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SunnyJanuary 16, 2019
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इसी 11 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर एच-1बी वीजा धारकों को आश्वासन दिया कि उनका प्रशासन जल्द ही ऐसे बदलाव करेगा, जिससे उन्हें अमेरिका में रुकने का भरोसा मिले और नागरिकता लेने का संभावित रास्ता आसान हो जाए। वस्तुत: ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा पर अमेरिकी नीतियों में बदलाव की तैयारी में है, जिससे प्रतिभाशाली और उच्च कौशल वाले लोगों को अमेरिका में करियर बनाने के लिए नए सिरे से बढ़ावा मिले। ट्रंप का ट्वीट भारतीय पेशेवरों, और खासकर आईटी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए अच्छी खबर के रूप में सामने आया है। 
अमेरिकी रुख में अचानक आया यह बदलाव चौंकाने वाला है। इसके दो बड़े कारण हैं। एक, अमेरिकी उद्योग-कारोबार प्रतिभाओं की कमी से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और दो, अमेरिका पहली बार स्वयं प्रतिभा पलायन की चिंता से जूझा है। ट्रंप के शासनकाल के प्रथम दो वषार्ें में ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा धारकों के लिए अमेरिका में अधिक समय तक ठहरने, विस्तार और नया वीजा हासिल करना जिस तरह कठिन बना दिया, उसमें यही होना था। 
निश्चित रूप से अब तक जहां एक ओर अमेरिका में भारत के कुशल पेशेवरों (प्रोफेशनल्स) की वीजा संबंधी कठोरता के कारण मुश्किलें और चिंताएं लगातार बढ़ती गई हैं और अमेरिकी सरकार की ‘बाई अमेरिकन, हायर अमेरिकन’ नीति के तहत नई-नई वीजा संबंधी कठोरता भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाती दिखी है, वहीं अमेरिका के उद्योग-कारोबार को भी कुशल पेशेवरों की कमी के कारण दिक्कतें आई हैं। खासतौर से भारतीय मूल के अमेरिकियों के स्वामित्व वाली छोटी तथा मध्यम आकार की कंपनियां इससे प्रभावित हुईं। 
सर्वविदित है कि पूरी दुनिया में प्रवासी भारतीयों और विदेशों में काम कर रही भारतीय नई पीढ़ी की श्रेष्ठता को स्वीकार्यता मिली है। उन्हेंईमानदार, परिश्रमी और समर्पित माना जाता है। आईटी, कंप्यूटर, मैनेजमेंट, बैंकिंग, वित्त आदि के क्षेत्र में भारतीय प्रवासी सबसे आगे हैं। अधिकांश विकसित और विकासशील देशों में भारतीय प्रतिभाओं का स्वागत हो रहा है। पिछले दिनों जापान के उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने वाली सरकारी एजेंसी जापान विदेश व्यापार संगठन (जेईटीआरओ) ने भी माना कि जापान की औद्योगिक और कारोबारी आवश्यकताओं में तकनीक और नवाचार का इस्तेमाल तेज होने से वहां सूचना प्रौद्योगिकी के साथ ही हेल्थकेयर, कृषि, अनुसंधान व विकास, सेवा व वित्त आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षित कार्यबल की भारी कमी महसूस हो रही है। जेईटीआरओ का मानना है कि जापान की बुजुर्ग होती जनसंख्या और जन्म-दर की गिरावट के इस दौर में आईटी पेशेवरों की सबसे अधिक जरूरत है, जिसे भारतीय प्रतिभावान आईटी प्रोफेशनल्स ही दूर कर सकते हैं। यही कारण है कि जापान ने पिछले साल भारतीय लोगों के लिए वीजा नियम आसान किए और अब वह उच्च कुशल पेशेवरों के लिए खास तरह का ग्रीन कार्ड भी जारी कर रहा है। 
अगर हमें अमेरिका जैसे कुछ विकसित देशों द्वारा भारतीय पेशेवर प्रतिभाओं के कदम थामने से रोकना है, तो सबसे पहले अपनी प्रतिभाओं को ऐसे उच्च कौशल से युक्त करना होगा कि वे सबसे अलग दिखें। उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स और क्लाउड प्लेटफार्म जैसी तकनीकों के ज्ञान से लैस करना होगा। रोबोट से बढ़ती रोजगार चिंताओं पर भी ध्यान देने की जरूरत होगी। उम्मीद की जानी चाहिए कि ऐसे ही शुभ संकेत अब ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे देशों से भी आएंगे, जहां भारतीय पेशेवरों की राह में लगातार रोड़े अटकाए जा रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि सरकार और उद्योग-कारोबार एवं तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े संगठन आने वाले वषार्ें में देश और दुनिया की जरूरतों के मुताबिक देश की युवा आबादी को कौशल प्रशिक्षण से कार्यसक्षम बनाने की नई रणनीति के साथ आगे बढ़ें। यह भी जरूरी होगा कि नैस्कॉम के स्थापित कुशल प्रशिक्षकों और ऐसी ही वैश्विक स्तर की विभिन्न संस्थाओं से सहयोग लिया जाए।

(ये लेखक के अपने विचार हैं) 

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SunnyJanuary 13, 2019
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1min140

Publish Date:Sat, 12 Jan 2019 10:49 AM (IST)

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। जिले के पते पर पंजीकृत सौ से अधिक कंपनियों संदिग्ध पाई गई हैं। इन कंपनियों की अचल संपत्ति जब्त की जाएगी। वित्त विभाग ने डीएम मो. सोहैल को निर्देश जारी कर इन कंपनियों की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने को कहा है। विभाग ने ऐसे 112 कंपनियों की सूची जारी की है। वहीं राज्य के विभिन्न जिले के पते पर दो हजार से अधिक ऐसी कंपनियों की जानकारी मिली है। उन जिलों को भी इसकी सूची भेज दी गई है। वित्त विभाग के संयुक्त सचिव अमिताभ मिश्र ने डीएम को जारी पत्र में कहा कि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने देश की एक लाख से अधिक कंपनियों को ‘स्ट्रक ऑफ’ किया।

    इसमें मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न स्थानों के पते पर चल रही 112 कंपनियों की सूची भेजी जा रही। इन संदिग्ध कंपनियों को लेकर कार्रवाई का निर्देश जारी किया गया है। इसके अनुसार इन कंपनियों के नाम की अचल संपत्ति का पता लगाया जाना है। इसके बाद इन संपत्तियों को जिला समाहर्ता के नियंत्रण में लिया जाना है। जब तक इन कंपनियों की सभी अचल संपत्ति समाहर्ता के नियंत्रण में नहीं लिया जाता तब तक इसकी खरीद बिक्री पर रोक लगाया जाना है।

शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में कंपनियां

जिले के पते पर पंजीकृत कंपनियों की जारी सूची में शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहीं कंपनियां हैं। सूची में कई अस्पताल भी हैं। सबसे अधिक संख्या शिक्षा के क्षेत्र में खोली गई कंपनियां हैं। इसके अलावा रियल इस्टेट, सिक्यूरिटी एजेंसी, मार्केटिंग कंपनी, सड़क निर्माण से जुड़ी कंपनी आदि शामिल हैं। कई चिटफंड कंपनियों के बारे में आशंका जताई जा रही कि निवेश के नाम पर आमलोगों से करोड़ों रुपये वसूले गए हैं।

नन बैंकिंग कंपनियों का सर्वे नहीं होने पर विभाग गंभीर

जिले में चल रहीं नन बैंकिंग कंपनियों के सर्वे में लापरवाही को लेकर सरकार ने नाराजगी जताई है। आर्थिक अपराध इकाई के एसपी ने डीएम व एसएसपी को पत्र लिखकर शीघ्र इन कंपनियों का सर्वे कराने को कहा है। ताकि, आगे की कार्रवाई की जा सके क्योंकि कई नन बैंकिंग कंपनियों के बिना सूचना काम करने की जानकारी सरकार को मिल रही। 

Posted By: Ajit Kumar

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SunnyJanuary 12, 2019
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Publish Date:Fri, 11 Jan 2019 10:58 AM (IST)

जागरण संवाददाता, जम्मू : जम्मू-कश्मीर बैंक ने अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए डिजिटल बैं¨कग लॉबी शुरू की है। बैंक के चेयरमैन व सीईओ परवेज अहमद ने श्रीनगर में वीरवार को लॉबी का उद्घाटन किया। लॉबी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस है। इसमें एक इंटरएक्टिव बैं¨कग कियोस्क है, जो बैंक के सभी उत्पादों और सेवाओं की जानकारी देती है। कैश रिसायक्लर मशीन है, जिसमें रुपये जमा करवाने व निकालने की सुविधा है। इसके अलावा चेक ड्राप मशीन है, जिसमें चेक डालने पर ग्राहक को चेक की स्टैंप लगी एक फोटोकापी प्राप्त होगी। बिल पैमेंट के लिए पीओएस मशीन, पासबुक ¨प्रट करने की मशीन तथा मोबाइल-पे जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।

लॉबी का उद्घाटन करते हुए बैंक चेयरमैन परवेज अहमद ने कहा कि विश्व स्तरीय डिजिटल बैं¨कग सुविधाओं से पूरा बैंक ग्राहकों की अंगुलियों पर आ जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक राज्य भर में ऐसी डिजिटल बैं¨कग लॉबी स्थापित करेगा, जिसकी शुरूआत 15 अप्रैल को लाल चौक से की जाएगी। चेयरमैन ने कहा कि केंद्रीय सूचना तकनीक मंत्रालय ने डिजिटल लेनदेन में वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें जम्मू-कश्मीर बैंक पहले तीन बैंकों में शामिल है। बैंक में दिसंबर 2018 को समाप्त हुई पहली तीन तिमाही में 3.21 करोड़ रुपये का डिजीटल लेनदेन हुआ।

Posted By: Jagran

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SunnyJanuary 11, 2019
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देशव्यापी हड़ताल का असर छतरपुर में भी रहा। जिलेभर के बैंक बंद थे, जिससे करोड़ों रुपए का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं उपभोक्ताओं को काफी परेशानियां हुई। बैंकों तक पहुंचने के बाद उपभोक्ताओं को बैंक बंद होने की जानकारी मिली। बैंक कर्मियों ने पांडाल लगाकर अपनी मांग को रखा और उसे पूरी करने की मांग की।

अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के बैनर तले वेतन वृद्धि को लेकर एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की गई। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के क्षेत्रीय सचिव विवेक रावत ने बताया कि हम बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों का 11वां वेतनमान 01 नवंबर 2017 से लागू होना था, जो इंडियन बैंक एसोसिएशन व वित्त मंत्रालय की अड़ियलपन के कारण अभी तक लागू नहीं हो पाया है। रावत ने अन्य मांगों जैसे स्केल 1 से स्केल 7 तक के अधिकारियों के लिए पूर्ण मैंडेट, पांच दिन बैंकिंग, पुरानी पेंशन व फैमिली पेंशन अपडेशन, कोर बैंकिंग व एनपीए वसूली के बारे में जानकारी दी। भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय सचिव प्रकाश तिवारी ने संबोधित किया। शुक्रवार को हड़ताल में परिसंघ के अंतर्गत आने वाले सभी बैंक अधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन में भारतीय स्टेट बैंक से आशुतोष कुमार, पार्थपति, अरविंद श्रीवास्तव, इंद्रजीत कुमार नेगी, मनोज शर्मा, रमेश सिंह, रामकुमार मिश्रा, प्रदीप आर्य आिद थे।

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SunnyJanuary 10, 2019
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केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (एनसीसीटी) की प्रशासनिक परिषद की दूसरी बैठक को सम्बोधित किया और एनसीडीसी के ”आधुनि‍क बैंकिंग इकाइयों के रूप में सहकारिता” मॉडल का शुभारंभ कियाI

राधा मोहन सिंह ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि एनसीसीटी समूचे देश के सहकारी क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों के साथ-साथ सहकारी क्षेत्र के अन्य हितधारकों के प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन के लिए उत्तरदायी है। परिषद का मुख्य उद्देश्य देश की सहकारिताओं में मानव संसाधन विकास की प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाना हैI

राधा मोहन सिंह ने बताया कि परिषद के राष्ट्रीय स्तर पर वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान (वैमनीकॉम) पुणे, क्षेत्रीय स्तर पर बैंगलुरू, चंडीगढ़, गांधीनगर, कल्याणी एवं पटना में पांच क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में 14 सहकारी प्रबंध संस्थान सहकारिता विभाग हैं। ये संस्‍थान संगठनों में काम करने वाले वरिष्ठ एवं मध्यम स्तर के कर्मियों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। परिषद् की विभिन्न प्रशिक्षण इकाइयों द्वारा 1340 कार्यक्रमों में 46203 प्रतिभागियों को दिसम्बर 2018 तक प्रशिक्षित किया जा चुका है।

राधा मोहन सिंह ने बताया कि भारत सरकार उत्तरी पूर्वी राज्यों एवं सिक्किम के द्रुतगामी सामाजिक-आर्थिक विकास पर विशेष बल दे रही है। उत्तरी पूर्वी राज्यों में सहकारिताओं में मानव संसाधन के विकास हेतु एनसीसीटी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है । स0प्र0 संस्थान गुवाहाटी, इम्फाल एवं क्षे0स0प्र0 संस्थान, कल्याणी द्वारा उत्तरी पूर्वी क्षेत्र की प्रशिक्षण आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है।

बैठक के दौरान केन्‍द्रीय कृषि‍ मंत्री ने वि‍भि‍न्‍न स्‍तरों पर सहकारी बैंकों के व्‍यापक सुदृढ़ीकरण व देश के दूरदराज के गावों में कृषकों के वि‍त्‍तीय समावेश हेतु राष्‍ट्रीय सहकारी वि‍कास नि‍गम (एनसीडीसी) के नवीन मॉडल ”आधुनि‍क बैंकिंग इकाइयों के रूप में सहकारिता” का शुभारम्भ किया।

राधामोहन सिंह ने बताया कि प्राथमि‍क कृषि‍ ऋण सहकारी समि‍ति‍यों (पैक्‍स) को सुदृढ़ सूचना प्रौद्योगि‍की मंच प्रदान करना, मोदी सरकार की प्राथमिकता है। इस संबंध में एनसीडीसी ने आधुनि‍क बैंकिंग इकाइयों के रूप में सहकारिताओं के सुदृढ़ीकरण के लि‍ए व्‍यापक कदम उठाये हैं ।

कृषि मंत्री ने बताया कि मॉडल में सूचना प्रौद्योगि‍की एवं संबंधि‍त संरचना जैसे डाटा सेंटर, उद्यम नेटवर्क तथा सि‍क्‍योरि‍टी, कोर बैंकिंग सॉल्‍यूशन (सीबीएस), ए.टी.एम., पी.ओ.एस., ई-लॉबी आदि‍ के उन्‍नयन एवं नये निर्माण सम्‍मि‍लि‍त है। इसमें एनसीडीसी के संस्‍थान लक्ष्‍मण राव इनामदार राष्‍ट्रीय सहकारी अनुसंधान एवं वि‍कास अकादमी के माध्‍यम से क्षमता वि‍कास में सहकारिताओं को सहायता प्रदान करना भी शामि‍ल है।

उन्होंने बताया कि सहायता राशि‍ राज्‍य सरकार के माध्‍यम से सब्‍सि‍डी समेत 90% से 100% तक प्रदान की जाती है। सीधे वि‍त्‍त पोषण स्‍कीम के अंतर्गत सब्‍सि‍डी समेत 65% से 90% तक सहायता दी जाती है जो कि‍ केंद्रीय क्षेत्रक स्‍कीम के दि‍शा-नि‍र्देशों के अनुसार है ।

उन्होंने बताया कि सहकारी उद्यम सहयोग एवं नवीन स्‍कीम (युवा सहकार) के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगि‍की क्षेत्र में नई परि‍योजनाओं हेतु वि‍त्‍तीय सहायता‍ पर भी वि‍चार कि‍या जा सकता है। सहकारी बैंकों तथा पैक्‍स को सहायता प्रदान करने हेतु एनसीडीसी की योजनाओं को नाबार्ड समेत अन्‍य योजनाओं के साथ संयोजि‍त किया जा सकता है। इस मॉडल के लि‍ए सहकारिताओं (राज्‍य सहकारी बैंक, जि‍ला केन्‍द्रीय सहकारी बैंक तथा पैक्‍स) के सभी स्‍तरों पर वि‍त्‍तीय सहायता‍ प्रदान की जा सकती है । एनसीडीसी द्वारा तैयार इस मॉडल के अंतर्गत वि‍त्‍तीय सहायता‍ हेतु कि‍सी प्रकार की कोई न्‍यूनतम एवं अधि‍कतम सीमा नहीं है।

सम्बोधन के अंत में कृषि मंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि‍ एनसीडीसी मॉडल, आधुनि‍क युग में सहकारिता की आवश्‍यकताओं को पूरा करेगा तथा शीर्ष बैंकों के साथ पैक्‍स को भी जोड़ेगा।

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SunnyJanuary 9, 2019
SunnyJanuary 8, 2019
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अभिजित लेले / मुंबई January 07, 2019

रकम की तत्काल जरूरत पूरी करने के लिए वित्तीय कंपनियों और हाउसिंग फाइनैंंस कंपनियों ने अक्टूबर-दिसंबर 2018 में 73,000 करोड़ रुपये यानी 730 अरब रुपये के खुदरा व एसएमई कर्ज प्रतिभूतिकरण के जरिए मोटे तौर पर बैंकों को बेच दिए। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने यह जानकारी दी। विश्लेषकों ने कहा, आईएलऐंडएफएस और समूह फर्मों की तरफ से सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में डिफॉल्ट के बाद बाजार में नकदी करीब-करीब समाप्त हो गई थी। इस वजह से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों व एचएफसी को निवेश निकासी (रीडम्पशन) की जरूरतें और भविष्य की बढ़त के लिए रकम जुटाने की खातिर अपने मौजूदा कर्ज का एक हिस्सा बेचने को बाध्य होना पड़ा था।

इक्रा के अनुमान के मुताबिक, पिछले नकदी संकट के चलते वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में बाजार में खास तौर से खरीदारी देखने को मिल रही थी और मार्केट वॉल्यूम करीब 78,000 करोड़ रुपये का रहा। इनमें से करीब 73,000 करोड़ रुपये एनबीएफसी व एचएफसी ने अपने-अपने खुदरा व एसएमई लोन पोर्टफोलियो विभिन्न निवेशकों (विशेष तौर पर बैंकों को) को बेचकर जुटाए। देसी प्रतिभूतिकरण बाजार का वॉल्यूम वित्त वर्ष 2019 में दिसंबर तक की नौ महीने की अवधि में अब तक के सर्वोच्च स्तर 1.44 लाख करोड़ रुपये को छू गया, जो वित्त वर्ष 2018 के दौरान पूरे साल 84,000 करोड़ रुपये रहा था।

इक्रा के ग्रुप हेड (स्ट्रक्चर्ड फाइनैंस रेटिंग्स) वी मित्तल ने कहा, प्रतिभूतिकरण के जरिए एनबीएफसी व एचएफसी की तरफ से जुटाई गई रकम से इस क्षेत्र को बाजार के मुश्किल हालात में पुनर्भुगतान का दायित्व पूरा करने में काफी मदद मिली। खास तौर से सार्वजनिक बैंकोंं व निजी बैंकों की तरफ से निवेश की स्वाभाविक इच्छा देखने को मिली।  निवेशकों के लिए भी प्रतिफल आकर्षक रहा। वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में अप्रैल-सितंबर 2018 के मुकाबले प्रतिफल करीब 100-150 आधार अंक चढ़ा है।

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SunnyJanuary 6, 2019
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बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 04 Jan 2019 05:40 PM IST

ख़बर सुनें

खास बातें

  • -वित्त मंत्री ने बैंक कर्मियों की नौकरी जाने की आशंका पर स्पष्ट की स्थिति
  • -कहा, नई इकाई एसबीआई की तरह और ज्यादा मजबूत व बड़ी होगी 
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि तीन सरकारी बैंकों के विलय से कर्मचारियों की नौकरियों पर कोई संकट नहीं आएगा और तीनों बैंकों किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। कैबिनेट ने पिछले दिनों विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय को मंजूरी दे दी थी।

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विलय के बाद नौकरियों पर आने वाले संकट की आशंका दूर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस कदम से किसी भी कर्मचारी की नौकरी पर कोई संकट नहीं आएगा, बल्कि नई इकाई एसबीआई की तरह और ज्यादा मजबूत व बड़ी हो जाएगी।

नए बैंक का कर्ज देने का खर्च भी और सस्ता हो जाएगा। 21 सरकारी बैंकों में से 11 को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के तहत आरबीआई की निगरानी में रखा गया है। इन बैंकों पर एनपीए का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ गया था। 

जेटली ने कहा कि एनपीए का प्रतिशत अब कम हो रहा है और दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) की मदद से करीब 3 लाख करोड़ वापस सिस्टम में आए हैं। एसबीआई सहित अन्य सरकारी बैंकों ने अब लाभ कमाना भी शुरू कर दिया है।

बीमार बैंकों की आर्थिक मदद के लिए वित्त वर्ष 2018-19 तक 65 हजार करोड़ रुपये पुनर्पूंजीकरण के जरिये बैंकों को देने की तैयारी है। इसके अलावा 51 हजार करोड़ रुपये 31 दिसंबर, 2018 तक इन बैंकों में डाले जा चुके हैं। 

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SunnyJanuary 5, 2019
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चाइल्ड लाइन ने 2 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया

सीकर | चाइल्ड लाइन 1098 पर शुक्रवार को सूचना मिली कि पिपराली रोड सर्किल के पास चाय की दुकान पर दो बच्चों से बालश्रम करवाया जा रहा है। चाइल्ड लाइन व मानव तस्करी यूनिट ने मिलकर दोनों बच्चों को बालश्रम से मुक्त करवाया। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर राजकीय किशोर गृह में भिजवाया गया। दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया।

पर्यवेक्षकों के लिए लाइजन ऑफिसर नियुक्त

सीकर | जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने विधानसभा आम चुनाव 2018 के केन्द्रीय व्यय प्रेक्षकों का सीकर जिले में 5 जनवरी को पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रेक्षकों का सर्किट हाउस में आवास एवं कार्यालय स्थापित रहेगा जो एक सप्ताह तक सीकर जिले में उपस्थित रहेंगे। प्रेक्षक अंजू शेरपा (आईआरएस) फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, धोद, सीकर के लिए के.के. शर्मा परियोजना प्रबन्धक अजाजनजाति वित्त निगम, भास्कर राव येनिति (आईआरएस) दांतारामगढ़, खण्डेला, नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर के लिए देवेन्द्र सिंह बारेठ सचिव कृषि उपज मंडी सीकर को लाइजन ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

पुजारी का बास में होने वाली रात्रि चौपाल निरस्त

सीकर | कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल की जनवरी में खण्डेला पंचायत समिति में ग्राम पंचायत पुजारी का बास में 18 जनवरी को होने वाली रात्रि चौपाल प्रशासनिक कारणों से निरस्त कर दी गई है।

सतर्कता समिति की बैठक 10 जनवरी को

सीकर | जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की मासिक बैठक 10 जनवरी को सुबह 11 बजे अटल सेवा केंद्र में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की जाएगी। सदस्य सचिव एडीएम जिला जन अभाव अभियोग निराकरण समिति जयप्रकाश ने बताया कि बैठक में समिति में दर्ज प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों एवं परिवादियों से विचार-विमर्श कर निस्तारण किया जाएगा।

94 लोगों को दी कोष से आर्थिक सहायता

सीकर | कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने जिले में विभिन्न दुर्घटनाओं में 80 मृतकों के आश्रितों, 12 गम्भीर घायल एवं 2 घायल हुए लोगों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। कलेक्टर ठकराल ने बताया कि 80 मृतकों के आश्रितों को 50 – 50 हजार रुपये, 12 गंभीर घायलों 10 -10 हजार रुपये तथा घायलों को 2500 – 2500 रुपये की मुख्यमंत्री सहायता कोष से 41 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

उपाध्याय की पुण्यतिथि पर व्याख्यान आज

सीकर | जनसेवी दुर्गाप्रसाद उपाध्याय की नौवीं पुण्यतिथि पर शनिवार को व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रख्यात चिंतक गोविंदाचार्य व पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. महेश चन्द्र शर्मा उद्बोधन देंगे। संयोजक महावीर पुरोहित व पुष्कर उपाध्याय ने बताया कि भारत का समग्र विकास प्रकृति केन्द्रित अवधारणा विषय पर आयोजित होने वाले व्याख्यान कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोविंदाचार्य होगे व अध्यक्षता डॉ. महेश चन्द्र शर्मा करेगे। ये कार्यक्रम शाम 4 बजे प्रधान जी की जाव में होगा।

छात्राओं ने रैली निकाल स्वच्छता का संदेश दिया

सीकर | श्रीमती गुलाबी देवी बिदावतजीका बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर के चौथे दिन शुक्रवार को कई प्रतियोगिताएं आयोजित हुई। सुबह स्वच्छ भारत सीकर पर रैली आयोजित की गई जिसमें सभी स्वयंसेविकाओं ने स्वच्छता के नारे लगाए। रैली धोद रोड, कारीगरों का मोहल्ला, बांडियावास से हाेते हुए विद्यालय परिसर में वापस आई। छात्राओं ने स्कूल में श्रमदान किया जिसमें स्कूल के आसपास भी सफाई की गई। शाम के समय विभिन्न प्रतियोगिताएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मेहंदी व बैंकिंग पद्धति पर वाद-विवाद प्रतियोगिताएं हुई। विद्यालय निदेशक वरुण जैन, वाणिज्य संकाय के प्रभारी नितिन मोरोलिया ने बैकिंग, जीएसटी व ऑनलाइन बैंकिंग पर अपने विचार रखे।

12 को मेहंदी व रंगोली प्रतियोगिता होगी

सीकर | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय सीकर की छात्रसंघ की संयुक्त बैठक शुक्रवार को हुई। जिला महाविद्यालय प्रमुख विकास नेहरा ने बताया कि कॉलेज में विवेकानंद जयंती के उपलक्ष में युवा पखवाड़ा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसमें मेहंदी व रंगोली प्रतियोगिता 12 जनवरी को आयोजित होगी। इस दौरान स्वामी विवेकानंद के जीवन पर संगोष्ठी का कार्यक्रम भी होगा।

पंवार महामंत्री, पुरबगोला संयुक्त मंत्री बने

सीकर | अखिल भारतीय नारायणी धाम एवं विकास महासभा समिति के जिला अध्यक्ष नरेश सैन ने समिति में संरक्षक मण्डल में सीताराम सैन, राधेश्याम हर्षवाल, भवानी शंकर बिल्खीवाल, शंकर लाल सैन, महावीर प्रसाद सैन व विनोद कुमार खुरदरा को शामिल किया है। उपाध्यक्ष के रूप में परमेश्वर लाल सामरिया ,महावीर सैन, अरूण सैन, रामलाल (फतेहपुर), प्रमोद परबगोला को शामिल किया। महामंत्री सुरेश पंवार को बनाया गया। सांस्कृतिक मंत्री नरेश परिहार, संयुक्त मंत्री पवन पुरवगाला, मंत्री नंदलाल बागोरिया फतेहपुर, राहुल सुनारीवाल, दीपक सैन दांतारामगढ़ तथा प्रचार मंत्री रोहित को बनाया है। जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जगदीश नेतड़वास, पवन सुनारीवाल, अनिल हर्षवाल सहित 11 का सदस्य बनाया है।

सेवद बड़ी व सिहोट बड़ी व धोद के तीन निजी स्कूल चलते मिले, कारण बताओ नोटिस दिया

सीकर | धोद ब्लॉक की मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मीना बंसन एवं अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी निदेश पुरोहित ने शुक्रवार को शीतकालीन अवकाश में चल रहे निजी स्कूलों का निरीक्षण किया। क्षेत्र की सेवद बड़ी, सिहोट बड़ी और धोद की एक-एक स्कूल को कारण बताओं नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक की कक्षाएं संचालित की जा रही थी। दोनों अधिकारियों ने चैलासी, सेवद बड़ी, सिहोट छोटी और धोद क्षेत्र के गांवों के विद्यालय संचालकों को बोर्ड परीक्षा की कक्षाएं भी अनुमति देकर चलाने के निर्देश दिए।

लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी

जयपुर/सीकर | पशुपालन मंत्री लाल चंद कटारिया ने पशुचिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को हिदायत देते हुए कहा अगर उन्होंने पशुचिकित्सा सेवाओं में लापरवाही बरती, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। कटारिया पशुधन भवन में पशुपालन और मत्स्य विभाग की समीक्षा बैठक को सं‍बोधित कर रहे थे। पशुचिकित्सा से जुड़े कार्मिकों को पशुचिकित्सा संस्थाओं में पूरे समय उपस्थित रहने और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। खुरपका मुंहपका नियंत्रण अभियान की जानकारी ली और फरवरी माह में चलाए जाने वाले 8 वें चरण को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए।

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SunnyJanuary 4, 2019
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बैंकों के विलय के विरोध में बैंक कर्मी जल्द ले सकते हैं बड़ा निर्णय, सरकार की बढ़ेगी मुश्किल | Zee Business hindi

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