संसदीय समिति ने की नीली क्रांति योजना पर सरकारी प्रयासों की प्रशंसा – नवभारत टाइम्स

नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) देश में मछलीपालन और समुद्री उत्पादों को बढ़ावा देने से जुड़ी नीली क्रांति पर केंद्र प्रायोजित योजना के वित्त पोषण के लिए सरकार के बाजार से पूंजी जुटाने और अन्य बाहरी मदद पाने के प्रयासों की संसदीय समिति ने प्रशंसा की है। इससे पहले संसदीय समिति ने अपनी 53वीं रपट में सरकार द्वारा इस योजना के लिए मामूली रकम देने को लेकर उसकी खिंचाई की थी और इस बारे में वित्त मंत्रालय पर जोर देने के लिए कहा था। इसके बाद इस योजना को लागू करने वाली नोडल इकाई कृषि मंत्रालय ने और कोष जुटाने के प्रयास किए। इस योजना के लिये मंजूर किये गये कुल योजना आवंटन 3,000 करोड़ रुपये की तुलना में सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 400.73 करोड़ रुपये की राशि ही आवंटित की जिसे समिति ने बेहद कम माना था। बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश कार्रवाई रपट में समिति ने जानकारी दी कि सरकार इसके लिए बाजार से कोष जुटाने और अन्य बाहरी स्रोतों से राशि जुटाने के प्रयास कर रही है। इसके अलावा सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2018-19 के बजट में 10,000 करोड़ रुपये के कोष का वादा किया है। रपट में सरकार के इन प्रयासों की तारीफ के साथ कहा गया है कि उसे लगता है कि इससे भविष्य में कोष के पर्याप्त आवंटन प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।

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