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SunnySeptember 22, 2018
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Whoops.
Image: Ladislav Kubeš/getty

I guess we shouldn’t be all that surprised. But still, they did say it would be practically impossible. 

The Japan-based cryptocurrency exchange Zaif suffered a major hack last week. It issued a statement on Thursday stating that approximately $59 million worth of bitcoin, bitcoin cash, and MONAcoin had been stolen by unidentified criminals. This, obviously, is not good. What makes it perhaps worse is the company’s past insistence that it applied the “maximum effort” possible to keep its customers’ funds safe — and that hacking it would be “practically impossible.”

Like many exchanges, Zaif has a page on its website where it details the precautions taken to secure customer funds. With tens (or potentially hundreds) of millions of dollars worth of cryptocurrency at stake, it makes sense to let everyone know that you’re taking this security stuff seriously. 

Take, for example, the webpage titled “About the Zaif usage risk and security system.” It lays out six points “in order to ensure maximum safety and security.”

Under the third point, “Reinforcement of system infrastructure robustness,” we are given the following bit of reassurance. 

“We externally block the exchange system at multiple levels, and we are building a system security environment where hacking into the internal system is practically impossible. Therefore, all outside access to the database, etc. is impossible.”

According to a company statement detailing the hack, translated from the original Japanese (via Google translate), “it turned out that some of the deposits and withdrawal hot wallets were hacked by unauthorized access from the outside, and part of the virtual currency managed by us was illegally discharged to the outside.”

Hmm.

Now, the crypto that was stolen was reportedly in a so-called “hot wallet” — a wallet that is connected online which allows customers to withdraw or transfer funds immediately — and not a more secure cold wallet. Perhaps it was the company’s cold wallet that’s “practically impossible” to hack?

This Zaif debacle is just another in a long line of breached exchanges. The most notable of which, the 2014 Mt. Gox hack, resulted in the theft of around 850,000 bitcoins. In January of this year, another Japan-based exchange, Coincheck, was also hacked for roughly 500 million NEM — worth approximately $424 million at the time. 

It’s almost as if it’s not practically impossible to hack an exchange at all. 

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SunnySeptember 21, 2018
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केंद्र सरकार डेढ़ लाख करोड़ की लागत से पूर्वोत्तर राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछा रही है। सरकार का ध्यान सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण व संवेदनशील चीन और बांग्लादेश सीमा पर मजबूत रोड नेटवर्क खड़ा करने पर है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आगामी 24-25 सितंबर को शिलांग में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इस मौके पर सभी आठ राज्यों के मुख्यमंत्री व संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे हैं।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों व उनकी सीमाओं पर डेढ़ लाख करोड़ की लागत से रोड नेटवर्क का जाल फैलाने का कार्य प्रगित पर है। इसके तहत 10,000 किलोमीटर से अधिक लंबे दो लेन व चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जा रहे हैं। सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग व ढांचागत विकास निगम (एनएचआईडीसीएल) नामक नए सरकारी उपक्रम का गठन पहले ही कर चुकी है। 

इन राज्यों में निवेश 

अधिकारी ने बताया कि डेढ़ लाख करोड़ में चीन सीमा और बांग्लादेश सीमा से सटे असम में 48,221 करोड़,  सिक्कम में 17,000 करोड़ और अरुणाचल प्रदेश में 10,000 करोड़ रुपये निवेश किए जा रहे हैं। मिजोरम में 12,000 करोड़, मणिपुर में 22,000 करोड़, त्रिपुरा में 8,000 करोड़, नागालैंड में 20,000 करोड़ और मेघायल में 8,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

अड़चनें दूर करने जाएंगे गडकरी

सूत्रों ने बताया कि नितिन गडकरी चालू परियोजनाओं को गति देने के लिए दो दिन शिलांग में समीक्षा बैठक करेंगे। इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, पीडब्ल्यूडी मंत्री, एनएचआईडीसीएल, एनएचएआई, मंत्रालय के अधिकारी शिरकत करेंगे। बैठक में प्रमुख रूप से राजमार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण मंजूरी, जनसुविधाएं स्थानांतरण जैसी अड़चनों को दूर करना है। विदित हो कि गडकरी आगामी आम चुनाव के मुद्देनजर मार्च, 2019 तक अधिक से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को पूरा करना चाहते हैं, जिससे इसका फायदा चुनाव में उठाया जा सके।

समय बचेगा 

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अपने दो दिवसीय दौरे में मेघायल में 102 किलोमीटर लंबे जोवाय-रतचेरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच संख्या-6) को राष्ट्र को समपर्ति करेंगे। राजमार्ग के निर्माण पर 683 करोड़ रुपये लागत आई है। इसके बनने से जोवाय से रतचेरा की दूरी चार घंट से घटकर दो घंटे 50 मिनट रह जाएगी।

अंडमान में निर्माण 

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय अंडमान निकोबार में 10,000 करोड़ की लागत से राष्ट्रीय राजमार्गों को विकसित कर रहा है। देशभर में 61,164 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा रहा है। 1837 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मंत्रालय 6,45,199 लाख करोड़ का निवेश कर रहा है।

नन रेप केस: तीन दिन लगातार पूछताछ के बाद बिशप फ्रैंको मुलक्कल अरेस्ट

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SunnySeptember 21, 2018
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नगर निगम क्षेत्र की दो कॉलोनियों को जल्द ही पेयजल किल्लत से निजात मिल जाएगी। राज्य योजना के तहत वाल्मीकि कॉलोनी व भरत विहार क्षेत्र के लिए वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है, जल संस्थान आने वाले सप्ताह में उक्त योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन शुरू कर देगा। इससे खासकर ग्रीष्मकाल में उक्त इलाकों की पांच हजार से अधिक की आबादी को पेयजल किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा।

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राज्य योजना के अंतर्गत भरत विहार कॉलोनी के लिए 1.35 करोड़ व वाल्मीकि कॉलोनी के लिए 75 लाख की पेयजल योजना को हाल में वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है। जलकल अभियंता अरुण विक्रम सिंह रावत ने बताया कि नागरिकों की सुविधा के मद्देनजर दोनों कॉलोनियों में अगले सप्ताह से पेयजल योजनाओं का कार्य शुरू हो जाएगा। योजना के तहत वाल्मीकि कॉलोनी में 1900 मीटर पेयजल लाइन बिछाने का प्रावधान रखा गया है। जबकि यहां बने पुराने जलाशय पर मरम्मत कार्य होना है। इससे कॉलोनी के करीब 3500 लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
150 केएल का बनेगा ओवरहेड टैंक
भरत विहार कॉलोनी में 135 लाख की योजना के तहत ट्यूबवेल निर्माण व 150 केएल का ओवरहेड टैंक बनाया जाना है। इसके अलावा 3800 मीटर की पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। योजना के क्रियान्वयन से कॉलोनी क्षेत्र के करीब 1200 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। जलकल अभियंता रावत ने बताया कि अगले सप्ताह से दोनों इलाकों में योजना का कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उक्त इलाकों में खासकर ग्रीष्मकाल में लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ता था, मगर योजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद क्षेत्र में पेयजल समस्या नहीं रहेगी।

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SunnySeptember 21, 2018
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नई दिल्ली

देश को नई शिक्षा नीति अगले महीने मिलने की उम्मीद है। एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने नवभारत टाइम्स से बात करते हुए कहा कि 21 अक्टूबर तक नई शिक्षा नीति आ जाएगी, जो देश की शिक्षा व्यवस्था को 2020 से 2040 तक का ध्यान रखते हुए गाइड करेगी। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी अपने तीन दिन की लेक्चर सीरीज में उम्मीद जताई कि नई शिक्षा नीति जल्द आएगी। साथ ही कहा कि वेद, पुराण, रामायण सहित मूल्यबोध पढ़ाए जाने चाहिए और यह शिक्षा नीति का हिस्सा होना चाहिए।

नई शिक्षा नीति तैयार होने को लेकर एचआरडी मिनिस्ट्री कई बार डेडलाइन दे चुकी है। इसे वैसे तो पिछले साल ही आना था, लेकिन फिर इस साल 31 मार्च तक की तारीख दी गई। लेकिऩ इसके बाद फिर से पॉलिसी ड्राफ्ट बना रही कमिटी को और तीन महीने का वक्त दिया गया लेकिन जून तक भी पॉलिसी नहीं आ पाई। इसके बाद फिर वक्त और बढ़ाया गया। पॉलिसी में हो रही देरी को लेकर संघ के पदाधिकारी भी बीजेपी के साथ समन्वय मीटिंग में सवाल उठाते रहे हैं। अब पॉलिसी के अगले महीने आने की उम्मीद है।

एनबीटी से बात करते हुए एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पहली बार भारत में शिक्षा नीति बनाने को लेकर इतनी बड़ी एक्सरसाइज हुई है। हमने पंचायत स्तर से लेकर संसद तक हर स्तर पर शिक्षा नीति के लिए सुझाव लिए हैं। उन्होंने कहा कि इसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है और 21 अक्टूबर तक यह सामने आ जाएगा।


‘शिक्षा नीति में शामिल होने चाहिए अपने देश के विचार’

संघ की तरफ से भी शिक्षा नीति को लेकर सुझाव दिए गए थे। संघ को उम्मीद है कि उन सुझावों को शिक्षा नीति में जगह मिलेगी। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ‘आधुनिक शिक्षा प्रणाली में जो लेने लायक है वह लेते हुए अपनी परंपरा से जो लेना है वह लेकर एक नई शिक्षा नीति बनानी चाहिए, नई शिक्षा नीति आने वाली है आशा करता हूं कि उसमें यह सब बातें होंगी।’ भागवत ने इस पर जोर दिया कि शिक्षा नीति ऐसी हो, जिससे शिक्षा में अपने देश का विचार धन मिले।


भागवत बोले, वेद, पुराण, त्रिपिटक समेत अन्य धर्मों के मूल्य बोध भी हों शामिल


उन्होंने कहा कि ‘चारों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, गीता, दर्शन, जैन धर्म की शिक्षा, त्रिपिटक (बौद्ध धर्म ग्रंथ), गुरुग्रंथ (सिखों का धार्मिक ग्रंथ) संत वाणी, ये शिक्षा में भारत के लोगों को मिलना ही चाहिए।’ संघ प्रमुख ने कहा कि और भी संप्रदाय हैं, जो बाहर से आएं हैं उनकी अच्छी खासी संख्या है, उसमें भी जो मूल्यबोध है, वह सिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रिलीजन की शिक्षा भले ही हम न दें लेकिन दृष्टि, मूल्यबोध इस दृष्टि से और उससे निकलने वाले संस्कारों की दृष्टि से इन सबको पढ़ाना चाहिए।

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SunnySeptember 21, 2018
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रांची : राज्य भर में विधायक योजना  की 6.09 फीसदी राशि की ही निकासी हुई है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष के पांच माह गुजर गये हैं. जिलों में वित्तीय वर्ष 2018-19 की  विधायक योजना की राशि की निकासी नहीं होने से विकास कार्य भी प्रभावित हैं. यह स्थिति तब है, जबकि ग्रामीण विकास विभाग ने इस मद की शत प्रतिशत राशि का आवंटन कर दिया है.

राशि निकासी व खर्च की स्थिति को देखते हुए सरकार भी चिंतित हो गयी है. इसके बाद मामला ऊपर तक पहुंचा, तो आनन-फानन मे कार्रवाई करते हुए सरकार ने एक मुश्त राशि रिलीज करने का संकल्प जारी कर दिया है. 

बिना शर्त राशि रिलीज  करने का संकल्प हुआ है जारी : विभाग ने चार सितंबर को वर्ष 2018-19 की राशि बिना शर्त रिलीज करने का संकल्प जारी कर दिया है. शुरू में आवंटन के साथ डीसी बिल लेने के बाद ही राशि निकासी का निर्देश दिया गया था, लेकिन इस पर चर्चा हुई कि विधायकों की राशि की निकासी नहीं हो रही है और विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं. लोग विधायकों के पास सड़क-नाली सहित अन्य योजनाअों के लिए दौड़ रहे हैं. वहीं चुनाव भी नजदीक है.  ऐसे में तत्काल कार्रवाई करते हुए संकल्प जारी किया गया. 

क्या है संकल्प में 

एक मुश्त राशि निकासी की सहमति देने में कई शर्त लगाये गये हैं. इसके तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 तक के लंबित डीसी बिल का समायोजन दिसंबर 2018 तक शत प्रतिशत करना है. वित्तीय वर्ष 2018-19 में निकासी की गयी राशि का समायोजन न्यूनतम 66 फीसदी मार्च 2019 तक कराया जाये. इसके साथ ही  कुछ अन्य शर्तें भी लगायी गयी हैं. 

नये प्रावधान व नियम से फंस रहा है विधायक योजना का मामला 

कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम ने कहा कि नये प्रावधान व नियम से भी राशि निकासी व  योजना स्वीकृति का मामला फंस रहा है. अब नये प्रावधान के तहत योजना स्वीकृति के लिए जीअो टैग फोटो की व्यवस्था कर दी गयी है. यानी योजना स्वीकृति के लिए स्थल पर जाकर फोटो लेकर अपलोड करना है. नेट कनेक्टिविटी सहित अन्य समस्याअों के कारण इसमें काफी परेशानी आ रही है.

ऐसे में योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने में देरी हो रही है. उन्होंने कहा कि यह राशि लोकल एरिया के डेवलपमेंट के लिए है. इस पर जल्द से जल्द काम करना हर विधायक चाहता है. ऐसे में जल्द से जल्द इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समस्या के निष्पादन का आग्रह किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बार-बार अफसरों का बदल जाने से भी योजना की स्वीकृति का मामला लटक रहा है.

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SunnySeptember 21, 2018
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नई दिल्‍ली:  

डॉलर के मुकाबले रुपए में शुक्रवार को Forex Market में सुबह से ही जोरदार बढ़त दर्ज हुई. रुपया आज 52 पैसे बढ़कर 71.85 पर खुला है. पिछले कारोबारी दिन यानि बुधवार को भी डॉलर के मुकाबले रुपए में शानदार रिकवरी आई थी. बुधवार को रुपया 61 पैसे की बढ़त के साथ 72.37 के स्तर पर बंद हुआ था.

रुपए की मजबूती का ये है कारण

रुपए में मजबूती का कारण निर्यातकों और बैंकों की तरफ से डॉलर की विकवाली के चलते आई है. इसके अलावा ट्रेड वार की चिंता भी दूर होने के चलते डॉलर में नरमी का रुख रहा है. इसके चलते भी रुपए को सहारा मिला है.

सेंसेक्‍स में भी तेजी

पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई. सेंसेक्स 291 अंकों की उछाल के साथ 37,413 के स्तर पर खुला. जबकि निफ्टी की शुरुआत 90 अंकों की तेजी के साथ 11,324 के स्तर पर हुई. बैंकिंग, FMCG, मेटल, फार्मा और रियल्टी शेयरों में बढ़त से सेंसेक्स को मजबूती मिली है. 


First Published: Friday, September 21, 2018 09:22 AM

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SunnySeptember 21, 2018
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By WACEKE NDUATI OMANGA
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Have you been struggling with your business plan? Many people do. I am currently going through a very vigorous business planning exercise that is forcing me to demystify the process.

Many entrepreneurs will relate to the inability to put their dreams, plans, actions and rationale in a way that can be understood by others. Here are a five things you can do to get started.

Articulate the vision: What do you see happening with your business? Do you see your kindergarten becoming a primary and secondary school?

Maybe the kindergarten spreads to other towns or markets. Nobody can tell you what vision to have.

They can prompt some level of thinking but ultimately, you have to own the vision. Vison can also incorporate the values that you want the business to have or the experience/impact you want to see happening. It will scare you because you will not be able to logically see how this will get done. Vision never seems possible.

Business rationale: What is the business opportunity? Why do you expect your business to make money? Maybe there is more demand than availability of schools. Maybe a certain target market has not been catered for. Why does your business make sense? What problem exists that you are solving? This should be put in a way that anybody can understand.

Goals. Your vision has to turn into specific goals. If your aim is to get to the mountain, there will be specific landmarks, towns, signs that will tell you that you are on the right track.

These are the goals. Goals get us to really become clear about what is going to happen. If you wanted to have your school in multiple cities, the goals would break this down to where and by when. For example, open a second kindergarten in Nakuru by June 2019 or start offering lower primary classes by January 2021. Vision is great but our minds need something more tangible to latch on to so that we can be more focused.

An action plan” Goals have to be further broken down into activities. To launch the school in Nakuru there are certain things that would need to get done e.g. finding venues, teachers etc. Give each of these actions a deadline as well. Without intentional effort to do something different, you may find yourself in the same boat three years from now. Goals will be achieved if there is intentional time spent on doing different activities, many of which will not have results today but in the future. Being clear about what you need to do will help you consciously allocate time to that.

A financial plan. Very simply put, what amount of money do you expect to make and how do you expect to spend it? People become very unrealistic with this part of the business plan because they want to impress others or convince themselves how they will make loads of money. Have an argument for increased revenues; don’t just pull numbers from the sky. It is also OK to project losses.

The financial plan doesn’t need to show increasing profits always. There could be a bad season e.g. what many businesses faced during elections. Planning ahead would help you figure out what to start doing.

These projections help you also think about what resources or expenditure you might incur. You cannot claim to triple revenues without investment in people, systems, marketing, etc.

Based on the plan, you will be able to provide a basis for funding. You may also want to get into strategic partnerships and can use this plan. It’s an excellent way to communicate the agenda of this business to your teams. Most of all, it is a working document for you to keep improving as you learn and discover new things along the way.

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