इन्वेस्टमेंट के दौरान जरूरी है इन 6 गलतियों से बचना

नई दिल्ली

इन्वेस्टमेंट के दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियां आपको भविष्य में बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं। इन्वेस्टमेंट करते समय की गईं ये गलतियां आपकी संपत्ति में होने वाली वृद्धि को रोक भी सकती हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो सिर्फ किसी खास सीजन ही नहीं बल्कि हर समय इनवेस्टमेंट में आपकी मदद करेंगी। इन बातों का पालन करके आप अपनी संपत्ति को बढ़ा सकते हैं।

इन्वेस्टमेंट में देरी करना

इन्वेस्मेंट में देरी करना सबसे बुनियादी गलती होती है। वैल्यू रिसर्च के CEO धीरेंद्र कुमार का कहना है, ‘अपने इन्वेस्टमेंट में कभी देरी न करें। जिस दिन आप काम करना शुरू करते हैं उसी दिन से अपनी प्रॉपर्टी का मैनेजमेंट शुरू कर दें और अपनी धनराशि बढ़ने की इच्छा रखें।’ कुमार आगे कहते हैं, ‘थोड़ी सी राशि के साथ भी इन्वेस्टमेंट शुरू करना ठीक रहता है। हर किसी को सेविंग का अधिकार होना चाहिए।’ समय आपके या किसी के लिए भी इंतजार नहीं करेगा। हर बार जब आप एक सॉलिड इन्वेस्टमेंट का मौका देखते हैं और सोचते हैं, “मैं निश्चित रूप से बाद में इसमें निवेश करूंगा”, ऐसे विचारों की ट्रेन को वहीं रोकें और अपने प्लान पर अभी से ऐक्शन शुरू कर दें।

अपने पास कैश कम रखना या न रखना
जल्दी इन्वेस्टमेंट शुरू करने के अलावा आपके पास एक इमरजेंसी कोष होना चाहिए जिससे विपरीत परिस्थितियों में आपको ज्यादा परेशानी न उठानी पड़ी। आपको उसी दिन से बचत करना शुरू कर देना चाहिए जिस दिन आप काम करना शुरू कर देते हैं। जब आपके पास स्टेबल इनकम होती है, तो आपके लिए इमरजेंसी के लिए कोष तैयार करना आसान होता है। आपको बस इतना करना है कि पहले बचाएं और खर्च बाद में करें। एक फिक्स्ड अमाउंट को अलग करने से आपको अचानक खर्च की स्थिति में मदद मिलेगी। लैडर फाइनैंशल अडवायजरी के फाउंडर सुरेश सदागोपन कहते हैं, ‘आपको कई चीजों के लिए पैसे चाहिए होते हैं, इसलिए तरलता मार्जिन (इमरजेंसी कोष) बनाकर रखना शुरू करें। यह एक बफर के रूप में काम करेगा और आपके विवेकपूर्ण खर्चे में मदद करेगा।

फिक्स इनकम के साथ आगे न बढ़ना
फिक्स इनकम वाले टूल्स को सेफ इन्वेस्टमेंट माना जाता है क्योंकि इनमें से रिटर्न इक्विटी के मुकाबले कम अस्थिर है। हालांकि, कुछ ऐसे रिस्क हैं जिनका सामना इन फिक्स इनकम वाले टूल्स को भी करना पड़ता है, उनमें से एक मुद्रास्फीति है, जो आपके इन्वेस्टमेंट के ऑरिजिनल वैल्यू को कम कर देगा। यह उन कारणों में से एक है जिसकी फाइनैंशल प्लानर वकालत करते हैं। फाइनैंस के लेवर पर मजबूती के साथ और स्थिर खड़े होने के लिए आपको सभी प्रकार के इन्वेस्टमेंट टूल की आवश्यकता होती है।

इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस को एक समान मानना
इंश्योर्ड होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपने इन्वेस्ट भी किया है। ये दोनों पूरी तरह अलग-अलग प्रॉडक्ट हैं। इनको ट्रांसफर करने या मिक्स करने की गलती न करें। वैल्यू रिसर्च के CEO धीरेंद्र कुमार कहते हैं, ‘इंश्योरेंस आपके या आपके परिवार के लिए है, यह एक अलग लक्ष्य है, इसे उसी तरह रखें। इसके अलावा इन्वेस्टमेंट और इंश्योरेंस के उद्देश्य भी अलग-अलग हैं। जहां इन्वेस्टमेंट गोल ओरिएंटेड ऐक्टिविटी है वहीं, इंश्योरेंस मेडिकल से जुड़ी अनिश्चिताओं से सुरक्षा के लिए काम आता है।

सृजन फाइनैंस की फाउंडर दिपाली सेन कहती हैं, जब निवेश की बात आती है, तो स्पष्ट रूप से अपने फाइनैंशल गोल और कोष निर्माण के कारणों की आउटलाइन तैयार करें। एक बेसिक मिस्टेक सेकई इन्वेस्टर्स को नुकसान उठाना पड़ा, ये मान लेना सही नहीं है। एक फिक्स अमाउंट जमा करके इन्वेस्टमेंट बॉक्स को बंद करना पर्याप्त नहीं हो सकता है। आपको यह जानने की जरूरत है कि कितने इन्वेस्टमेंट पर आपको कितना रिटर्न मिलेगा और कितने समय पर मिलेगा।

लुभावने वादों में फंसना
वैल्यू रिसर्च के CEO धीरेंद्र कुमार कहते हैं कि ऐसी स्कीम के पीछे नहीं भागना चाहिए जो बहुत ज्यादा लुभावनी हो, क्योंकि यह सच नहीं होता है। कहने का मतलब है कि सर्वश्रेष्ठ सी दिखने वाले ऑफर्स से बचना चाहिए। दिल्ली बेस्ड फाइनैंशल प्लानर सूर्या भाटिया कहते हैं, इन्वेस्टर्स के पास सामान्य तौर पर झुंड वाली मानसिकता होती है। उत्साही लोगों के बीच में वे काफी उत्साहित रहेंगे और जहां लोग शांत हैं वहां खुद भी शांत रहेंगे। भाटिया आगे कहते हैं, आजकल हर कोई तत्काल संतुष्टि की तलाश में रहता है। आपको अपने इन्वेस्टमेंट को समय-समय पर बढ़ने के लिए थोड़ा धैर्य रखने की आवश्यकता है।

फ्यूचर इनकम की फिजूलखर्ची करना
आजकल क्रेडिट की आसान उपलब्धता हमारे लिए बाद में किसी तारीख को मिलने वाली इनकम को अभी खर्च करना आसान बनाती है। ऐसी चीजों पर असीमित रूप से खर्चा न करें जिन्हें अभी खरीदा जा सकता है और बाद में भुगतान किया जा सकता है। पहले खुद से पूछें कि क्या आपको वास्तव में इसकी जरूरत है और क्या आप इसकी खरीद को अभी रोक सकते हैं या फिर इमर्जेंसी है। धीरेन्द्र कुमार कहते हैं कि ‘मकान खरीदने जैसी घटनाएं अपवाद हैं क्योंकि घर में किया गया इन्वेस्टमेंट किराए के साथ अन्य खर्चों को बचाएगा, यह आपकी सबसे बुनियादी जरूरतों में से एक है। यह एक प्राथमिक आवश्यकता है जिसके लिए आप फ्यूचर इनकम को खर्च कर सकते हैं, लेकिन अन्य मामलों में आपको बारीकी से सोचना चाहिए।’

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