आयकर विभाग ने फोरेक्स, तहसीलदारों समेत 700 से ज्यादा को जारी किया नोटिस – दैनिक जागरण

Publish Date:Wed, 09 Jan 2019 08:40 PM (IST)

र¨वदर शर्मा, अमृतसर

आयकर विभाग ने राज्य के 9 जिलों के तहसीलदारों, फोरेक्स डीलर्स, ज्वैलर्स और कार डीलर्स व को-आपरेटिव बैंकों के नाम 700 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए हैं। विभाग के इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन ¨वग की महिला आयकर अधिकारी मीरा नागपाल ने आयकर निदेशक संदीप दहिया की हिदायतों के बाद यह नोटिस जारी किए हैं।

आयकर अधिकारी नागपाल ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में अधूरी जानकारी देने वालों से पचास हजार रुपये जुर्माना भी वसूला जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 की जानकारी फाइल करने की अंतिम तिथि 31 मई 2018 थी, जबकि उक्त तिथि निकल जाने के बाद भी 700 से ज्यादा लोगों ने एसएफटी फाइल नहीं करी। नोटिस में उन्हें 500 रुपये प्रति दिन के जुर्माने के साथ स्टेटमेंट फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (एसएफटी) ऑनलाइन फाइल करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं अधूरी जानकारी देने वालों से 50 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा।

फोरेक्स डीलर्स की सीमा है 10 लाख

आयकर विभाग के इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन ¨वग की अधिकारी मीरा नागपाल ने बताया कि विदेशी करंसी ट्रांसजेक्शन करने वालों को भी आयकर विभाग को ऑनलाइन जानकारी देनी होती है। इसके तहत 10 लाख से ज्यादा की विदेशी करंसी सेल या परचेज करने वाले ग्राहक

की पूरे एड्रेस व अन्य ब्योरे सहित जानकारी देनी होती है।

लैंड की रजिस्ट्री की है तीस लाख तक सीमा

सब-रजिस्ट्रारों को भी ऐसे लोगों की सूचना आयकर विभाग को देनी होती है, जिन्होंने 30 लाख या इससे अधिक जमीन की खरीद की है या बेची है। लेकिन कई तहसीलदार इसमें लापरवाही बरतते हैं और लैंड की लाखों रुपयों की होने वाली खरीदो-फरोख्त आयकर विभाग की नजर में नहीं आती।

ज्वैलर्स और कार डीलर्स के लिए है 2 लाख सीमा

अगर कोई ज्वैलर्स से सोने के 2 लाख या इससे ज्यादा के गहने खरीद कर इस राशि का नकद भुगतान करता है तो ज्वैलर्स को इस ग्राहक की जानकारी आयकर विभाग को देनी होती है। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति कार की खरीद करने के लिए कार डीलर्स को 2 लाख रुपये नगद देता है तो डीलर को इसकी जानकारी भी आयकर विभाग को देना जरुरी है।

बैंकों में एक दिन में नगद ट्रांजेक्शन सीमा भी 2 लाख

किसी व्यक्ति या फर्म की ओर से 1 दिन में अपने बैंक खाते में 2 लाख या इससे अधिक का लेन-देन किए जानकारी बैंकों को आयकर विभाग को देनी होती है। इसमें उक्त राशि को लेने वाले और देने वाले का पूरा ब्योरा एड्रेस सहित देना अति अनिवार्य है। इसमें कोआपरेटिव बैंक लापरवाही करते पाए गए हैं, जिसमें आयकर विभाग की विशेष अधिकारी मीरा नागपाल ने नोटिस जारी किए हैं। र¨वदर शर्मा

Posted By: Jagran

Let’s block ads! (Why?)


Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *