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Sunny, Author at Sunnywebmoney.com

SunnyMay 24, 2018
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मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (MBOSE) शुक्रवार 25 मई को 10वीं (SSLC) और 12वीं आर्ट्स (HSSLC) का परिणाम घोषित करने जा रहा है। परिणाम बोर्ड की आॅफिशियल वेबसाइट megresults.nic.in पर जारी किया जाएगा। स्टूडेंट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा इन वेबसाइट्स पर भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। meghalayaonline.in, results.net और examresults.net।

पिछले साल 10वीं का रिजल्ट 54.04 प्रतिशत रहा था
इससे पहले मेघालय बोर्ड ने इस माह 10 तारीख को 12वीं साइंस, कॉमर्स और वोकेशनल स्ट्रीम के रिजल्ट घोषित कर दिए थे। मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन द्वारा इस साल 10वीं और 12वीं क्लास की परीक्षाएं 6 मार्च से शुरू होकर 29 मार्च तक चली थी। साल 2017 में 10वीं क्लास का परिणाम 54.04 प्रतिशत रहा था।

ऐसे चेक करें अपना परिणाम

— सबसे पहले मेघालय बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट megresults.nic.in को लॉग इन करें।

— यहां पर दिए गए सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन 2018 और हायर सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (आर्ट्स) 2018 के लिंक पर क्लिक करें।

— नीचे दिए गए बॉक्स में अपना रोल नंबर और पूछी गई जानकारी डालकर सब्मिट करें।
— स्क्रीन आपके सामने आपका रिजल्ट ओपन हो जाएगा, जिसका प्रिंटआउट निकालकर अपने पास रख सकते है।

25 मई को जारी होगा गोवा 10वीं बोर्ड का रिजल्ट
गोवा बोर्ड एसएससी रिजल्ट 2018 कल यानी शुक्रवार 25 मई को जारी किया जाएगा। रिजल्ट गोवा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट http://www.gbshse.gov.in पर देखा जा सकेगा। गोवा में 10 वीं बोर्ड की परीक्षाएं 29 अप्रेल को ही खत्म हुई थीं। जीबीएसएचएसई एसएससी रिजल्ट 25 मई को दोपहर तक आने की उम्मीद है। पिछले साल भी इसी समय रिजल्ट जारी किए गए थे। वर्ष २०१७ में भी १०वीं बोर्ड का रिजल्ट २५ मई को ही जारी किया गया था।

बोर्ड ने १२वीं क्लास का रिजल्ट २८ अप्रेल को ही जारी कर दिया था। १२वीं क्लास का पास परसेंटेज ८४.३० रहा था। रिजल्ट डिक्लेयर करने के बाद उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड २७ मई को स्कूलों तक मार्क शीट पहुंचाने का काम करेगा। स्टूडेंट्स को अपना रिजल्ट देखने के लिए अपना रोल नंबर साथ में रखना होगा।

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SunnyMay 24, 2018
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झरिया : गैस सिलेंडर मिलने से महिलाओं के खिले चेहरे, उज्ज्वला योजना से दिया गया लाभ

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24 May, 2018 5:44 PM

झरिया (धनबाद)। प्रधानमंत्री के धनबाद आगमन से पहले एजेंसियां लगातार उज्‍ज्‍वला योजना के तहत गैस वितरण करने में लगी है। आज झरिया के भागा स्थित विनोद गैस एजेंसी ने उज्‍ज्‍वला योजना के अंतर्गत 200 गरीब महिलाओं को गैस वितरण किया गया।

पार्षद सुजीत कुमार सिंह ने महिलाओं को अपने हांथों से सि‍लेंडर और चूल्हा दिया। महिलाएं मुफ्त में गैस मिलने से काफी खुश थीं।

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इस दौरान पार्षद ने कहा कि‍ अब महिलाओं को चूल्हा के धुआं, कोयला और गोयठा से निजात मिलेगा। जो स्वास्‍थ्‍य के लिए भी अच्छा होगा।

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सिमडेगा : थाना प्रभारी ने सीमा को  पढाई के लिए दी आर्थिक मदद

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24 May, 2018 10:03 PM

सिमडेगा : थाना प्रभारी ने सीमा को  पढाई के लिए दी आर्थिक मदद

सिमडेगा। प्रखंड के कोनसोदे निवासी स्व मंगरा महतो की बेटी सीमा महतो को आगे की पढ़ाई के लिए थाना प्रभारी महेंद्र दास ने पांच हजार रूपए की आर्थिक मदद की है। मालुम हो कि सीमा महतो अनाथ है। उसके माता-पिता का निधन कुछ वर्ष पूर्व हो गया।

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उसने बांकी में मौसी के यहां रह कर मैट्रीक की पढ़ाई की। लेकिन आगे की पढ़ाई में गरीबी बाधक बन रहा है। सीमा ने आगे पढ़ाई के लिये थाना प्रभारी से मदद की गुहार लगायी। इसके बाद थाना प्रभारी महेंद्र दास ने बच्ची को पढ़ाई के लिये पांच हजार आर्थिक सहयोग किया।

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सरायकेला : छोटे-छोटे समूहों के माध्यम से महिलाएं हो रही स्वावलम्बी- महाली

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24 May, 2018 8:14 PM

सरायकेला : छोटे-छोटे समूहों के माध्यम से महिलाएं हो रही स्वावलम्बी- महाली

सरायकेला। प्रखंड के भंडारी साईं गांव में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आजीविका महिला ग्राम संगठन समूह के कार्यालय उद्घाटन भाजपा नेता गणेश महाली ने किया। इससे पहले संगठन की महिलाओं ने पारंपरि‍क रीति-रिवाज के साथ भाजपा नेता का स्वागत किया।

अपने संबोधन में गणेश महाली ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें व्यापार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए उद्यमी सखी मंडल योजना की शुरू की है। इस योजना में महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है जो राज्य में अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में रुचि रखती हैं।

झारखंड राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को इस योजना के तहत लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा सरकार का उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय स्थिति उनके व्यापार को स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके मजबूत करना है। असल में इस योजना में 15 महिलाओं का एक समूह अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकता है।

महिलाएं देश की आधी आबादी का हिस्सा है, जो देश भर में बड़ी संख्या में महिलाएं बेरोजगार हैं। कार्यस्थलों में महिलाओं के लिए असमान अवसरों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था का बहुत नुकसान हुआ है। महिला सशक्तिकरण का मुख्य लाभ यह है कि समाज का एक समग्र विकास होगा। महिलाओं द्वारा कमाया गया धन ही न केवल उनकी जिंदगी आसान या उनके परिवार के विकास में मदद करता है, बल्कि यह समाज को विकसित करने में भी मदद करता है।

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इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्व-मूल्य, सम्मान और गरिमा की भावना के साथ स्वतंत्र रूप से अपने जीवन जीने के लिए और सामाजिक एवं आर्थिक न्याय के लिए समान अधिकार प्रदान करना है।

उद्घाटन कार्यकम में समिति अध्यक्ष जिगी कुई, सचिव सुनिता महतो, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी महतो, कलस्टर जीत मनी टूडू, भाजपा प्रखंड उपाध्यक्ष मनोज महतो, OBC मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष राजा राम महतो, उप मुखिया मंगल नायक, ग्राम प्रधान दिलीप महतो, अभिषेक आचार्य, कृति भूषण प्रमाणिक, प्रकाश महतो, वकील वारीक, विकास स्वाई सहित काफी संख्या में महिला समूह के सदस्य उपस्थित थे।

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टुंडी : तालाब का होगा जीर्णोद्धार, किसानों को मिलेगा लाभ

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24 May, 2018 7:31 PM

टुंडी : तालाब का होगा जीर्णोद्धार, किसानों को मिलेगा लाभ

सांसद प्रतिनिधि रामप्रसाद महतो ने किया शिलान्यास

टुंडी (धनबाद)। पूर्वी टुंडी प्रखंड रघुनाथपुर पंचायत अन्तर्गत बलारडीह सैर तालाब एवं दलुडीह पंचायत अंतर्गत चुंगी गांव में तालाब का जीर्णोद्धार होगा। सांसद रविन्द्र कुमार पांडेय की अनुशंसा पर भूमि संरक्षण विभाग की ओर से किया गया है। तालाब जीर्णोद्धार का शिलान्यास जिला सांसद प्रतिनिधि रामप्रसाद महतो ने नारियल फोड़ कर किया।

महतो ने बताया कि दो वर्ष पूर्व क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने तालाब जीर्णोद्धार की बात कही थी। जिसपर मैंने तालाब का भी मुआयना किया था और पाया की तालाब के जीर्णोद्धार होने से इसके आसपास के खेत सिंचाई से खेती बढ़ेगी। ग्रामीणों की मांग को पूरा करते हुए जीर्णोद्धार का शुरू किया जा रहा है।

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इन्होंने ग्रामीणों को हर समय मदद करने का आश्वासन दिया। साथ ही 25 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।

मौके पर सांसद प्रतिनिधि नीलकंठ रवानी बाबुलाल महतो, आजसू जिला संगठन सचिव विशेष कुमार गुप्ता, जितेन्द्र चौधरी, गणेश कुमार रवानी, संजय चौधरी, शुकदेव राय, नरेश पंडित, विनोद मंडल, दुर्गा मुंडा, किशोर कुम्हार, पिन्टु पंडित सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

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SunnyMay 24, 2018
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Publish Date:Thu, 24 May 2018 07:25 PM (IST)

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 318 अंक की बढ़त के साथ 34663 के स्तर पर और निफ्टी 83 अंक की तेजी के साथ 10513 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स 0.43 फीसद और स्मॉलकैप 0.02 फीसद की गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है।

 

IT शेयर्स में तेजी

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो और रियल्टी को छोड़ सभी सूचकांक  हरे निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी (2.31 फीसद) शेयर्स में देखने को मिली है। बैंक (1.29 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (1.20 फीसद), एफएमसीजी (0.30 फीसद), मेटल (0.96 फीसद), फार्मा (1.70 फीसद), पीएसयू बैंक (1.74 फीसद) और प्राइवेट बैंक (1.26 फीसद) की बढ़त देखने को मिली है।

 

भारतीएयरटेल टॉप गेनर

निफ्टी में शुमार शेयर्स की बात करें तो 34 हरे निशान और 16 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी भारतीएयरटेल, टीसीएस, इंफोसिस, एक्सिस बैंक और सनफार्मा के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट टाटा मोटर्स, गेल, ओएनजीसी, ग्रासिम और हिंदपेट्रो के शेयर्स में हुई है। 

 

शुरुआती मिनटों में

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 96 अंक चढ़कर 34443 के स्तर पर और निफ्टी 28 अंक की तेजी के साथ 10459 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स 0.32 फीसद और स्मॉलकैप 0.58 फीसद की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

 

वैश्विक बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में कमजोरी के चलते तमाम एशियाई बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। जापान का निक्केई 1.18 फीसद की कमजोरी के साथ 22422 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.04 फीसद की कमजोरी के साथ 3167 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.21 फीसद की बढ़त के साथ 30728 के स्तर पर और तायवान का कोस्पी 0.41 फीसद की गिरावट के साथ 2461 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, बीते सत्र में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर बंद हुए है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.21 फीसद की बढ़त के साथ 24886 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.32 फीसद की बढ़त के साथ 2733 के स्तर परऔर नैस्डैक 0.64 फीसद की बढ़त के साथ 7425 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

 

आईटी शेयर्स में खरीदारी

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो को छोड़ सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी शेयर्स में देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी (0.92 फीसद) शेयर्स में देखने को मिल रही है। बैंक (0.07 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.23), एफएमसीजी (0.21 फीसद), मेटल (0.41 फीसद), फार्मा (0.45 फीसद), पीएसयू बैंक (0.41 फीसद), प्राइवेट बैंक (0.04 फीसद) और रियल्टी (0.20 फीसद) की बढ़त देखने तो मिल रही है।

 

यूपीएल टॉप गेनर

निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 34 हरे निशान में और 16 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी यूपीएल, बीपीसीएल, टेक महिंद्रा, एलटी और सिप्ला के शेयर्स में देखने को मिल रही है। वहीं, गिरावट वेदांता लिमिटेड, कोटक बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक, हिंडाल्को और हिंदपेट्रो के शेयर्स में है। 

By Surbhi Jain

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SunnyMay 24, 2018
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Marijuana prohibition never stopped marijuana sales. Blocking legal marijuana businesses from the legal banking system isn’t working either.

May 24, 2018

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The legal marijuana industry in the United States is awash in cash. Literally.

With reports that cannabis businesses generated almost $61 million in tax revenue for California in just the first quarter of recreational marijuana sales, it’s important to remember that the money moving through the marijuana financial system is almost 100 percent in cash. Why? Most banks won’t touch money from legal marijuana businesses because cannabis remains a Schedule I illegal drug at the federal level, meaning banks in the strictest sense risk committing crime providing the industry ordinary commercial banking services. That leaves marijuana entrepreneurs working in a cash-only world.

It’s more than just inconvenient. It makes it more difficult to create a safe environment for both employees and customers. It makes it next-to-impossible to get loans to start or grow a business. It also makes tracking marijuana transactions more difficult for businesses and the government.

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Cryptocurrency Opportunity

Cryptocurrency companies, using blockchain technology, are hoping to step into the gap. At the recent CoinDesk’s Consensus 2018 conference in New York City, many companies touted blockchain and cryptocurrency as a potential cure for the marijuana industry’s financial headache. The conference attracted thousands. More than $17 million in ticket sales were made for the event, held at the New York Hilton Midtown.

Blockchain provides a transparent, secure digital transaction record that can be accessed by all users. It’s most associated with Bitcoin. One of the main topics at the conference was how can blockchain be used in the cannabis industry.

The idea of cryptocurrency in the marijuana industry gained momentum late last year when researchers at IBM advised the government in British Columbia, Canada, to use blockchain to for seed-to-sale tracking of legal marijuana. Legal recreational marijuana sales are expected to begin in July across Canada.

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Cryptocurrency Startups

Now startups, or more specifically their financial backers, are putting their money behind this theory. Companies that have developed blockchain technology and cryptocurrencies aimed at use in the marijuana industry are springing up like weeds. For examples:

  • Cannabis social media hub MassRoots is now transitioning to a marijuana-focused software company, tying blockchain to its marijuana point-of-sale tracking business, MassRoots Retail.
  • Alt Thirty Six, which uses the cryptocurrency Dash, has partnered with cannabis software company Webjoint to provide access to its digital transaction system for the marijuana-related businesses Webjoint serves in California.
  • Software company Greenstream is building a blockchain-based supply chain system for the cannabis industry that could be accessed by retailers, suppliers and regulators

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If it all seems a bit like Silicon Valley in the 1990s and 2000s, that’s because it is. The marijuana industry has gone from nowhere to a multi-billion industry in just a few years, yet people are still carrying around their profits in leather satchels. At some point, that is going to end. If the federal government doesn’t provide a solution, then cryptocurrency might.

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SunnyMay 24, 2018
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Gas prices are expected to surge above $3 a gallon, just in time for the busy summer driving season. But there are several ways drivers can keep their fuel spending in check.

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AAA estimates that consumers will pay the highest Memorial Day gas prices since 2014. The national average for regular gasoline has risen to $2.95 a gallon, and prices will likely climb a few more pennies before the unofficial start of summer. Higher gas prices won’t deter road-trippers, though, with 36.6 million Americans projected to hit the road this Memorial Day—a 4.7% increase over last year.

So here are some tips to save money on gas, even as pump prices jump to three-year highs:

Use a mobile app

With popular smartphone apps from GasBuddy and AAA, drivers can find the cheapest gas station in their area.

Check your credit card rewards

Some credit cards offer bonus rewards when paying for gas. Websites including WalletHub allow users to sort through credit cards that offer fuel rewards. For example, the Bank of America Cash Rewards credit card offers 3% cash back on gas, compared to 2% at grocery stores and 1% on other purchases, according to WalletHub. Grocery chains like Safeway and Kroger also offer fuel discounts in partnership with gas stations.

Avoid gas stations on weekends

During a period of rising gas prices, drivers should plan on filling up the tank in the morning. Gas stations typically set prices early, around 10 a.m. Commuters should also avoid buying gas on Friday, Saturday or Sunday, when gas stations anticipate strong demand. Experts say it’s best to visit the gas station on Wednesday.

Pay cash, not credit

Most gas stations charge extra for customers who choose to pay with plastic. Paying in cash can often save as much as 10 cents per gallon.

Easy on the gas pedal

Quick acceleration, braking and speeding can cut gas mileage by 10% to 40% in stop-and-go traffic, according to FuelEconomy.gov. To save gas, drivers can gradually accelerate, allow their vehicles to coast and avoid slamming on the brakes when approaching a red light. Using cruise control also helps save gas.

More from FOX Business

Pack lightly

Excessive weight can hurt fuel economy, so pack lightly when traveling. FuelEconomy.gov also advises against using cargo carriers and packing items on roof racks.

Activate engine stop-start technology

Many modern vehicles have engine stop-start technology, which automatically shuts down the engine when idling at a red light and restarts it when the brake is released. Some cars don’t allow drivers to turn the system off, but make sure stop-start is activated to help save gas. Idling an engine can use more gas than restarting it.

Give your car a tune-up

Cars that are properly maintained and pass emissions tests can improve gas mileage by an average of 4%, according to FuelEconomy.gov. Tires that are inflated to the manufacturer’s specifications offer a 0.6% benefit to fuel economy on average. Tire pressure specifications are typically found in the driver’s side door jamb, the glove box or the owner’s manual.

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SunnyMay 24, 2018
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मेरी इंडिया में आने की तमन्ना वर्षों से थी. शुरू से ही मेरी तमन्ना इस देश की संस्कृति के बारे में जानने की थी. यहां की संस्कृति ही ऐसी है जो इस देश को महान बनाती है. मैं यहां आकर खुश हूं. इस देश का जो महान कल्चर है. वह तकनीक के साथ जुड़कर संसार को बदलने में मदद करेगा.

यह बात माल्टा के पूर्व वित्त मंत्री जॉन डाली ने पिछले दिनों नयी दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही. इस मौके पर क्विकेक्स प्रोटोकॉल के फाउंडर व सीओओ क्षितिज अधाल्का व अन्य लोग उपस्थित थे |

डाली ने कहा कि ब्लॉकचेन बड़े-बड़े बिजनेसमैन या सरकारी स्तर पर नियंत्रित रहता है. नयी तकनीक के आने से बदलाव आयेगा और यह बैंकिंग सिस्टम व अन्य कमियों को दूर करने में सक्षम होगा. अगर भविष्य में इस तरह की तकनीक को लेकर आते हैं तो यह तकनीक की दुनिया में एक बड़ा और बेहतर कदम होगा. एडवाईजरी बोर्ड में जुड़ने के बाद अपने विचारों को जताते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड में जुड़ने से मुझे खुशी हो रही है.

इस मौके का लाभ उठाते हुए इस तकनीक को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जायेगा. यह तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति होगी |

कांफ्रेंस में अपनी विचार रखते हुए क्विकेक्स प्रोटोकॉल के फाउंडर व सीओओ क्षितिज अधाल्का ने कहा कि साल 2016 में हमने काम करना शुरू किया था. तब हमने यह पाया कि इसमें कुछ कमियां हैं. हमने उसे खोजा. इसमें ट्रांजेक्शन स्पीड कॉस्ट, स्कालाबिलिटी व क्रॉस ब्लॉकचेन देखने को मिला.

हमें लगा कि इन कमियां को दूर करके ही इसे और बेहतर किया जा सकता है. इसलिए हमने क्विकेक्स के बारे में सोचा. माल्टा के पूर्व वित्त मंत्री को देश की तकनीक को प्रमोट करने के लिए ही क्विकेक्स में लाया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि यह ऐसा डिजाइन है, जिसकी मदद से ब्लॉकचेन में जो कमियां थी, वह दूर हो सकती हैं. क्विकेक्स की मदद से ट्रांजेक्शन स्पीड तेज हो जायेगा और जीरो फीस में प्राप्त हाे जायेगा. इसकी मदद से डिजिटल टोकन को कभी भी, कहीं भी प्रयोग किया जा सकता है.

इस ब्लॉकचेन में जॉन डाली के जुड़ने से बहुत खुशी है. ज्ञात हो कि दुबई ब्लॉकचेन सम्मिट 2018 में बेहतर प्रदर्शन के बाद भारत के ब्लॉकचेन स्टार्टअप क्विकेक्स से माल्टा के पूर्व वित्त मंत्री को जोड़ा गया है | ज्ञात हो कि क्विकेक्स की मदद से सभी ब्लॉकचेन संपत्तियों के लिए तत्काल लेनदेन संभव है |

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SunnyMay 24, 2018
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नरेंद्र मोदी की सरकार को चार साल पूरे हो गए हैं. इन चार साल के दौरान देश का आर्थिक माहौल अच्छा रहा है. कुछ समझदारी भरी आर्थिक नीतियां आईं और कुछ ऐसे फैसले किए गए, जिनसे इकोनॉमी और देश की जनता को दर्द झेलना पड़ा. आइए देखते हैं इकनॉमी के स्कोर बोर्ड पर मोदी सरकार का प्रदर्शन कैसा है.

इकोनॉमी पर लादी गई सजा

पिछले चार साल के दौरान एक बार जीडीपी ग्रोथ 9 फीसदी तक भी पहुंची. चार साल के दौरान औसत विकास दर 5.7 फीसदी रही. ग्रोथ को निजी उपभोग और भारी सरकारी खर्च से रफ्तार मिला लेकिन प्राइवेट इनवेस्टमेंट कमजोर रहा. इनवेस्टमेंट रेशियो जीडीपी के 30 फीसदी से भी कम रही. मेक इन इंडिया का कोई खास नतीजा नहीं आया है. पिछले डेढ़ साल से इकनॉमी नोटबंदी और जीएसटी के झटकों से उबरने में लगी है. नोटबंदी से कैश की किल्लत पैदा हो गई और इससे ट्रांजेक्शन को झटका लगा. जबकि जीएसटी से भी ग्रोथ में उथल-पुथल का आलम रहा.

ग्राफिक्स ः ब्लूमबर्ग क्विंट 

महंगाई के मोर्चे पर राहत

पिछले चार साल में महंगाई में गिरावट आई है और यह स्थिर हो गई है. इसकी एक बड़ी वजह कच्चे तेल के दाम में गिरावट थी. हालांकि एमएसपी पर सरकार के समझदारी भरे फैसले ने भी इसे कंट्रोल में रखा है. सरकार ने महंगाई को नियंत्रण करने वाली नीति अपनाई है और मोनिटरी पॉलिसी कमेटी के फ्रेमवर्क की ओर बढ़ी है. इससे विदेशी निवेशकों की नजर में हमारी इकनॉमी की साख बढ़ी है. हालांकि इस साल तेल के दाम बढ़ने से महंगाई को टारगेट करने का सरकार के पहले फ्रेमवर्क को चुनौती मिल रही है.

ग्राफिक्स – ब्लूमबर्ग क्विंट 

बेहतर राजकोषीय प्रबंधन

राजकोषीय प्रबंधन के मोर्चे पर सरकार का प्रदर्शन अब तक अच्छा रहा है. इकनॉमी की रफ्तार धीमी होने पर सरकार ने रफ्तार बढ़ाने के लिए खजाना नहीं खोला. राजकोषीय घाटे को को यह घटा कर जीडीपी के 4 फीसदी से नीचे ले आई और वित्त वर्ष 2018 में इसने इसका लक्ष्य 3.2 निर्धारित किया है. हालांकि तेल के दाम बढ़ने से इस टारगेट पर दबाव बढ़ा है. वैसे सरकार ने 2020-21 तक राजकोषीय घाटा जीडीपी के तीन फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा है.

ग्राफिक्स – ब्लूमबर्ग क्विंट 

निर्यात के मोर्चे पर निराशा

ग्रोथ को रफ्तार देने में मददगार निर्यात सेक्टर को चार साल के दौरान मजबूती नहीं मिली है. निर्यात में हल्की बढ़त रही है और आयात में तेल के दाम में उतार-चढ़ाव की वजह से उथलपुथल रही. व्यापार घाटे की स्थिति भी अच्छी नहीं है. निर्यात ग्रोथ दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है. सरकार के आखिरी साल में चालू खाते का घाटा बढ़ता जा रहा है. बाहर से आ रही पूंजी से इसकी भरपाई नहीं हो पा रही है. इससे रुपये की गिरावट रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है.

ग्राफिक्स – ब्लूमबर्ग क्विंट 

मैन्यूफैक्चरिंग और जॉब ग्रोथ लचर

मोदी सरकार का एक बड़ा वादा था कि वह हर साल 1 करोड़ रोजगार पैदा करने में मदद करेगी. नौकरियां पैदा करने के लए मैन्यूफैक्चरिंग पर फोकस होगा. उम्मीद जताई गई थी कि मैन्यूफैक्चरिंग जीडीपी के 25 फीसदी तक पहुंच जाएगी. रोजगार सृजन पर कोई ऐसा आंकड़ा नहीं है जिस पर सहमिति हो. सरकार ने प्रॉविडेंट फंड के आंक़ड़े के जरिरये साबित करना चाहता कि सितंबर 2017 और फरवरी 2018 के बीच ही 31 लाख नई नौकरियां पैदा की गई हैं. लेकिन सरकार के इस दलील लोगों को सहमत नहीं कर पाई. यह भी साफ है कि इकनॉमी में मैन्यूफैक्चरिंग की हिस्सेदारी बढ़ाने की सरकार की कोशिश नाकाम रही है.

ग्राफिक्स – ब्लूमबर्ग क्विंट 

स्रोत : ब्लूमबर्ग क्विंट

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SunnyMay 24, 2018
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On Monday, cryptocurrency Verge fell victim to an all-too-familiar hack of the type that continues to plague the digital asset industry. The attack was the second on the XVG coin after an April attack of 250,000 coins, which led to a decline of 25% in the value of Verge.

However, in the history of cryptocurrency hacks, the $1.4 million heist ranks well down the list.

Check out this chart on the biggest hacks in crypto history from website HowMuch.net:




Crypto hacks

While it may make sense for exchanges to tighten security, the data suggests they are not. There have been 13 hacks of more than $10 million, with 12 of them coming after June 2016.

“A general trend is immediately obvious about our visualization: cryptocurrency hacks have generally become more common and more valuable over time. $10M+ hacks started happening with some regularity after the summer of 2016, right when the crypto-market started taking off.” wrote howmuch.net in its report.

The biggest hack remains the infamous Mt. Gox hack of 2014 where 850,000 bitcoin

BTCUSD, -0.82%

worth $450 million at the time, was stolen, leading the exchange filing for bankruptcy and begin liquidation proceedings.

Read: Former Mt. Gox CEO does not want his billion dollars

The numbers on this chart represent the value of the hacks at the time the theft took place, not today’s value of the coin. Because, if calculated in today’s terms, the $450 million Mt. Gox hack would need a chart of its own. The 850,000 bitcoins at today’s price is worth more than $6 billion.

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SunnyMay 24, 2018
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8min00



NEW YORK (CNNMoney) – The leap into homeownership is a big change, especially on your finances.

Buying a home is likely the biggest purchase you'll ever make, so it's important to keep your payments in line with what you can afford.

When your mortgage eats up too much of your budget, it can affect your long-term financial security by limiting your ability to save for retirement, pay down debt or follow other dreams like traveling or starting a business.

The general rule of thumb is to aim to have your monthly housing costs add up to less than 30% of your monthly before-tax income.

No doubt that in the country's more expensive housing markets that's hard to do, but buyers can take steps to help reduce their housing payments.

Improve your credit score

Your credit score plays a major role with lenders in deciding the terms of your home loan.

The better your score, the more likely you are to get a lower interest rate, which means you will be paying less over the life of your loan.

A credit score of 750 and up is generally considered excellent and will make you the most attractive borrower.

Home buyers with credit scores below 620 tend to have very high interest rates and risky features on their home loans, according to the Consumer Financial Protection Bureau.

But a good credit score doesn't happen overnight.

"It means that for a couple years before you really want to purchase a house, you start working to get your score as high as possible, said Nicole Theisen Strbich, a certified financial planner and director of financial planning with Buckingham Financial Group. "It's not a switch you can flip."

Start by reviewing your credit report to identify outstanding debt and create a game plan on how to reduce it as quickly as possible. Be sure to also look for any errors on your report since they can take time to fix.

Shop around … a lot

When it comes to getting a mortgage, it pays to shop around.

The interest rate for similar loans can vary by more than half of one percentage point from one lender to another, according to the Consumer Financial Protection Bureau. And while that number might sound small, it can save you thousands of dollars over the life of your mortgage.

The difference between the average person's mortgage rate and the lowest rate available to them came to an extra $300 a year, a CFPB report found. That means paying an extra $9,000 over a 30-year mortgage.

Get quotes from a variety of lenders, traditional banks, online-only banks and community banks to find the best rate, the experts advised.

Don't worry about hurting your credit score: Multiple credit checks from mortgage lenders within a 45-day window are recorded on your credit report as a single inquiry.

Put down a large down payment

The larger your down payment, the less you need to borrow and the smaller your monthly mortgage payments will be.

It also means paying less in total interest.

If you can put down at least 20% of the home price, you can also avoid paying private mortgage insurance — which protects the lender in case you default — saving thousands of dollars a year.

If you put more money down, you can also avoid paying points and other loan fees.

While you're saving to hit that 20% mark, be sure to keep those funds safe.

"If you are planning on purchasing in the next five years, save it in a place not subject to stock market volatility," recommended Strbich. "Find the highest interest-bearing account with FDIC insurance. Online banks are a great option for that."

Think shorter

The 30-year fixed rate mortgage is the most common home loan, but there are other options available.

"I try to steer young people away from 30-year mortgages," said John Cooper, certified financial planner in South Carolina. "The extended maturity on the loan gives buyers a lower monthly payment, but it may in reality cause them to buy more of a home than they can afford."

A 15-year mortgage comes with higher monthly payments, but also has a lower interest rate, which can bring significant savings.

Shorter loans also mean more of your payments are going toward the principal of your loan and less toward interest compared to a 30-year loan, so you'll build equity faster.

For some buyers, an adjustable-rate mortgage could also make sense.

ARMs offer a fixed, lower interest rate for a set period of time. But after that introductory period expires, the rate can rise (or drop) to current rates. So it's important to evaluate the risks and make sure your income will be able to cover a higher interest rate.

Cooper said an ARM could work for buyers who know they won't be living in the home long term, or are in occupations where they aren't making a lot of money at the start, but will see a significant increase in a few years.

Copyright 2018 by CNN NewSource. All rights reserved. This material may not be published, broadcast, rewritten or redistributed.

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SunnyMay 24, 2018
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A finely crafted, tightly defined, highly detailed business plan seems like a perfectly rational tool for getting your entrepreneurial ideas off the ground. But Carl Schramm thinks you should burn it. Schramm, an economist, Syracuse University professor and former president of the Ewing Marion Kauffman Foundation — a non-profit that encourages entrepreneurship — says that crafting a business plan is one of the biggest misconceptions about how to start a company on the right footing. His new book, Burn the Business Plan: What Great Entrepreneurs Really Do, says the true blueprint for success requires innovative ideas, real-world experience and keen judgment. Schramm joined the Knowledge@Wharton show, which airs on SiriusXM channel 111, to explain why inventors and entrepreneurs should light a few matches and get on with it. (Listen to the full podcast using the player at the top of this page.)

The following is an edited transcript of the conversation.

Knowledge@Wharton: Why is a business plan unnecessary?

Carl Schramm: It’s the basis of much of the teaching about how to start a business, and so much of what’s taught is basically conjecture. My book is developed off 10 years of research that we did at the Kauffman Foundation. If you look at all our older major corporations  — U.S. Steel, General Electric, IBM, American Airlines — and then you look at our newer companies like Amazon, Apple, Facebook, Microsoft, none of these companies ever had a business plan before they got started. Empirically, it appears as if you don’t need a business plan.

Second, the business planning process is largely generated as a preview for venture capital. As I show in my book, from empirical studies, much less than 1% of all new startups ever see a venture capitalist. Much less than 1% of all new companies every year have venture backing of any kind. So, I largely view the creation of a business plan as something of a waste of time.

The third problem is that it seems to make starting a business somewhat like a cookbook. If you do this, and then you do this, and then you do this, the cake will come out okay. And that’s really not how it happens.

“Empirically, it appears as if you don’t need a business plan.”

Knowledge@Wharton: Let’s talk about age because many entrepreneurs are in their late 30s or 40s. These are people who made a shift in their career paths.

Schramm: Precisely. It goes to this question of, “What are we doing when we’re trying to teach high school kids?” Even grammar school children get courses and exposure to entrepreneurship. At the university level, it’s now a major in probably 3,000 colleges and universities. And the whole schema, including the notion of a business plan as the formal way to teach how to start a business in a college classroom, is geared to 20-year-olds.

Much of our mythology is that unicorn companies are started by people, like Mark Zuckerberg, who are in their 20s. But the reality is, the vast majority of people who start businesses are middle-career people who have been surprised by the fact that they actually had an idea, and their idea was good enough to build a business around.

Another thing wrong with how we write about entrepreneurship, how it’s taught, is that somehow people set out to be entrepreneurs as if they set out to be a dentist or an accountant. The vast majority of entrepreneurs were really amazed to find out that they became an entrepreneur. In my case, I was a professor at Johns Hopkins for 15 years, and then one day my research sort of slapped me in the face. I said, “Holy smokes, if I want to really make this work and actually change the world, I can’t do it by writing an academic paper. I have to start a business.”

Knowledge@Wharton: How should we teach our kids about entrepreneurship?

Schramm: I don’t think [the current curriculum] can be tweaked. I think it should be abandoned. I think it should be overthrown. Because if you look empirically at where entrepreneurs come from, if they have formal training, it’s not in entrepreneurship. It’s in engineering or the STEM subjects, the technical subjects.

Many, many more entrepreneurs come out of MIT because it’s an engineering and a technical school. Same thing for Caltech. Caltech doesn’t even teach entrepreneurship. At MIT, there’s one professor in the business program there who teaches entrepreneurship. But it doesn’t matter because if they didn’t teach it at all, these schools would be producing many, many new businesses all the time.

Knowledge@Wharton: You said not much funding comes from venture capitalists or angel investors. How are entrepreneurs getting the money they need to execute their ideas?

Schramm: One reason people can become entrepreneurs at midlife is they turn to their own savings, their own assets, to friends and families for loans. By the time you’re 40, which is the average age at which people start businesses, you’ve settled your student debt. You’ve got a house. You’re likely to have a spouse who has a job, which is a huge protection if you start a new company because she or he has health insurance and other benefits. So, most companies are self-funded.

Knowledge@Wharton: In the book, you also talk about the incubator. But you think the incubator isn’t having the desired effect that a lot of people are hoping for. Can you explain?

Schramm: Again, empirically, very few companies come out of these incubators. I was trained as a labor economist. I’m in the middle of writing an essay about incubators, and the premise is that as we turn towards 3% and 4% GDP, and much lower rates of unemployment and much higher demand for well-trained people, no one is going to want to spend time in an incubator. They can get a job. And that’s a really important part of the drama of becoming an entrepreneur.

In the book, I make the case that the most effective place to learn how to be entrepreneurial is to go into a big company. That’s where you see innovation happen. More innovation happens in big companies than, for example, university laboratories. It’s also where you learn all the skills that make a business work, where you’re exposed to what scale looks like in a business. This is critical and this is experiential knowledge. You can’t teach scale in a classroom. It has to be felt. You have to see it, to experience it.

“The vast majority of people who start businesses are middle-career people.”

Knowledge@Wharton: You give real-world examples in the book, including the story about vacuum cleaning company Dyson.

Schramm: Yes, Dyson is a fantastic story. James Dyson was an industrial designer by background, and he came to the view that vacuum cleaners had been a technology that hadn’t moved very far. He was using a vacuum cleaner and noticed that the more you used it, and the dirtier the dustbin got, the less power it had. This became the question that triggered his search.

Dyson built over 1,000 prototypes. He quit his job. His wife was a teacher, and he lived off a much more modest income. His wife did all the money-earning in the family. When he began to push his product out, no companies in the United States or England wanted any part of it. They resisted it because they were making a lot of money on selling paper bags for conventional, old-fashioned vacuum cleaners. He had to take it to Japan. When it became successful in Japan, American and British companies tried to steal his design. He successfully defended against that.

The best part of Dyson’s story is he never had outside investors. [Dyson] never wanted to be a public company. It’s a huge company now. He’s like most entrepreneurs. If your idea clicks and you can make it work, and you haven’t taken your company public — that is, you still control it — you’re going to work there for the rest of your life. They become places where your own creativity works, and you can keep at it. You can keep designing. Really, it becomes your life.

It’s an important point, particularly for people who are in higher education. Students in universities are programmed to think that somehow people who work in the government or in nonprofit or NGOs are somehow more creative. They’re like the people who take art and art history and design in college, or people who write music. They’re a different breed, and they’re really geniuses.

The reality is that 95% of kids graduating from college this year are going to work in companies. They’re not not creative. Look at our huge economy. That all happens because of people who are creative and gifted in business and the invention of things that help other people. And [taking] these things to market [requires] very, very creative skills.

Knowledge@Wharton: Would you say that passion and determination are two of the great qualities that a lot of entrepreneurs have?

Schramm: Yes, it’s true. Students in college are told to follow your passion and start a company. But a lot of times, the passion doesn’t make any sense. I’ve seen students who are passionate about having a web app for frying pans. I sort of make fun of it in the book. I’ve judged business plan competitions at the college level and seen the same idea come up five times. Invent a sensor for a frying pan, and it tells you on your phone when your eggs are cooked. Kids are passionate about that, but it’s not an idea that’s ever going to work. They’re making the simplicity of cooking an egg into a complex technical project.

Passion really clicks when you’ve got an idea and it starts to have market feedback. The thrill of it is when other people are saying, “What you came up with is valuable.” What they’re telling you is, “You created something out of your head that makes my life easier, and I value it. So, I’ll give my money to you for your idea.”

Knowledge@Wharton: Is Yeti one of those great ideas?

Schramm: Yeti is a fabulous story. It’s one of those things where those guys didn’t expect to be entrepreneurs. The idea snuck up on then. They love to go fishing, and they fell through regular Igloo boxes because they’re not all that well made. One of the two brothers said, “You know, what we ought to do is make a cooler that’s so sturdy, you could stand on it.” Yeti cooler came out of something just that simple.

Knowledge@Wharton: What are 20-somethings missing to be able to build that great company?

Schramm: They’re missing experience. If you really want to be an entrepreneur and you don’t have a really great idea when you’re 21, getting out of school, don’t fret. Just wait. What shall you do while you wait? Go learn stuff. The stuff you should learn is easiest learned in big businesses because you’ll go out there and watch the innovation process work.

I consult at several companies, and what I’m watching all time is these companies constantly trying to renew themselves with new, better products. They spend a lot of money on research and development. Anybody who’s working in one of these companies can see the constant iterative change that’s taking place. You actually get innovation into your normal daily routine. I think that’s one of the greatest things that you can learn.

The book points to the fact that many new companies come out of old companies. The entrepreneurs see stuff, and two routes are the way this happens. The companies decide that they’re going to stick to their core competency and reject a brand new idea. They often say to people, “if you love this idea so much, go do it with our blessing. You can have the intellectual property.” In some cases, like IBM, they actually finance the startups. That was the case with Cerner, the health care data company.

“More innovation happens in big companies than, for example, university laboratories.”

The other thing is a much more difficult problem. That is, people who go to management and say, “This is the better way to do it,” or “Here’s a new application or a new market, and we have all the technology. If we configure it differently, we can own and capture this market.” MBA-type managers often say, “no, we’re going to stick to our core competency. We don’t know how to do that. It’s not our karma, it’s not our destiny.” And frustrated employees walk out. I interview people like that in the book. They say again and again, “I could have made all this money for my old employer, but they just wouldn’t listen to me.”

Knowledge@Wharton: Are companies wasting their human capital?

Schramm: It’s happening in every single company. You’ve got creative people in there. They might be running a machine. They might be on the production line. They could be any place in your company. They could be at the loading dock. They see things, and they could do things differently.

One of my favorite examples that’s not in the book is container boxes. It’s one of the great logistics revolutions that permits all of our prices for consumer goods to be much, much lower than they would have been. The boxes on the back of a trailer that come off the trailer, go right on a ship.

That was developed by a truck driver in Newark, N.J., In the old days, when trailer trucks were inflexible, they were fixed. Every time you went into a yard or a loading dock, people had to go on the dock, take the stuff off and reload it. He said, “You know, it’s a big steel box. Why don’t you just take the whole box, the whole back end of the truck, and put it on a ship?” This is a truck driver who saw that. He gave us the container revolution that made a world revolution in logistics.

Knowledge@Wharton: There are some very well-known companies like Microsoft and Apple and Facebook that didn’t have a plan at the outset. But now they are working through a variety of plans.

Schramm: That’s right. They went and tried it. We have this drive in our society. I think it’s in human nature. We don’t think that important things happen by chaotic means. If you look around, there are academics and experts who are struggling constantly to make the process of starting a business somehow logical, planned, orderly. These are sort of cookbook approaches.

You don’t have the right answer at the beginning. You never have the right answer. The market changes, technology changes. Your customers’ tastes are changing. Price points change. Your competitors change. You’ve got to be at this all the time. And a lot of times, that’s a hidden assumption in all the advice that’s given to entrepreneurs. If you crack it once, you can go right to the bank. You buy a jet. You’re over with. You do a public offering, and you’re rich and out by 30.

That’s not the case at all. You start a business, that’s only the beginning. And it’s the beginning of trying to make it big because growth is what’s important. Scale is the critical issue. The only way you can get there is constantly reacting to the market and all the signals it’s sending as to what it needs.

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