बाजार के 'बादशाह' पर करिए ऐतबार, इन शेयरों से मिल सकता है तगड़ा रिटर्न – Navbharat Times

समीर भारद्वाज, नई दिल्ली
अगर किसी कंपनी के प्रॉडक्ट्स ग्राहकों को पसंद आते हैं तो कंपनी की लॉन्ग टर्म ग्रोथ में उससे काफी मदद मिलती है। भीड़ से अलग प्रॉडक्ट पेश करना, ब्रैंड बिल्डिंग, प्रमोशनल कैंपेन और कस्टमर सर्विसिंग का इस्तेमाल अक्सर कंपनियां कॉम्पिटीटिव बने रहने के लिए करती हैं। ऐसे में किसी कंपनी की ताकत का पता लगाने के लिए मार्केट शेयर अच्छा टूल है।

किसी कंपनी की आमदनी में इंडस्ट्री की कुल आमदनी से भाग देकर मार्केट शेयर निकाला जाता है। अगर किसी कंपनी के मार्केट शेयर में बढ़ोतरी हो रही है तो इसका मतलब है कि उसके प्रॉडक्ट्स या सेवाओं को लोग पसंद कर रहे हैं। अगर किसी कंपनी का मार्केट शेयर बहुत अधिक होता है तो उसमें दूसरी कंपनियां कदम रखने से पहले सौ बार सोचती हैं। इतना ही नहीं, अगर बिजनस स्केल बढ़ा हो तो प्रति यूनिट या वेरिएबल कॉस्ट दूसरी कंपनियों की तुलना में कम होती है। मार्केट शेयर अधिक होने पर मौजूदा और संभावित ग्राहकों का भरोसा कंपनी पर रहता है, जो नए प्रॉडक्ट लॉन्च के लिए मजबूत बुनियाद का काम करता है।

जिन कंपनियों के मार्केट शेयर में बढ़ोतरी हो रही है, उनसे बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में अधिक रिटर्न हासिल किया जा सकता है। मार्केट शेयर बढ़ने का यह भी मतलब है कि कंपनी के पास मजबूत बिजनस मॉडल है। हमने 2013-14 के बाद पांच वित्त वर्ष के डेटा की पड़ताल की और इनमें से हरेक साल में 500 करोड़ से अधिक मार्केट कैप वाली कंपनियों के मार्केट शेयर का पता लगाया। मार्केट शेयर निकालने के लिए हमने हर कंपनी की कंसॉलिडेटेड एनुअल सेल्स में इंडस्ट्री की कुल सेल्स से भाग दिया। इंडस्ट्री की कुल सेल्स में लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों की बिक्री हमने जोड़ी थी।

इससे हमने उन कंपनियों को छांटा, जिनका मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2017-18 में पिछले चार वित्त वर्ष की तुलना में सबसे अधिक था। सिर्फ उन्हीं कंपनियों को शामिल किया गया, जिनके मार्केट शेयर में पिछले पांच साल में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2017-18 में कम से कम 10 पर्सेंट मार्केट शेयर के एक एडिशनल फिल्टर का भी इस्तेमाल किया गया। कुल 14 कंपनियां इन पैमानों पर खरी उतरीं। पिछले तीन साल में इन कंपनियों ने 86.2 पर्सेंट का प्वाइंट-टु-प्वाइंट रिटर्न दिया है, जबकि इस बीच बीएसई 500 इंडेक्स का रिटर्न 34.82 पर्सेंट रहा है। पिछले पांच साल में इन कंपनियों ने 794.5 पर्सेंट का कुल रिटर्न दिया, जबकि इस दौरान बीएसई 500 इंडेक्स में 90.11 पर्सेंट की तेजी आई।

आइए इनमें से उन 6 कंपनियों पर नजर डालते हैं, जिन्हें मार्केट एनालिस्टों से सबसे स्ट्रॉन्ग बाय रिकमंडेशन मिली हैं। ब्लूमबर्ग के कंसेंसस एस्टिमेट के मुताबिक, इन कंपनियों के शेयर प्राइस में अगले एक साल में सबसे अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। हमने इस लिस्ट में इंटरग्लोब एविएशन, टीवीएस मोटर्स और कन्साई नेरोलैक जैसी अच्छे मार्केट शेयर रखने वाली कंपनियों को शामिल नहीं किया है क्योंकि इनमें एक साल के टारगेट प्राइस से अधिक कीमत पर ट्रेडिंग हो रही है।

अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज

कंपनी हेल्थकेयर सेगमेंट में काम करती है और उसकी मौजूदगी हॉस्पिटल, फार्मेसी और डायग्नोस्टिक क्लिनिक्स में है। आईसीआईसीआई डायरेक्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के सभी सेगमेंट में मार्जिन में बढ़ोतरी हो रही है। अपोलो लंबे समय से बिजनस में निवेश कर रही थी, जो अब पूरा होने के करीब है। फार्मेसी रि-ऑर्गनाइजेशन का कंपनी ने प्रस्ताव रखा है, जिससे वैल्यू अनलॉक होगी। ब्लूमबर्ग के कंसेंसस एस्टिमेट के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 8.6 पर्सेंट रहने की उम्मीद है और एक साल में इसके शेयर प्राइस में 13.7 पर्सेंट की बढ़ोतरी हो सकती है।

CCL प्रॉडक्ट्स (इंडिया)

यह टी एंड कॉफी सेगमेंट की कंपनी है। कॉफी मैन्युफैक्चरिंग के साथ सीसीएल कस्टमाइज्ड कॉफी प्रॉडक्ट्स भी बेचती है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी पर स्ट्रॉन्ग बिजनेस मॉडल की वजह से पॉजिटिव है। सीसीएल के मैनेजमेंट के पास अच्छा एक्सपीरियंस है। कंपनी कैपेसिटी बढ़ा रही है और ब्रैंड पर भी उसका फोकस बढ़ा है। मजबूत कैश फ्लो और कम वैल्यूएशन की वजह से सीसीएल प्रॉडक्ट्स की री-रेटिंग हो सकती है। ब्लूमबर्ग के कंसेंसस एस्टिमेट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में इसका रिटर्न ऑन इक्विटी 21.4 पर्सेंट रहने की संभावना है, जबकि एक साल में इसके शेयर प्राइस में 28.2 पर्सेंट की तेजी आ सकती है।

डिक्सन टेक्नॉलजीज

यह इलेक्ट्रॉनिक कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडस्ट्री में काम करती है। कंपनी एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन, एलईडी और सीएफएल बल्ब, ट्यूबलाइट्स, मोबाइल फोन और सीसीटीवी बनाती है। दौलत कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, ओरिजिनल डिजाइन मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में मार्केट शेयर बढ़ने, सभी सेगमेंट में बैकवार्ड इंटीग्रेशन और ग्राहकों की संख्या बढ़ने से इसके मार्जिन और रिटर्न रेशियो में सुधार होगा। सितंबर 2018 तिमाही में कंपनी का रिजल्ट अच्छा नहीं रहा, लेकिन मैनेजमेंट ने अगली छमाही के लिए गाइडेंस मेंटेन रखा है। इस वित्त वर्ष में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 20.9 पर्सेंट रह सकता है।

ग्रासिम इंडस्ट्रीज

ग्रासिम फाइबर, केमिकल और सीमेंट बनाती है। इसके पास एनबीएफसी, एसेट मैनेजमेंट और लाइफ इंश्योरेंस जैसे बिजनस भी हैं। जेपी मॉर्गन का मानना है कि ग्रासिम के मुनाफे में आने वाले 2-3 साल में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी को स्टैंडअलोन बिजनस- वीएसएफ और केमिकल से अच्छा फ्री कैश फ्लो मिल रहा है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि वोडाफोन और आइडिया ने 25,000 करोड़ रुपये जुटाने का ऐलान किया है। ग्रासिम वोडाफोन आइडिया में अपना निवेश मेंटेन करना चाहेगी। इसलिए उसे अच्छी-खासी रकम इसमें लगानी पड़ सकती है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी इस वित्त वर्ष में 6.7 पर्सेंट रह सकता है।

KEI इंडस्ट्रीज

यह केबल इंडस्ट्री में ऑपरेट करती है। कंपनी एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज, मीडियम वोल्टेज और लो वोल्टेज पावर केबल बनाती है। यह प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के क्लाइंट्स को इसकी सप्लाई करती है और दुनिया भर में केईआई के ग्राहक हैं। इंडसेक सिक्योरिटीज स्टॉक पर स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक की वजह से बुलिश है। कंपनी की ग्रोथ आगे तेज रहने की उम्मीद है। केईआई ने केबल और वायर सेगमेंट में अपनी प्रॉडक्शन कैपेसिटी भी बढ़ाई है। हाल में इलेक्ट्रिसिटी और रेलवे सेक्टर में ग्रोथ की वजह से कंपनी के सब-स्टेशन सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ की संभावना बनी है। ब्लूमबर्ग के कंसेंसस एस्टिमेट के मुताबिक, इस वित्त वर्ष में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 27.5 पर्सेंट रह सकता है और साल भर में इसके शेयर प्राइस में 36.9 पर्सेंट की बढ़ोतरी हो सकती है।

मारुति सुजुकी

जेपी मॉर्गन का कहना है कि मारुति की आमदनी में इस वित्त वर्ष में बढ़ोतरी होगी। उसका कहना है कि मारुति का मार्जिन भी इस लेवल पर बना रह सकता है। शॉर्ट टर्म में कंपनी को लेकर जो आशंकाएं हैं, उनका असर इसके शेयर प्राइस पर पहले ही पड़ चुका है। ब्रोकरेज हाउस का दावा है कि मारुति इस वित्त वर्ष में अपना मार्केट शेयर बनाए रखेगी। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी वित्त वर्ष 2019 में 20.3 पर्सेंट रह सकता है।

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