गौतम अडानी ने ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तावित कोल माइन का प्रॉडक्शन प्लान घटाया – Navbharat Times

मुंबई

अडानी ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तावित कारमाइकल कोल माइन और रेल प्रोजेक्ट को विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना में कुछ संशोधन करने और उसे खुद से फाइनैंस करने का फैसला लिया है। अडानी ने गैलिली बेसिन इलाके में 16.5 अरब ऑस्ट्रेलियन डॉलर की लागत से कारमाइकल कोल माइन को विकसित करने का लक्ष्य रखा था, जो अपने पीक लेवल पर एक साल में 60 लाख टन थर्मल कोल का उत्पादन करती। हालांकि सालों तक विवादों से जूझने और प्रोजेक्ट्स के लिए फाइनेंस जुटा पाने में असफल रहने के बाद कंपनी ने छोटे कदमों के साथ आगे बढ़ने का फैसला लिया है।

अडानी माइनिंग के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर लुकस डाउ ने बताया, ‘हाल के महीनों में हम प्रोजेक्ट को रिवाइज्ड करने की योजना पर काम कर रहे थे, जिसे अडानी ग्रुप से मंजूरी मिल गई है। इस योजना के मुताबिक हम नैरो-गेज रेल सॉल्यूशंस के साथ माइन के लिए कम प्रॉडक्शन को अपनाएंगे, जो करमाइकल माइन और रेल प्रोजेक्ट से जुड़े शुरुआती खतरों को समाप्त कर देगा।’

कंपनी अब छोटे ओपन कट माइंस को विकसित करने की तैयारी कर रही है, जो प्रतिदिन 2.75 करोड़ टन उत्पादन करेगी। प्रोजेक्ट में होने वाला निवेश अब घटकर 2 अरब ऑस्ट्रेलियन डॉलर हो गया है, जिसे अडानी ग्रुप खुद फाइनेंस करेगी।

डाउ ने बताया, ‘इसका मतलब यह है कि हमने प्रोजेक्ट को अमल में लाने से जुड़े खतरों और शुरुआती निवेश को कम किया है। माइन प्लान के तेज होने से ऑपरेटिंग कॉस्ट कम से कम रह रहा है और यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि प्रोजेक्ट ग्लोबल कॉस्ट कर्व के पहले क्वार्टाइल में बना रहे। शुरुआती रैंप अप चरण में प्रॉड्यूस हुए सभी कोयले का अडानी ग्रुप के कैप्टिव जरूरतों में इस्तेमाल किया जाएगा।’

अडानी का ऑस्ट्रेलिया में माइनिंग प्रोजेक्ट पिछले 8 सालों से विवादों के केंद्र में रहा है। पर्यावरणविदों ने इससे ग्रेट बैरियर रीफ को भारी नुकसान की चेतावनी जताई थी। हालांकि इसे बड़ा झटका तब लगा, जब 2015 में सिडनी की एक फेडरल कोर्ट ने प्रोजेक्ट को मिली पर्यावरणीय मंजूरी को वापस लेने का फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से सिर्फ आस्ट्रेलिया में ही पाई जाने वाली छिपकली, यक्का स्किंक और इस इलाके में पाए जाने वाले ऑर्नामेंटल सांपो की प्रजाति के लिए खतरा है।

बाद में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कोर्ट के इस फैसले को पलटते हुए प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी, लेकिन उसने इसके साथ ही समुदाय और पर्यावरण के मानकों से जुड़े कई और प्रतिबंध इस पर थोप दिए। पिछले साल दिसंबर में कंपनी ने लोन मिलने में विफल रहने के बाद माइनिंग सर्विसेज कंपनी डाउनर ईडीआई के साथ कोल माइन को विकसित और चलाने के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया था।

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