22 हजार परिवारों को मिलेगा मुख्यमंत्री वास योजना का फायदा

बिहार सरकार मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत 2018-19 में 22 हजार परिवारों को आवास के लिए जमीन खरीदने के लिए सहायता देगी। इस योजना के तहत प्रति परिवार 60-60 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। सरकार ने यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के परिवारों के लिए शुरू की है, जिनके पास आवास के लिए जमीन नहीं है। जमीन नहीं होने के कारण इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ नहीं मिल पाता है। इस योजना का लाभ आवास योजना की प्रतीक्षा सूची में शामिल परिवारों को मिलेगा। इसके लिए लाभुक को संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देना होगा। राशि की स्वीकृति प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा दी जाएगी, जिसे खाता के माध्यम से लाभार्थी को उपलब्ध कराया जाएगा। जमीन की खरीद लाभार्थी द्वारा की जानी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना का शुभारंभ किया और उनके द्वारा राज्य के 206 लाभार्थियों को इस योजना के तहत वास भूमि क्रय के लिए 60 हजार रुपए की सहायता राशि का वितरण किया गया। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 22 हजार परिवारों को इस योजना लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना : 20 हजार परिवारों को 1.20 लाख की सहायता

राज्य सरकार ने जीर्णशीर्ण हो चुके इंदिरा आवासों का पुनर्निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ 1 जनवरी 1996 से पूर्व स्वीकृत वैसे आवास के लाभार्थियों को मिलेगा, जिनका मकान जीर्णशीर्ण हो चुका है। इस योजना के तहत आवास निर्माण के लिए राज्य सरकार 1.20 लाख रुपए की सहायता देगी। इसका लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के परिवारों को मिलेगा। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में 20 हजार लाभार्थियों को राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को प्रखंड कार्यालय में आवेदन देना होगा। आवास की स्वीकृति प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा दी जाएगी। राशि का भुगतान तीन बराबर किस्तों में किया जाएगा।

पहले के आवास जर्जर : पुनर्निर्माण की जरूरत को देखते हुए योजना

एक जनवरी 1996 से पहले स्वीकृत आवासों के पुनर्निर्माण की आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ 1980 में शुरू की गई, राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम (एनआरईपी), 1983 से आरंभ की गई ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम (आरएलईजीपी) के तहत अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों और 1985-86 में जवाहर रोजगार योजना के अंतर्गत निर्मित आवास योजना के लाभार्थियों को मिलेगा।

क्लस्टर आवासों का निर्माण : इन योजनाओं के तहत क्लस्टर में आवासों का निर्माण कराया गया था, जो फिलहाल जीर्णशीर्ण हालत में हैं। लेकिन इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है।

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