दोगुनी रकम की लालच में हजारों लोगों ने किया करोड़़ों का निवेश – Patrika News

बेमेतरा. जिले में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ की गई शिकायतों के आधार पर तीन साल में 91 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अब तक इनमें से 48 प्रकरण में 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिले में रकम दोगुना करने एवं अधिक लाभ देने के नाम पर तरह-तरह की स्कीम का झांसा देकर हजारों लोगों से कई चिटफंड कंपनियों ने करोड़ों रुपए का निवेश करवाया है। कंपनी के एजेंटों एवं डायरेक्टरों ने निवेश करने वालों को रकम वापसी के लिए मियाद निर्धारित की थी। इसके बाद रकम नहीं मिलने पर थानों में शिकायत के आधार पर तीन साल में धारा 420, 409 एवं 456 इनामी चिटफंड एवं धन परिचालन स्कील पाबंदी अधिनियम 1978 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

2016 से अब तक दर्ज मामले
2016 के दौरान जिले के थानों में 19 प्रकरण दर्ज किए गए थे। जिसमें सभी प्रकरणों में विवेचना की गई है, जिसके बाद 13 प्रकरणो मे 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी प्रकरण न्यायालय में लंबित है। वहीं 3 प्रकरण लंबित हैं। दो प्रकरणों का खात्मा किया गया है। वहीं एक प्रकरण को धारा 299 की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें तीन आरोपी हैं। जिले में वर्ष 2017 के दौरान सर्वाधिक 50 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिसमें 3 प्रकरण का खात्मा किया गया है। बाकी 47 प्रकरण में सें 29 प्रकरणों में 60 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। बाकी 20 प्रकरणों में से 4 आरोपियों की तलाश जारी है। 2018 में जिले के विभिन्न थानों में 22 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जिसमें अब तक 6 मामलों में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 16 प्रकरण मेें आरोपियों की तलाश की जा रही है। 6 प्रकरणों के सभी 9 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका है। न्यायालय के निर्देश के बाद दीगर जिलों के अलावा जिले के निवेशकों को भी रकम वापसी की उम्मीद होने पर 20 जुलाई से 9 अगस्त तक हजारों लोगों ने 226 आवेदन पेश किया है, जहां से प्रदेश के दीगर थानों से संबंधित मामलों को थाने में पेश किया गया है।

नांदघाट थाने में भी दर्ज है तीन मामले
जिले के नांदघाट थाने में तीन चिटफंड कंपनी से जुड़े तीन प्रकरण दर्ज हैं। जिसमें गरिमा रिवर स्टेट, बीन एन गोल्ड व जीन एन डेयरीज में तीनों में पांच आरोपी पकड़े गए हैं। चिटफंड से जुड़े सबसे ज्यादा मामले बेमेतरा थाने में दर्ज हैं। इनके अलावा एमआई स्टाइल के प्रकरण में चार लोगों की गिरफ्तारी की गई है। एचबीएन कंपनी के प्रकरण में एजेंट पर कार्रवाई की गई है। डायरेक्टर फरार है। ड्रीम पावर कंपनी व बीएन गोल्ड के मामलों में संचालकों की तलाश जारी है। साई प्रकाश प्रॉपर्टी रीवां के मामले में संचालक पुष्पेंद्र की तलाश जारी है। एचआईसीएल कंपनी के खिलाफ दर्ज मामले में डायरेक्टर फरार है। जांच दुर्ग अपराध शाखा कर रही है। बेरला थाने में प्रिम रोज मार्केटिंग के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है।

खम्हरिया में दर्ज मामले में पांच की गिरफ्तारी
खम्हरिया थाने में रिच लाइफ कंपनी के खिलाफ की गई शिकायत में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। साजा में जीएन गोल्ड कंपनी के खिलाफ की गई शिकायत में डायरेक्टर सतनाम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। सतनाम सिंह ने 4 करोड़ का निवेश कराने की बात पुलिस को दिए गए बयान में कही है। दो प्रकरणों में न्यायालय के निर्देश के बाद मामला दर्ज किया गया है।

पीएससीएल में निवेश की रकम वापसी की उम्मीद
आल इंवेस्टर्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन के जिला अध्यक्ष बुधराम साहू, कामता सिन्हा, मोहन साहू व अन्य के अनुसार जिले में उसके संगठन से जुड़े निवेशकों ने पीएससीएल में करोड़ों की रकम निवेश किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार निवेशकों को राहत देने के लिए पीएससीएल कंपनी की संपत्ति नीलाम कर निवेशकों को भुगतान करने के निर्देश दिए थे। जिसका आज तक पालन नहीं किया गया है। जिले में भी कंपनी में लोगों का करोड़ों रुपए है, जिसकी वापसी की प्रक्रिया प्रांरभ की जानी चाहिए। संगठन इस बारे में लगातार मांग कर रहा है। बहरहाल किसानों को राहत के बाद नए सत्ताधारी दल से भी लोगों को निवेश की गई रकम वापस मिलने की उम्मीद है।

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