑफिस कार्यों में व्यस्तता रहेगी। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। तकनीकी और मैनजमेंट फील्ड के छात्रों के लिए कई सुनहरे अवसर उपलब्ध रहेंगे। आज व्ययसाय में उन्नति होगी। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। प्यार में सफल रहेंगे। प्रेम में कुछ प्यारा गिफ्ट दें। पीला रंग शुभ है। धार्मिक पुस्तक का दान करें।  

10. Capricorn / मकर : आपकी योग्यता और वाणी की माधुर्यता सबका मन मोह लेगी। बिगड़े कार्य भी बन जाएंगे। मार्केटिंग और आईटी फील्ड के जातक अपने टारगेट को प्राप्त करेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र सफल रहेंगे। प्यार में दिल की सुनेंगे। प्रेमिका को शिकायत का चांस नहीं देंगे। हेल्थ अच्छी रहेगी। गाय को केला खिलाएं।

11. Aquarius / कुंभ : धन का आगमन होगा। आय प्राप्ति के नए स्रोत बनेंगे। आईटी और बैंकिंग से सम्बद्ध लोग अपने टारगेट को प्राप्त करेंगे।   प्रेमिका संग सैर होगी। प्रेम में कुछ भी कहने का सुअवसर है। हरा और नीला शुभ रंग है। स्वास्थ्य सुख बहुत अच्छा नहीं रहेगा। बीपी से परेशान हो सकते हैं। गाय को हरा चारा खिलाएं।

12. Pisces / मीन :  शिक्षा में सफलता की प्राप्ति होगी। मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के छात्र सफल रहेंगे। आई टी और पत्रकारिता से जुड़े लोग सफल रहेंगे। पीला रंग शुभ है। नेत्र विकार से परेशानी होगी। गाय को भोजन कराएं। आज लव में घूमने घामने में धन का व्यय होगा। जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर परेशान रहेंगे।

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SunnySeptember 20, 2018
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हाल ही में 17 सितम्बर को केन्द्र सरकार ने बैंक ऑफ  बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के विलय का फैसला किया है। यह निर्णय बैंकों की कर्ज देने की क्षमता बढ़ाने, बैंकिंग प्रणाली को दुरुस्त करने तथा आर्थिक वृद्धि को गति देने की सरकारी रणनीति का एक हिस्सा है। तीनों बैंकों के विलय के बाद यह एस.बी.आई. तथा एच.डी.एफ.सी. बैंक के बाद देश का तीसरा बड़ा बैंक होगा। 

सरकार द्वारा कहा गया है कि बैंकों के विलय से कर्मचारियों की मौजूदा सेवा शर्तों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा सभी कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। तीनों बैंकों के निदेशक बोर्ड विलय के प्रस्ताव पर विचार कर इसे मंजूरी देंगे, जिसे केन्द्रीय मंत्रिमंडल और फिर संसद से मंजूरी लेनी होगी। कहा गया है कि विलय की प्रक्रिया  मार्च 2019 तक पूरी कर ली जाएगी और इस नए आकार वाले बड़े बैंक को बेहतर तरीके से पर्याप्त पूंजी दी जाएगी ताकि वह निजी क्षेत्र के बैंकों को टक्कर दे सके। यह भी महत्वपूर्ण है कि इन तीन बैंकों के विलय से अनुमान लगाया गया है कि करीब 1000 जगहों पर तीनों बैंकों की शाखाओं का एकीकरण हो सकता है जिससे कोई 10 से 12 अरब रुपए की बचत होगी। 

पिछले दिनों वैश्विक  रेटिंग एजैंसी मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत में सरकार द्वारा छोटे-छोटे बैंकों के एकीकरण से बड़े और मजबूत बैंक बनाया जाना देश के बैंकिंग परिदृश्य की जरूरत है। यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पी.एस.बी.) में जो अतिरिक्त पूंजी डाली जा रही है, उससे बैंकों में फंसे कर्ज (एन.पी.ए.) के लिए प्रावधान में सुधार लाने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2019 के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बहुत ज्यादा बाहरी पूंजी की जरूरत नहीं होगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने भी कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का बुरा समय समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में देश और दुनिया के अर्थ विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार द्वारा छोटे और कमजोर बैंकों के साथ मजबूत बैंकों का एकीकरण देश की जरूरत है। 

भारत में बैंकों की जन हितैषी योजनाओं के संचालन संबंधी भूमिका के कारण सरकारी बैंकों के निजीकरण की बजाय सरकारी बैंकों में नई जान फूंकने के और अधिक प्रयास करने जरूरी हैं। वस्तुत: छोटे-छोटे सरकारी बैंकों का एकीकरण तथा सरकारी बैंकों में पुनर्पूंजीकरण का कदम एक बड़ा बैंकिंग सुधार है। इससे सरकारी बैंकों को दोबारा सही तरीके से काम करने का अच्छा मौका मिल रहा है। इससे बैंकिंग व्यवस्था मजबूत बन रही है। पिछले दिनों अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आई.एम.एफ.) ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और इसमें नई जान फूंकने के लिए बैंकिंग क्षेत्र की हालत को पर्याप्त पुनर्पूंजीकरण से बेहतर करना सबसे पहली जरूरत है। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण दूसरी जरूरत है। आई.एम.एफ . ने कहा है कि भारत को इसके लिए गैर-निष्पादित आस्तियों के समाधान को बढ़ाना तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ऋण वसूली प्रणाली को बेहतर बनाना होगा। 

गौरतलब है कि 17 जुलाई,  2018 को सरकार द्वारा पांच सरकारी बैंकों-पंजाब नैशनल बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आंध्रा बैंक तथा इलाहाबाद बैंक के पूंजीकरण के तहत 11337 करोड़  रुपए आर्थिक पैकेज घोषित किया गया है। इसके पहले 24 अक्तूबर, 2017 के तहत फंसे कर्ज की समस्या से जूझ रहे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अगले 2 साल में 2.11 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज दिया जाना सुनिश्चित किया गया था। यद्यपि बैंक पूंजी बाजार भी जा सकते हैं लेकिन सरकारी बैंकों के शेयर मूल्य इतने कम हैं कि सरकारी बैंक शेयर बाजार से भी अपेक्षित पूंजी नहीं जुटा पाएंगे। सरकार सरकारी बैंकों का निजीकरण करते हुए उन्हें निजी हाथों में बेच भी सकती है लेकिन फिलहाल देश में सरकारी बैंकों को खरीदने की संभावना रखने वाले भरोसेमंद व्यक्ति या संगठन दिखाई नहीं दे रहे हैं। 

इन सबके अलावा सरकारी बैंकों को विदेशियों को भी बेचा जा सकता है लेकिन इस समय यह देश हित एवं राजनीतिक दृष्टि से सही नहीं होगा। इस तरह ऐसा कोई उपाय नहीं है जो एक झटके में बैंकों की हालत सुधार दे और अर्थव्यवस्था की विभिन्न दिक्कतें दूर कर दे। चूंकि सरकार किसी सरकारी बैंक को विफल नहीं होने देना चाहती है, अत: वह बैंकों को जरूरी पूंजी मुहैया कराने की डगर पर आगे बढ़ी है। इससे पूंजी की किल्लत से परेशान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को जल्द राहत मिलेगी। नीति आयोग का कहना है कि बैंकों को पूंजी मिलने से कर्ज देना आसान होगा। कर्ज देने की रफ्तार बढऩे की स्थिति में निजी निवेश में तेजी आएगी। 

इतना ही नहीं, सरकार की जनहित की योजनाएं सरकारी बैंकों पर आधारित हैं। देश भर में चल रही विभिन्न कल्याणकारी स्कीमों के लिए धन की व्यवस्था करने और उन्हें बांटने की जिम्मेदारी सरकारी बैंकों को सौंप दी गई है। सरकारी बैंकों द्वारा एक ओर मुद्रा लोन, एजुकेशन लोन और किसान क्रैडिट कार्ड के जरिए बड़े पैमाने पर कर्ज बांटा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बैंकरों को लगातार पुराने लोन की रिकवरी भी करनी पड़ रही है। परिणामस्वरूप बैंक ऑफिसर अपने मूल काम यानी कोर बैंकिंग के लिए बहुत कम समय दे पा रहे हैं। चूंकि बीमा या सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक खाता जरूरी है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाओं की भारी कमी है। 

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च, 2018 तक जनधन योजना के तहत 31.44 करोड़ खाते थे। 2014 से 2017 के बीच दुनिया में 51 करोड़ खाते खुले, जिनमें से 26 करोड़ खाते केवल भारत में जन-धन योजना के अंतर्गत हैं। भारत में इस अवधि में 26 हजार नई बैंक शाखाएं भी खुली हैं। ऐसे में भारत की नई बैंकिंग जिम्मेदारी बैंकों के निजीकरण से संभव नहीं है। अत: ऐसी जिम्मेदारी मजबूत सरकारी बैंक द्वारा ही निभाई जा सकती है। गौरतलब है कि 23 अगस्त, 2017 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक बैंकों के एकीकरण में तेजी लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस कवायद का मकसद सरकारी बैंकों को सुदृढ़ करना है। गत 24 जुलाई को केन्द्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) से उन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पी.एस.बी.) के बारे में राय मांगी जिनका विलय किया जा सकता है। बैंकिंग सैक्टर में दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सेदारी सरकारी बैंकों की है। सरकार की रणनीति अगले 3 वर्षों में वर्तमान 21 सरकारी बैंकों की संख्या घटाकर 10-12 करने की है। 

उल्लेखनीय है कि छोटे बैंकों को बड़े बैंक में मिलाने का फार्मूला केन्द्र सरकार पहले भी अपना चुकी है। एक अप्रैल 2017 को  एस.बी.आई. के 5 सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक (बी.एम.बी.) का एस.बी.आई. में विलय किया गया। भारत में स्टेट बैंक ऑफ  इंडिया जैसे बड़े बैंकों में सहायक बैंकों के विलय से उद्योग, कारोबार व विभिन्न वर्गों की कर्ज की बड़ी जरूरत पूरी हुई है। इस समय जहां देश के बैंकिंग क्षेत्र में नए बड़े आकार के बैंकों की जरूरत है, वहीं जरूरी है कि सरकार बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के कार्य पर उपयुक्त निगरानी  और नियंत्रण रखे। बैंकों को दी गई भारी-भरकम नई पूंजी के आबंटन की उपयोगिता और प्रासंगिकता इस बात पर निर्भर करेगी कि बैंक इसका इस्तेमाल कितने प्रभावी ढंग से करेंगेे और फंसे हुए कर्ज से कैसे निपटेंगे, साथ ही बैंकों के पुनर्पूंजीकरण से देश की दोहरी बैलेंस शीट की समस्या कितनी हल होगी। बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के साथ-साथ बड़े और मजबूत सरकारी बैंकों को आकार देने की उपयुक्त रणनीति भी लाभप्रद होगी। ऐसा होने पर ही बैंकों में नए निवेश से सभी प्रकार के छोटे-बड़े  उद्योग-कारोबार के साथ-साथ आम आदमी भी लाभान्वित होंगे। 

साथ ही सार्वजनिक बैंक मजबूत बनकर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का सामना करते हुए अर्थव्यवस्था को गतिशील कर सकेंगे। हम आशा करें कि बैंक आफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक के विलय से जो बड़ा और मजबूत बैंक आकार लेगा, उससे बैंक की कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी, ग्राहक सेवा बेहतर होगी और डूबते ऋण नहीं बढ़ेंगे। हम आशा करें कि सरकार कमजोर और मजबूत सार्वजनिक बैंकों के एकीकरण की डगर को आगे भी जारी रखेगी ताकि बैंकिंग सुधारों को दिशा दी जा सकेगी।-डा. जयंतीलाल भंडारी

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SunnySeptember 19, 2018
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8min20

आॅल इंडिया बैंक आॅफिसर्स कनफेडरेशन ने कहा कि इससे पहले एसबीआई के साथ पांच सहयोगी बैंकों के विलय हुआ था, लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ. गुजरात बैंक कर्मचारी यूनियन का कहना है कि इससे बेरोज़गारी बढ़ेगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: बैंक यूनियनों ने केंद्र की मोदी सरकार के बैंक आॅफ बड़ौदा (बॉब) की अगुवाई में तीन बैंकों के विलय के प्रस्ताव का विरोध किया है. सरकार ने बैंक आॅफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के विलय का प्रस्ताव किया है.

यूनियनों का आरोप है कि सरकार का इस कदम के पीछे मकसद गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) और बड़ी कंपनियों से कर्ज की वसूली के मुद्दे से ध्यान हटाना है.

आॅल इंडिया बैंक आॅफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी) ने कहा कि भारतीय बैंकिंग उद्योग की प्रमुख समस्या बढ़ता एनपीए है जो 10 लाख करोड़ रुपये के पार हो चुका है.

एआईबीओसी ने कहा कि विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई नहीं होना सरकार की ओर से राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है.

केंद्र सरकार के तीन बैंकों को विलय करने के फैसले का विरोध करते हुए आॅल इंडिया बैंक इम्प्लाइज़ एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बैंकों का विलय बैंकों को मजबूत करेगा या उन्हें अधिक कुशल बना देगा.

वेंकटचलम ने आगे कहा कि एसबीआई के साथ पांच सहयोगी बैंकों के विलय के बाद कोई चमत्कार नहीं हुआ है.

पहले हुए विलय पर उन्होंने कहा, ‘दूसरी तरफ, इसके परिणामस्वरूप शाखाओं को बंद करना, खराब ऋण में वृद्धि, कर्मचारियों में कमी, व्यापार में कमी आई है. 200 वर्षों में पहली बार एसबीआई नुकसान में गया है.’

बैंक श्रमिक का राष्ट्रीय संगठन (एनओबीडब्ल्यू) के उपाध्यक्ष अश्विनी राणा ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि विलय का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है और इन बैंकों के कर्मचारी प्रभावित होंगे.

टाइम्स आॅफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात बैंक कर्मचारी यूनियन (जीबीडब्ल्यूयू) के सदस्यों ने मंगलवार को सूरत में बैंक आॅफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के विलय का प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार नोटबंदी और जीएसटी के फायदे बताने में पूरी तरह से असफल रही अब बैंकों के विलय से अर्थव्यवस्था को सिर्फ नुकसान पहुंचेगा.

यूनियन के महासचिव वसंत बरोट ने कहा, ‘बैंको का एनपीए बढ़ रहा है. बैंकों का विलय करने से देश में बेरोज़गारी बढ़ेगी. बैंक आॅफ बड़ौदा एक लाभकारी बैंक हैं. दो बैंकों के विलय से इस बैंक का नाम भी एनपीए लिस्ट में आ जाएगा.’

मालूम हो कि केंद्र सरकार ने बीते 17 सितंबर को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों- बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का आपस में विलय किया जाएगा. इस निर्णय के साथ देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आएगा.

बैंकों के विलय की योजना की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि इससे बैंक और मज़बूत होंगे और उनकी क़र्ज़ देने की क्षमता बढ़ेगी. विलय के कारणों को बताते हुए उन्होंने कहा बैंकों की क़र्ज़ देने की स्थिति कमज़ोर होने से कंपनियों का निवेश प्रभावित हो रहा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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SunnySeptember 9, 2018
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1min20

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 09 Sep 2018 08:43 AM IST

ख़बर सुनें

प्रदेश सरकार अगले साल जनवरी में प्रयाग कुंभ के दौरान आम श्रद्धालुओं के साथ विदेशी मेहमानों, अखाड़ों और संतों का विशेष ख्याल रखेगी। इन्हें वित्तीय सुविधाएं पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में अस्थायी बैंक, एटीएम और फॉरेन एक्सचेंज काउंटर की स्थापना की जाएगी।

संस्थागत वित्त विभाग के महानिदेशक शिव सिंह यादव ने यहां बताया कि प्रयागकुंभ में करोड़ों की तादाद में आम श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में विदेशी भी आते हैं। अखाड़े और संतों के आश्रम श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र में होते हैं।

मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद्र पांडेय के निर्देशन में संस्थागत वित्त विभाग ने कुंभ के विश्वस्तरीय आयोजन को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार की है। कुंभ क्षेत्र 20 सेक्टर में बंटा हुआ है। प्रत्येक सेक्टर में एक-एक अस्थायी बैंक स्थापित किया जाएगा।

प्रदेश के नौ अग्रणी बैंकों को दो-दो शाखाएं खोलने की जिम्मेदारी दी गई है। निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई व एचडीएफसी बैंक एक-एक शाखा स्थापित करेंगे। इसके अलावा कुंभ क्षेत्र में 45 से अधिक एटीएम लगाए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को पैसे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
 
महानिदेशक ने बताया कि अस्थायी बैंक व एटीएम के लिए बैंकों से सहमति मिल गई है। मेला प्रबंधन से इसके लिए जमीन अलॉट करने का आग्रह किया गया है। अस्थायी बैंक व एटीएम अखाड़ों के आसपास स्थापित करने की योजना है। मोबाइल कैश वैन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। 150 बैंक मित्र (बैंकिंग करेस्पांडेंट) तैनात किए जाएंगे।


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चार फॉरेन एक्सचेंज काउंटर खोले जाएंगे

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SunnyAugust 31, 2018
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बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद, सेंसेक्स 45 अंक नीचे – The Quint Hindi




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