दोस्ती, परिवार और सामाजिक जीवन में कैसे बना सकता हैं बैलेंस, भगवान श्रीकृष्ण से सीख सकते हैं इसके सूत्र – Dainik Bhaskar

रिलिजन डेस्क। भगवान श्रीकृष्ण में ऐसे अनेक गुण थे, जो उन्हें परफेक्ट बनाते थे। दोस्ती निभाना हो या दांपत्य जीवन में खुशहाली, जीवन के हर क्षेत्र में उन्होंने सामंजस्य बनाए रखा था। आज हम आपको श्रीकृष्ण के कुछ ऐसे ही गुणों के बारे में बता रहे हैं, जिसे अपना कर हम भी अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं…

1. मित्रता निभाना

अर्जुन, सुदामा व श्रीदामा श्रीकृष्ण के प्रमुख मित्र थे। जब-जब इनमें से किसी पर भी कोई मुसीबत आई, श्रीकृष्ण ने उनकी हरसंभव मदद की। आज भी श्रीकृष्ण और अर्जुन की मित्रता की मिसाल दी जाती है।

2. सुखी दांपत्य

ग्रंथों के अनुसार, श्रीकृष्ण की 16108 रानियां थीं। इनमें से 8 प्रमुख थीं। श्रीकृष्ण के दांपत्य जीवन में आपको कहीं भी अशांति नहीं मिलेगी। वे अपनी हर पत्नी को संतुष्ट रखते थे ताकि उनमें कोई मन-मुटाव न हो।

3. रिश्ते निभाना

भगवान श्रीकृष्ण ने अपना हर रिश्ता पूरी ईमानदारी से निभाया। यहां तक कि अपने परिजन व अन्य लोगों के लिए द्वारिका नगरी ही बसा दी। माता-पिता, बहन, भाई श्रीकृष्ण ने हर रिश्ते की मर्यादा रखी।

4. युद्धनीति

महाभारत के युद्ध में जब-जब पांडवों पर कोई मुसीबत आई, श्रीकृष्ण ने अपनी युद्ध नीति से उसका हल निकाला। भीष्म, द्रोणाचार्य आदि अनेक महारथियों के वध का रास्ता श्रीकृष्ण ने ही पांडवों को सुझाया था। युद्ध का अर्थ आज के समय में विषम परिस्थितियों से है। चाहे कितनी भी बड़ी मुश्किल हो, धैर्य और समझ-बूझ के साथ उसका हल निकाला जा सकता है।

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