32 करोड़ जनधन खाताधारकों को मिलेगा प्रधानमंत्री मोदी से तोहफा

Publish Date:Sun, 12 Aug 2018 11:03 PM (IST)

नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हफ्ते स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में 32 करोड़ जन-धन खाताधारकों के लिए लाभकारी योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। केंद्र सरकार अपनी इस महत्वाकांक्षी वित्तीय योजना में समावेशन की मुहिम चलाना चाहती है।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि सरकार की आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को वित्तीय लाभ देने के मकसद के चलते प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के खाताधारकों को ओवर ड्राफ्ट दोगुना करने की सुविधा दी जा सकती है जो बढ़कर दस हजार रुपये हो जाएगी। इसके अलावा सरकार माइक्रो इंश्योरेंस योजना के संबंध में आकर्षक घोषणा कर सकती है। रुपये कार्डधारक का एक लाख का मुफ्त दुर्घटना बीमा भी बढ़ाया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना का दूसरा चरण इस 15 अगस्त को खत्म हो रहा है। इस योजना को दूरगामी लक्ष्यों के लिए नया कलेवर दिया जा सकता है। ऐसी घोषणाओं के लिए स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का भाषण बेहतरीन अवसर होगा।

जन-धन योजना की शुरुआत मोदी सरकार ने अगस्त, 2014 में की थी। इसके पहले चरण का अंत अगस्त, 2015 में हो गया था। इस दौरान सरकार का मुख्य मकसद लोगों के सामान्य बैंक खाते खुलवाना और उन्हें रुपये कार्ड से लैस करना था। पिछले चार सालों में प्रधानमंत्री जन-धन योजना के खाते में 80,674.82 करोड़ रुपये का आउटस्टैंडिंग बैलेंस है।

इसके अलावा, सरकार वर्ष 2015-16 में घोषित अटल पेंशन योजना की सीमा पांच हजार से बढ़ाकर उसे दस हजार रुपये प्रति माह तक कर सकती है। असंगठित क्षेत्र में कर्मचारियों का दीर्घावधि के खतरे के उपाय के तौर पर उन्हें स्वत: ही सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने को प्रेरित किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 2010-11 में स्वावलंबन योजना शुरू की थी।

हालांकि इस योजना में कवरेज पर्याप्त नहीं है क्योंकि पेंशन लाभ पर कोई स्पष्टता नहीं है। एपीवाई को असंगठित क्षेत्र के सभी नागरिकों के लिए केंद्रित किया गया है। वह पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलेपमेंट अथारिटी से संचालित नेशनल पेंशन फंड (एनपीएस) में शामिल हो सकते हैं। एपीवाइ के तहत उपभोक्ताओं को 60 साल की उम्र में प्रति माह एक हजार से पांच हजार रुपये तक की पेंशन मिला करेगी। यह राशि उनके योगदान पर निर्भर करेगी।

By Arun Kumar Singh

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