झारखंड का हाल: नहीं मिल रहा पैसा, फंस रही हैं पीएम आवास से लेकर पीएमजीएसवाइ योजनाएं – प्रभात खबर

मनोज लाल

रांची : झारखंड में चालू महत्वपूर्ण योजनाअों का पैसा रिलीज नहीं हो पा रहा है. काम कराने या भुगतान के लिए पैसे की निकासी नहीं हो रही है. यह स्थिति राज्य व केंद्र दोनों योजनाअों की है. कई विभागों के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पैसे ही नहीं हैं. विभागों की अोर से लगातार राज्य सरकार से पैसा रिलीज कराने का आग्रह किया जा रहा है. 

यहां तक कि केंद्र से प्राप्त  राशि भी फंसी हुई है.  केंद्र की विमुक्त राशि के विरुद्ध राज्यांश भी नहीं दिया गया है. अफसरों का कहना है कि अगर शर्त के मुताबिक राज्य सरकार राशि नहीं देती है, तो केंद्र सरकार अपनी दूसरी किस्त की राशि आवंटन पर रोक लगा देगी.  

पीएम आवास योजना : राज्यांश (40 %) के 340 करोड़ रुपये नहीं मिले

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में केंद्र सरकार की ओर से करीब 700 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, वहीं  राज्य सरकार की ओर से राज्यांश (40%)  के 340 करोड़ अब तक नहीं दिये गये. इस कारण केंद्र सरकार अगली किस्त की राशि रोक सकती है, क्योंकि इस योजना में केंद्र सरकार व राज्य सरकार को अपना-अपना हिस्सा क्रमश: 60 व 40% देना है. पहली किस्त की राशि अगर केंद्र सरकार दे देती है, तो राज्य सरकार को भी अपना शेयर देना आवश्यक होता है. इसके बाद ही केंद्र सरकार दूसरी किस्त की राशि रिलीज करती है, लेकिन अब यहां दूसरी किस्त की राशि प्राप्त करने में परेशानी हो रही है.

पीएमजीएसवाइ : 200 करोड़ रुपये अब तक नहीं हुए रिलीज

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का करीब 200 करोड़ रुपये अब तक रिलीज नहीं हुए हैं. यह राशि एलडब्ल्यूइ  योजना के लिए है. वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए केंद्र से राज्य सरकार को 1200 करोड़ रुपये मिले थे, पर 200 करोड़ अब तक पड़े हुए हैं. इस राशि की तुलना में राज्य सरकार को अपना शेयर भी 40% देना था, लेकिन राज्य ने पैसे दिये ही नहीं हैं. राज्य व केंद्र सरकार दोनों के शेयर का पैसा खर्च होने के बाद ही आगे की राशि केंद्र सरकार रिलीज करेगी.

ग्रामीण कार्य िवभाग : 400 करोड़ से अधिक का करना है भुगतान

ग्रामीण कार्य विभाग के तहत क्रियान्वित होनेवाली राज्य संपोषित योजना की सड़कों का काम धीमा होने लगा है, क्योंकि ठेकेदारों ने काम तो कर लिया है, लेकिन उसका भुगतान नहीं हो रहा है. 400 करोड़ से अधिक की राशि फंसी हुई है. इस राशि का विपत्र तैयार है. ठेकेदार भी भुगतान होने का इंतजार कर रहे हैं. यह स्थिति एक माह से भी ज्यादा समय से है. इंजीनियरों का कहना है कि  लंबे समय तक यह स्थिति रही, तो सड़क का काम ठप हो जायेगा. 

पथ निर्माण विभाग : 1500 करोड़ पहुंच गयी है बकाया राशि

राज्य के पथ निर्माण विभाग के पास भी पैसा नहीं है. ठेकेदारों की बकाया राशि बढ़ कर करीब 1500 करोड़ पहुंच गयी है, लेकिन राशि के अभाव में उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है. अब तो योजनाअों की गति भी धीमी होने लगी है. ठेकेदारों का कहना है कि अगर जल्द राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो काम बंद करना होगा.  हालांकि विभाग के बजट का पैसा बचा हुआ है. इस वित्तीय वर्ष विभाग का  बजट 4000 करोड़ रुपये का है. 

इसमें से करीब 2300 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं. अभी भी विभाग का 1700 करोड़ रुपये बचा हुआ है, लेकिन कोष में राशि की कमी की वजह से पैसा फंसा हुआ है. भुगतान नहीं हो पा रहा है.

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