कुछ महीनों में ही पैसा हो जाता है दोगुना, ये कंपनी करती है ये काम – Patrika News

जबलपुर . मप्र हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी व उसके सहयोगियों पर दुष्टतापूर्वक ठगी के जरिए जनता के गाढ़े पसीने की कमाई हड़पने का आरोप है। लिहाजा उसे जमानत नहीं दी जा सकती। यह कहते हुए जस्टिस राजीव कुमार दुबे की सिंगल बेंच ने चिटफंट कंपनी के संचालक की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।

news facts-

हाईकोर्ट ने कहा…
दुष्टतापूर्वक जनता की कमाई ठगने का आरोप, नहीं दे सकते जमानत
चिटफंट कंपनी जीएन गोल्ड के नई दिल्ली निवासी संचालक की अर्जी खारिज

नई दिल्ली निवासी सतनाम सिंह रंधावा पर आरोप है कि वह भोपाल जिले में लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर उनसे वित्तीय योजनाओं में तगड़ी रकम निवेश करवाने के बाद बोरिया-बिस्तर लपेट कर गायब गया था। एसटीएफ भोपाल थाने में 2016 में रामभूषण रघुवंशी की शिकायत पर आरोपी रंधावा व अन्य के खिलाफ भादंवि की धारा 420, 409, 409, 120 बी व मप्र निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6,नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138, प्राइज चिट एंड मनी सर्कुलेशन बैनिंग एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
अभियोजन के अनुसार रंधावा जीएन गोल्ड, जीएन डेयरीज व जीएनडी इंडिया लिमिटेड नामक कंपनियों का संचालक था। उसने अपने एजेंटों के जरिए मेच्योरिटी अवधि के बाद कई गुना रकम वापस देने का लालच देकर लोगों से विभिन्न वित्तीय योजनाओं में लाखों रुपए निवेश करा लिए। इसके बाद वह कार्यालय बंद कर चंपत हो गया। रंधावा को एसटीएफ ने 7 अक्टूबर 2016 को गिरफ्तार किया था। तभी से वह जेल में है। इसी मामले में जमानत पाने के लिए रंधावा की ओर से यह अर्जी दायर की थी।

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