म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के… पढ़िये सफलता की नई इबारत गढ़ने वाली इन युवतियों की दास्तां

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 10 Oct 2018 06:49 AM IST

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सरायतरीन की पूर्वी वार्ष्णेय ने हस्तशिल्प निर्यात के क्षेत्र में नई राह बनाई तो भारतल सिरसी की शाहिस्ता ने कुश्ती में मकाम हासिल किया। गांव वालों के विरोध की वजह से बुर्का पहन कर ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकलती थी और फिर कल्याणपुर के अखाड़े में कुश्ती के दांव सीखती थी। अब वह कुश्ती की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी है। खुशी चौधरी ने विषम परिस्थिति में इल्म हासिल कर प्रधानाचार्य का पद पाया। वह आईपीएस अधिकारी बनने के लिए तैयारी कर रही है। इसके लिए वह ऑनलाइन क्लास भी ले रही है।

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