ढाई करोड़ हुए खर्च, 239 आवास अपूर्ण- प्लान- Amarujala – अमर उजाला

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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में दो वित्तीय वर्षों के दौरान वैसे तो प्रधानमंत्री आवास के लिए 100 करोड़ से अधिक की रकम जारी हुई, लेकिन ढाई करोड़ मिलने के बाद भी 239 आवास अब तक पूर्ण नहीं हो सके। लाभार्थी संग प्रधान की लापरवाही से किसी आवास का छत नहीं ढल सकी तो किसी के दरवाजे नहीं लगे। इससे तीसरी किस्त का पैसा भी नहीं भेजा गया। ऐसे लाभार्थियों के खिलाफ प्रशासन की ओर से रिकवरी नोटिस जारी किया गया है। गरीबों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की है। 2016 से शुरू हुई योजना में तीन साल में करीब नौ हजार परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की छत नसीब हुई, हालांकि प्रधान और लाभार्थी की लापरवाही से 239 आवास पैसे मिलने के बाद भी अपूर्ण हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 5981 आवास लक्ष्य के मुकाबले सात हजार ने आवेदन किया है, जिसमें 5,933 लाभार्थियों को प्रथम किस्त के रूप में 40-40 हजार भेजा गया। उसके बाद जांच में करीब 550 लाभार्थी अपात्र मिले तो दूसरी किस्त में करीब पांच सौ कट गए और 5552 को ही धनराशि भेजी गई। तीसरी किस्त 5403 को भेजी गई, जिसमें 5402 आवास पूर्ण हुए। इसमें करीब 150 ऐसे लाभार्थी है जो दो किश्तों में एक लाख 10 हजार लिए जरूर पर उस रकम को दूसरे कार्यों में खर्च कर दिया या प्रधान से खर्च हो गए। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4196 आवास लक्ष्य के मुकाबले 3864 को पहली किस्त, 3429 को दूसरी किस्त गई और 3340 आवास पूर्ण हो सके। इस साल भी 89 आवास अधूरे ही रह गए। ज्ञानपुर के सरपतहां, चौरी के चकभूईधर, डीघ ब्लॉक के डीघ गांव में भी ऐसे कई आवास अपूर्ण हैं। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि दूसरी किस्त भेजने के बाद जो आवास नहीं बनवा रहे हैं, उनके खिलाफ रिकवरी का नोटिस भेजा गया है। कुछ ने पैसे वापस भी कर दिए हैं।

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