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SunnyNovember 14, 2018
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Publish Date:Wed, 14 Nov 2018 01:35 PM (IST)

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अगर आप सही समय पर अपने बच्चे के स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के खर्चों के लिए योजनागत तरीके से निवेश करना शुरू कर देंगे तो सही वक्त आने पर आपको महंगाई के दौर में भी पढ़ाई के खर्चों की चिंता नहीं सताएगी। अगर आप अपने बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहते हैं तो स्कूल स्तर की शिक्षा भी आजकल काफी महंगी है, लिहाजा इस खर्चे को उठाने के लिए आपको योजनागत तरीके से निवेश करना ही होगा। गौरतलब है कि आज पूरा देश बाल दिवस मना रहा है। 

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान कर सकता है आपकी मदद: अगर आपका बच्चा 1 साल का है या फिर 1 साल का होने वाला है तो महंगाई के इस दौर में उसकी पढ़ाई के लिए अभी से फिक्रमंद हो जाइए। अगर आप और आपकी पत्नी दोनों नौकरीपेशा हैं तो अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए हर महीने 3000-3000 रुपये बचा सकते हैं। इस हिसाब से आप इस राशि को सिप में निवेश करें। 6 हजार रुपये महीने का सिप 3 साल में 15 फीसद के अनुमानित रिटर्न के लिहाज से 2.5 लाख रुपये में बदल जाएगा। अमूमन बच्चे 3 से 4 साल की उम्र में ही पढ़ाई शुरू करते हैं और बच्चे की शुरुआती शिक्षा के लिए यह राशि पर्याप्त होगी।

वहीं अगर आप अपने बच्चे की उच्च शिक्षा यानी पोस्ट ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल पढ़ाई के लिए पैसे जोड़ना चाहते हैं तो आपको इस निवेश को कुछ और सालों के लिए बढ़ाना होगा। साथ ही अगर आप अपने सिप की राशि को थोड़ा और बढ़ा लेते हैं तो ये काफी बेहतर होगा। पोस्ट ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल पढ़ाई तक पहुंचते-पहुंचते बच्चे की उम्र 22-23 वर्ष हो ही जाती है। इस हिसाब से अगर आप दोनों पति-पत्नी 4000-4000 रुपये की बचत कर उसे सिप में निवेश करना शुरू कर दें तो इस उम्र तक आप अच्छा खासा पैसा जोड़ सकते हैं। मान लीजिए आपका बच्चा अभी 1 साल का है तो उसे 23 का होने में अभी 22 वर्ष बाकी हैं। आप इतने वर्षों तक सिप को जारी रखें। 8000 रुपये के मासिक निवेश पर 22 साल बाद 15 फीसद के अनुमानित रिटर्न के लिहाज से आपके पास 66.5 लाख रुपये की राशि होगी जो कि बच्चे की बेहतर उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त होगी।

बच्चे का नाम करा दें फिक्स्ड डिपॉजिट: अगर जोखिम रहित निवेश विकल्पों की बात की जाए तो उसमें सबसे पहला नाम फिक्स्ड डिपॉजिट का ही आएगा। छोटी अवधि के लक्ष्यों के लिए पैसा जोड़ने के लिहाज से यह सबसे उम्दा निवेश विकल्प है। अमूमन 1 से 5 वर्ष की एफडी बैंकों और पोस्ट ऑफिस में चलती है। इसकी अवधि को बढ़वाकर आप 10 वर्ष के लिए भी करवा सकते हैं। 5 वर्ष बाद आप बच्चे की प्री-स्कूलिंग के लिए अच्छा खासा पैसा जोड़ चुके होंगे। पोस्ट ऑफिस में चलने वाले फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.3 फीसद की दर से ब्याज मिलता है। वहीं बैंक, स्मॉल फाइनेंशियल बैंक और NBFC में चलने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 7 से 9 फीसद तक जाती है। इस हिसाब से इसमें अपना पैसा निवेश कर बच्चे की पढ़ाई की उम्र आते-आते अच्छा खासा पैसा जोड़ लेंगे।

बच्चे के नाम से खुलवाएं पीपीएफ खाता: आप अपने बच्चे के नाम से पीपीएफ खाता भी खुलवा सकते हैं। ये भी जोखिम रहित निवेश विकल्प माने जाते हैं। इसमें निवेश कर आप अपने बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए मोटी राशि जोड़ सकते हैं। भारतीय डाकघर यानी इंडिया पोस्ट में चलने वाले 15 वर्षीय पीपीएफ खाते में आप अपने बच्चे के नाम से अकाउंट खुलवाकर उसमें निवेश करना शुरू कर सकते हैं। इस खाते पर मिलने वाली ब्याज दर 8 फीसद होती है। जो कि आज के महंगाई के दौर में काफी ज्यादा है। 

Posted By: Praveen Dwivedi


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नई दिल्ली

बुधवार को शेयर बाजार उछाल के साथ खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 31 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 185.65 अंक चढ़कर 35,330.14 पर खुला। वहीं, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों के सूचकांक निफ्टी में 52.4 अंकों की बढ़त के साथ 10,634.90 पर कारोबारी की शुरुआत हुई।

9:26 बजे सेंसेक्स पर 27 शेयरों में खरीदारी हो रही थी जबकि महज 4 शेयरों में बिकवाली का माहौल था। वहीं, निफ्टी पर 42 शेयरों के भाव चढ़ गए जबकि महज 8 शेयरों की कीमतें घट गईं। इस दौरान सेंसेक्स पर जिन शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी हो रही थी, उनमें एशियन पेंट्स 3.13%, मारुति 2.01%, टाटा स्टील 1.95%, ओएनजीसी 1.53%, हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.43%, हीरो मोटोकॉर्प 1.38%, टाटा मोटर्स 1.33%, इंडसइंड बैंक 1.32%, यस बैंक 1.22% जबकि एचडीएफसी 1.10% तक मजबूत हो गए। वहीं, निफ्टी पर मजबूत होने वाले टॉप 10 शेयरों में हिंदुस्तान पेट्रोलियम 7.09%, इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन 5.41%, बीपीसीएल 4.87%, एशियन पेंट्स 3.23%, आइशर मोटर्स 2.07%, ओएनजीसी 1.82%, टाटा मोटर्स 1.45%, हिंदुस्तान लीवर 1.41% शामिल रहे।

9:33 बजे सेंसेक्स पर टूटने वाले शेयरों में सन फार्मा 3.69%, इन्फोसिस 1.62%, टीसीएस 1.48%, विप्रो 0.97%, ऐक्सिस बैंक 0.30%, अडानी पोर्ट्स 0.12%, लार्सन ऐंड टुब्रो 0.06% और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा 0.02% तक कमजोर हो गए। वहीं, निफ्टी पर सन फार्मा के शेयर 3.44%, जी एंटरटेनमेंट के 3.15%, इन्फोसिस के 1.68%, टीसीएस के 1.44%, एचसीएल टेक के 1.32%, विप्रो के 0.94%, टेक महिंद्रा के 0.77%, टाइटन के 0.45%, ऐक्सिस बैंक के 0.27% और अडानी पोर्ट्स के शेयर 0.21% तक टूट गए।

9:38 बजे निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी फार्मा को छोड़कर सारे सेक्टोरल इंडिसेज हरे निशान में थे। इस दौरान सेंसेक्स 79.07 अंक यानी 0.22% की तेजी के साथ 35,223.56 जबकि निफ्टी 38.85 अंक यानी 0.37% की उछाल के साथ 10,621.35 पर ट्रेड कर रहा था।

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सिंगापुर|



Last Updated:
बुधवार, 14 नवंबर 2018 (09:57 IST)


सिंगापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्सव में कहा कि में भी एक वित्तीय क्रांति चल रही है और 130 करोड़ लोगों की जिंदगी बदल रही है। फिनटेक एक फाइनेंस और टेक्नोलॉजी का उत्सव है। यह लोगों के भरोसे से जुड़ा है।

मोदी ने कहा कि अब दुनिया डिजिटल हो रही है। आज हम टेक्नोलॉजी के जरिए आ रहे ऐतिहासिक बदलाव के दौर में हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्‍था का चरित्र बदल रहा है। यह लोगों को जिंदगी बदलने के कई मौके दे रहा है।


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पीएम मोदी ने कहा कि आधार और सेलफोन के जरिए उनकी सरकार ने जन-धन योजना शुरू की और तीन वर्ष के भीतर 33 करोड़ नए बैंक खाते खोले।
उन्होंने कहा, 'ये पहचान, गरिमा और अवसरों के 33 करोड़ स्रोत हैं। भारत में 2014 में 50 प्रतिशत से कम लोगों के बैंक खाते थे। यह अब सर्वव्यापी के करीब है। इसलिए आज, एक अरब से अधिक बॉयोमीट्रिक पहचान, एक अरब से अधिक बैंक खाते और एक अरब से अधिक सेलफोन भारत को दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक आधारभूत ढांचा प्रदान करते हैं।'
उन्होंने कहा, 'हम प्रौद्योगिकी द्वारा लाए गए एक ऐतिहासिक परिवर्तन के युग में हैं। डेस्कटॉप से क्लाउड, इंटरनेट से सोशल मीडिया, आईटी सेवाओं से इंटरनेट ऑफ थिंग्स तक हमने कम समय में काफी लंबी दूरी तय की है।'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से 50 करोड़ लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। मुद्रा योजना के कारण करोड़ों लोगों ने अपना रोजगार शुरू किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी फिनटेक कंपनियों से भारत में निवेश की अपील की।

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SunnyNovember 14, 2018
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निवेश का सही विकल्प देगा सुरक्षा
नई दिल्ली

अच्छी और खुशहाल जिंदगी के लिए पैसा तो जरूरी है ही, लेकिन उसे कैसे और कहां निवेश करें यह सीखना भी जरूरी है। भविष्य की सुरक्षा के लिए वर्तमान में पैसे बचाना काफी नहीं होता है, उसे सही जगह पर लगाना और बढ़ाना भी आना चाहिए। अगर आपके पास आज कुछ पैसे हैं और उन्हें आप दीर्घकालीन अवधि के लिए इनवेस्ट करना चाहते हैं तो आपके काम आ सकते हैं यह विकल्प।

फिक्स डिपॉजिट

लोग छोटी या बड़ी रकम को सुरक्षित रखने और ज्यादा ब्याज के लिए फिक्स डिपॉजिट करते हैं। सामान्य सेविंग अकाउंट में ब्याज कम मिलता है। फिक्स डिपॉजिट की रकम एक साथ जमा की जाती है जबकि रेकरिंड डिपॉजिट में निर्धारित समय पर थोड़ी-थोड़ी करके राशि देनी होती है। एफडी अकाउंट को 7 दिन से लेकर 10 साल की अवधि के लिए खोला जा सकता है। फिक्स डिपॉजिट में ब्याज मिलने के बाद हुई राशि पर अगला ब्याज लगता है। बैंक एफडी पर 70 से 90 प्रतिशत तक का लोन देते हैं। आम तौर पर भविष्य में बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी जैसे कामों के लिए ग्रामीण और छोटे शहरों में आज भी फिक्स डिपॉजिट को सबसे सुगम विकल्प माना जाता है।

चल संपत्ति में निवेश लॉन्ग टर्म के लिए

अगर आपके पास पैसों की मात्रा अधिक है तो जमीन, रियल एस्टेट या चल संपत्ति में निवेश लॉन्ग टर्म में आपको फायदा देता है। जमीन में निवेश एक लोकप्रिय विकल्प इसलिए भी है क्योंकि जमीन की कीमत अपवादों को छोड़ दिया जाए तो आम तौर पर बढ़ती ही है। प्रॉपर्टी में निवेश के लिए 1 साल का वक्त काफी कम है। आपको कम से कम 3-5 साल के लिए निवेश करना चाहिए।

पीपीएफ में करें निवेश

पीपीएफ में कोई भी भारतीय निवेशक निवेश कर सकता है और यह लॉन्ग टर्म के लिए खास तौर पर सर्विस क्लास लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन है। इसमें निवेश सीमा न्यूनतम 500 रु है और अधिकतम निवेश सीमा 150000 रु है। पीपीएफ में भी 80सी के तहत टैक्स छूट का फायदा मिलता है और रिटर्न भी टैक्स फ्री होता है। इसमें आपके निवेश पर 8.7 फीसद ब्याज मिलता है। पीपीएफ का पैसा 15 साल की मैच्योरिटी के बाद ही निकाला जा सकता है।

गोल्ड में करें निवेश

सोना को दीर्घकालीन निवेश के लिए हमेशा ही सुरक्षित विकल्प माना जाता है। इसकी वजह है कि यदि आप मध्य आय वर्ग के भी हैं तो आप इसे जरूरत के वक्त आसानी से बेच सकते हैं। निवेशकों के लिए यह लॉन्ग टर्म में काफी उपयोगी होता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव की परिस्थितियों में विशेषज्ञ सोना को सही निवेश मानते हैं।

सरकारी बॉन्ड में करें निवेश

स्टॉक मार्केट में निवेश के लिए आपके पास जोखिम उठाने का साहस होना चाहिए। लॉन्ग टर्म में निवेश करनेवाले ज्यादातर लोग सुरक्षित विकल्प ही चाहते हैं और इसके लिए सरकारी बॉन्ड में निवेश सही कदम हो सकता है। 10 साल के सरकारी बॉन्ड पर इस वक्त 7.70 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। इस लिहाज से यह सुरक्षित और अच्छा रिटर्न देनेवाला ऑप्शन माना जाता है।

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सोने में निवेश देता है सुरक्षा भाव
नई दिल्ली

निवेश के विभिन्न विकल्पों का जब भी नाम लिया जाता है, सोना हमेशा एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। पारंपरिक कारणों से भी सोने के लिए भारतीयों में आकर्षण रहता है। निवेश के लिए भी कुछ लोग सोना या गोल्ड बार को विकल्प मानते हैं। लंबे समय तक के निवेश के लिए गोल्ड के अपने फायदे हैं। रिटर्न की उम्मीद के साथ इस धातु में निवेश के पीछे सुरक्षा का भाव भी अहम है। जानें सोने में निवेश के क्या हैं फायदे…

सुरक्षित है सोना सबके लिए

गोल्ड एक ऐसा विकल्प है जो भौतिक और मानसिक दोनों तौर पर निवेशकों को सुरक्षा का भाव देता है। रियल एस्टेट जैसी दूसरी अचल संपत्तियों के स्थाप पर सोने को खरीदना आसान है। डिजिटल रूप से स्टोर की गर्इ संपत्तियों के साथ जहां हैकिंग और दुरुपयोग होने का खतरा रहता है, सोने के साथ यह बात लागू नहीं होती है। रियल स्टेट में चल रहे मंदी और इन दिनों हुए कई फ्रॉड के बाद एक बार फिर सोने की विश्वसनीयता पहले से बढ़ी है। हालांकि, किसी भी अन्य विकल्प के ही तरह इस पीली धातु के साथ जोखिम जुड़े रहते हैं, जिनके बारे में सावधान रहना चाहिए।

मुश्किल वक्त में मददगार साथी है सोना

परिवार हो या व्यापार मुश्किल वक्त में सोना बहुत मददगार होता है। चल संपत्तियों की बिक्री आप फटाफट नहीं कर सकते, उसके लिए सही कीमत लगने से लेकर औपचारिक प्रक्रियाएं भी निभानी होती हैं। इसके उलट जैसे सोना खरीदना आसान है वैसे ही इसे कभी भी बेचा जा सकता है। यह बात प्रॉपर्टी के मामले में लागू नहीं होती है। दूसरे कर्इ निवेश विकल्पों में लॉक-इन पीरियड होता है। सोने का दाम कितना मिलेगा, यह उसकी शुद्धता और बाजार के भाव पर निर्भर करेगा।

पोर्टफोलियो को बनाता है प्रभावशाली

अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों का मानना है कि सोना आपके पोर्टफोलियो को प्रभावशाली विविधता प्रदान करता है। देखने में आया है कि जब शेयरों में गिरावट आती है तो सोने के दाम बढ़ते हैं। इससे निवेशकों का पोर्टफोलियो बाजार की अस्थिरता से बच जाता है। इसके साथ ही सिर्फ बैंक बॉन्ड, शेयर या प्रॉपर्टी में ही अपनी पूरी निवेश की रकम खपाने के स्थान पर कुछ हिस्सा गोल्ड के लिए सुरक्षित रखने का विकल्प अर्थशास्त्री देते हैं।

अंतरराष्ट्रीय तनाव के हालात में सोना आता है काम

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक संकट बढ़ने की स्थिति में सोने में निवेश बढ़ जाता है। ऐसा कर्इ बार देखने को मिला है। एंजेल ब्रोकिंग में चीफ एनालिस्ट (नॉन-एग्री कमोडिटीज एंड करेंसीज) कहते हैं कि युद्ध जैसी स्थितियां बनने पर दूसरे एसेट क्लास में गिरावट आती है। सोने पर इसका सकारात्मक असर होता है। इस दौरान सोने की निवेश मांग बढ़ जाती है।

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SunnyNovember 14, 2018
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लंबे समय से एसेट क्वालिटी और कैपिटल की समस्या झेल रहे बैंकिंग सेक्टर की सेहत में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. (PTI)

लंबे समय से एसेट क्वालिटी और कैपिटल की समस्या झेल रहे बैंकिंग सेक्टर की सेहत में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में लॉर्जकैप और मिडकैप सेग्मेंट से कुछ बैंकों ने न सिर्फ मुनाफा कमाया है, बल्कि एनपीए भी कम करने में सफल रहे हैं. हालांकि प्रोविजनिंग ज्यादा रहने से सेक्टर को लेकर अट्रैक्शन ज्यादा नहीं बढ़ा है. एक्सपर्ट का मानना है कि बैंकों ने अपनी स्ट्रैटेजी बदली है, वहीं सेक्टर को लेकर सरकार भी सतर्क है. तिमाही नतीजों से रिकवरी के संकेत दे रहे हैं. फिलहाल अभी कुछ महीने बैंकिंग सेक्टर से ज्यादा उम्मीद नहीं है, लेकिन लंबी अवधि के लिहाज से सरकारी और निजी क्षेत्र के सेलेक्टेड बैंकों में बेहतर रिटर्न मिल सकता है.

एसेट क्वालिटी में सुधार

फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि बैंकों के लिहाज से तिमाही नतीजे उम्मीद के हिसाब से रहे हैं. बैंकों की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है. तिमाही आधार पर मुनाफा भी बेहतर रहा है. प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PAC) को लेकर सरकार और आरबीआई के बीच विवाद कम होता दिख रहा है. इससे PAC के तहत गए बैंकों को नए लोन देने की छूट मिलेगी. सरकार समय समय पर बैंकों में पैसा डालने की योजना पर काम कर रही है. बैंकों ने भी अपना फोकस बदला है. लोन रिकवरी पर लगातार काम हो रहा है. फिलहाल अभी कुछ महीने की बात करें तो सेक्टर से ज्यादा उम्मीद नहीं है. लेकिन लंबी अवधि में बैंकों का भविष्य बेहतर है. उन्होंने एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक में 20 से 25 फीसदी ग्रोथ के टारगेट के साथ निवेश्श की सलाह दी है.

लोन रिकवरी पर फोकस

ट्रेड स्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन का कहना है कि तिमाही नतीजों पर गौर करें तो एसबीआई तिमाही आधार पर घाटे से मुनाफे में आ गई है. एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और बैंक आॅफ बड़ौदा समेत कई बैंकों का फंसा हुआ कर्ज कम हुआ है. बैंक कॉरपोरेट की जगह रिटेल लोन पर फोकस कर रहे हैं. लोन रिकवरी के लिए लगातार मैनजमेंट काम कर रहा है. जो कंपनियां बैंकों का पेमेंट नहीं कर पा रही हैं, उनका मामला एनसीएलटी भेजा जा रहा है, जहां से कर्ज के रिकवरी की उम्मीद बनी है. हालांकि प्रोविजनिंग एक समस्या है. उन्होंने लंबी अवधि के लिए बैंक आॅफ बड़ौदा में 150 रुपये और आईसीआईसीआई बैंक में 390 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है.

किन बातों का रखें ध्यान

एक्सपर्ट का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट अभी कमजोर हैं. इस वजह से नए निवेयाक लंबी अवधि के लिए निवेश करें, वहीं जिनका निवेश पहले से है, उन्हें होल्ड करना चाहिए. एक्सपर्ट का मानना है कि बैंकों से जुड़ें कई निगेटिव फैक्टर अब डिस्काउंट हो रहे हें, ऐसे में गिरावट पर सस्ते हो चुके अच्छे शेयरों में निवेश करना चाहिए. उन बैंकों से दूर रहना चाहिए जो PCA के दायरे में हैं. निवेश के पहले बैलेंसशीट जरूर देखनी चाहिए. देखें की बैंक को मुनाफा आ रहा है या नहीं.

किन शेयरों में मिलेगा रिटर्न

SBI

SBI तिमाही आधार पर घाटे से मुनाफे में आ गया है. वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में बैंक को 944.9 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है, जबकि जून तिमाही में बैंक को 4875.85 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. सालाना आधार पर बैंक का मुनाफा करीब 40 फीसदी घटा है. Q2 में SBI का नेट NPA 5.29 फीसदी से घटकर 4.84 फीसदी रह गया है. ग्रॉस NPA भी 10.69 फीसदी से घटकर 9.95% रह गया है. जगदीश ठक्कर और संदीप जैन ने बैंक में निवेश की सलाह दी है. ब्रोकरेज हाउस दोलत कैपिटल ने शेयर के लिए 330 रुपये का लक्ष्य रखा है. करंट प्राइस 276 रुपये के लिहाज से 20 फीसदी रिटर्न मिल सकता है.

ICICI बैंक

ICICI बैंक भी तिमाही आधार पर मुनाफे में आ गया है. वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में बैंक को 909 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जबकि जून तिमाही में बैंक को 120 करोड़ का नुकसान हुआ था. हालांकि सालाना आधार पर बैंक का मुनाफा करीब 56 फीसदी घट गया है. दूसरी तिमाही में बैंक की प्रोविजनिंग 34 फीसदी घटी है. ग्रॉस एनपीए 8.81 फीसदी से घटकर 8.54 फीसदी रह गया है. नेट एनपीए 4.19 फीसदी से घटकर 3.65 फीसदी रह गया है. संदीप जैन ने शेयर के लिए 390 रुपये का लक्ष्य दिया है. नालंदा सिक्युरिटीज ने शेयर के लिए 387 रुपये का लक्ष्य दिया है. शेयर का करंट प्राइस 360 रुपये है.

कोटक महिंद्रा बैंक

कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा दूसरी तिमाही में 21 फीसदी बढ़कर 1747 करोड़ रुपये हो गया है. बैंक की लोनबुक बढ़कर 184940 करोड़ रुपये हो गई है. इसमें रिटले लोन का हिस्सा 50 फीसदी है. बैंक का बिजनेस मजबूत है, कस्टमर बेस लगातार बढ़ रहा है. ग्रॉस एनपीए 2.17 फीसदी से घटकर 2.15 फीसदी रह गया है. बैंक के नेटवर्क में 1425 ब्रांच और 2236 ATMs हैं. जगदीश ठक्कर ने शेयर में 25 फीस दी ग्रोथ के टारगेट के साथ निवेश्श की सलाह दी है. ब्रोकरेज हाउस के आर चोकसे ने शेयर के लिए 1461 रुपये और ICICI डायरेक्ट ने 1400 रुपये का लक्ष्य रखा है. करंट प्राइस 1163 रुपये के लिहाज से शेयर में 26 फीसदी रिटर्न मिल सकता है.

बैंक आॅफ बड़ौदा

बैंक आॅफ बड़ौदा का मुनाफा दूसरी तिमाही में करीब 20 फीसदी बढ़कर 425 करोड़ रुपये हो गया है. रिटेल बैंकिंग में अच्छी ग्रोथ है. प्रोविजनिंग घटी है. ग्रॉस एनपीए 12.46 फीसदी से घटकर 11.78 फीसदी रह गया है. संदीप जैन ने शेयर में 150 रुपये का लक्ष्य दिया है. करंट प्राइस 108 रुपये के लिहाज से शेयर में करीब 40 फीसदी रिटर्न मिल सकता है.

(नोट-निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स व ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं. कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें. मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है.)

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