निवेश से जुड़ी ये 8 चालाकियां आप पर पड़ सकती हैं भारी


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(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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निवेश के मामले में अक्सर हम अपनी विशेषज्ञता को पर्याप्त मानने की भूल कर बैठते हैं। खुद को चालाक समझते हुए किए गए अपने फैसलों से कभी-कभी भारी नुकसान भी उठाना पड़ता है। हम निवेशकों की ऐसी ही आठ चालाकियों का जिक्र कर रहे हैं, जिनसे वास्तव में उन्हें नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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होम लोन पर कम राशि की ईएमआई

होम लोन पर कम राशि की ईएमआई
होम लोन लेते वक्त आप बेहतर कैश फ्लो के लिए कम राशि की ईएमआई का चयन करते हैं, जो लंबी अवधि की होती है।

हकीकतः आपकी लोन की राशि काफी बड़ी हो जाएगी, क्योंकि लोन जितने अधिक समय के लिए होगा, उसपर उतना ही ऊंचा ब्याज देना होगा। इस तरह, आपको मकान के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ती है।

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सस्ते शेयर खरीदना

सस्ते शेयर खरीदना
आप कोई खास शेयर इसलिए खरीदते हैं, क्योंकि उनकी कीमत कम होती है और उनमें वृद्धि की गुंजाइश होती है।

हकीकतः ये शेयर बेहद अस्थिर होते हैं और इनमें आपको भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है, खासकर तब जब इन शेयरों को लेकर आपके पास कोई विशेषज्ञता नहीं होती।

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जोखिम लेने से भागना

जोखिम लेने से भागना
आप अपने निवेश को बाजार के जोखिमों से बचाना चाहते हैं, इसलिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने के बजाय फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे साधनों में निवेश करते हैं।

हकीकतः सुरक्षा का पर्याय कम रिटर्न होता है। इससे आप अपने निवेश के प्रदर्शन को कमतर करते हैं। इसका मतलब है कि टैक्स आपके कुल रिटर्न को कम कर रहा है, क्योंकि ब्याज आपके आय में जुड़ता है और करदेयता आपके टैक्स स्लैब के अधीन होता है। आप डेट फंड में निवेश कर इससे बच सकते हैं, जहां इन्डेक्सेशन के बाद कैपिटल गेन पर कर 20 फीसदी की दर से लगता है, अगर निवेश को तीन साल से अधिक समय तक बरकरार रखा जाता है।

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कम ब्याज दर वाले क्रेडिट कार्ड का चयन

कम ब्याज दर वाले क्रेडिट कार्ड का चयन
क्रेडिट कार्ड के बड़े बकाये के रिपे के लिए आप कम या शून्य ब्याज दर वाले क्रेडिट कार्ड का चयन करते हैं।

हकीकतः कम ब्याज दर वाले कार्ड की तरफ शिफ्ट करना अच्छा कदम है, लेकिन अगर आप इंट्रेस्ट हॉलिडे पीरियड में भुगतान करने में नाकाम होते हैं, तो इसका फायदा नहीं मिल सकता है। कम ब्याज दर दो महीने से एक साल की अवधि के लिए ही होती है, जिसके बाद रेग्युलर इंट्रेस्ट रेट अप्लाई होता है। इसके अलावा, प्रॉसेसिंग फी भी चार्ज किया जाता है, जो बकाया राशि की कुछ फीसदी होती है।

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अस्थिरता से भागना

अस्थिरता से भागना
जब बाजार में अस्थिरता आती है, तो आप म्यूचुअल फंड एसआईपी से अपने पैसे निकाल लेते हैं, क्योंकि आप अपने पैसे गंवाना नहीं चाहते।

हकीकतः अगर गिरावट के वक्त आप बाजार से बाहर निकल जाते हैं, तो कम कीमत में लिवाली का मौका गंवा देते हैं, जिससे आपका रिटर्न कम हो जाता है।

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इमर्जेंसी के लिए अधिक से अधिक बचत

 इमर्जेंसी के लिए अधिक से अधिक बचत
आप किसी बड़ी आपात स्थिति से निपटने के लिए घर में या अपने बचत खाते में एक बड़ी रकम रखते हैं।

हकीकतः आकस्मिकता निधि 3-6 महीने के खर्च के बराबर होना चाहिए और उसे लिक्विड या शॉर्ट टर्म फंड में निवेश करना चाहिए।

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लोएस्ट प्रीमियम का चयन

 लोएस्ट प्रीमियम का चयन
आप सबसे कम प्रीमियम वाले हेल्थ इंश्योरेंस का चयन करते हैं, क्योंकि आपको लगता है कि आप समान सुविधा के लिए तुलनात्मक रूप से कम भुगतान कर रहे हैं।

हकीकतः प्लान इसलिए सस्ता हो सकता है, क्योंकि उसमें एक हायर डिडक्टिबल या को-पे अमाउंट शामिल हो सकता है, जो सम एश्योर्ड का परसेंटेज है, जिसका भुगतान आप अपनी जेब से करते हैं। प्रीमियम के साथ ही आपको सब-लिमिट्स और क्लेम सेटलमेंट रेशियो जैसे फीचर पर भी विचार करना चाहिए। इसके बदले, आप एक बेसिक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लें और उसके बाद टॉप अप प्लान का चयन करें।

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