बिजनेस प्लान है… तो सिंगल विंडो सिस्टम करेगा मदद

आपके पास बेहतरीन बिजनेस प्लान है…, तो उसे धरातल पर उतारने में राज्य सरकार का उद्योग विभाग आपकी मदद करेगा। इसके लिए विभाग एक सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने पर काम कर रहा है। इस सिस्टम के जरिए न सिर्फ आपको विभिन्न विभागों से आसानी से एनओसी मिल सकेगा, बल्कि संसाधन जुटाने के लिए कर्ज भी उपलब्ध हो सकेगा। पोर्टल के संचालन का जिम्मा उद्योग विभाग की एजेंसी झारखंड इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जिडको) को सौंपी जाएगी।

सिंगल विंडो सिस्टम के लिए उद्योग विभाग विशेष पोर्टल तैयार करा रहा है। बिजनेस शुरू करने के लिए इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बिजनेस की प्रकृति के हिसाब से जिस-जिस विभाग से क्लियरेंस की जरूरत होगी, पोर्टल के जरिए आवेदन उन विभागों तक पहुंचेगा। जांच के बाद ऑनलाइन ही क्लियरेंस मिल जाएगा। आपको उन विभागों के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यही नहीं, अगर बिजनेस के लिए कर्ज की जरूरत है और आपने उसके लिए भी आवेदन किया है, तो तमाम क्लियरेंस के बाद विभिन्न बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थानाें से कर्ज लेने के लिए विकल्प भी आपकाे उपलब्ध कराए जाएंगे।

उद्याेग विभाग तैयार कर रहा विशेष पोर्टल, इस पर ऑनलाइन आवेदन के बाद क्लियरेंस के लिए विभागों के चक्कर लगाने से मिलेगी निजात

पाेर्टल से जुड़े होंगे तमाम संबंधित विभाग, समय सीमा में देना होगा अनापत्ति प्रमाण पत्र

पोर्टल से जुड़े होंगे राज्य के सभी विभाग

राज्य में सभी विभागों का कामकाज ऑनलाइन है। विभागों को विशेष पोर्टल से जोड़ा जाएगा। बिजनेस प्लान के साथ आवेदन पोर्टल पर अपलोड होते ही वह जरूरी सभी विभागों तक भी पहुंच जाएगा। बिजनेस के लिए बिजली, पानी, पॉल्यूशन क्लियरेंस में जांच-पड़ताल के बाद आवेदक को ऑनलाइन क्लियरेंस दे दिया जाएगा।

आम आदमी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है मकसद

केंद्र सरकार योजनाओं के निर्माण के साथ उसका सही तरीके से क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करना चाहती है। मकसद है आम आदमी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना। इसके लिए ऑनलाइन सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। – आदित्य चौधरी, मैनेजर, जिडको (धनबाद)

तय समयसीमा में होगा आवेदन पर निर्णय

सिंगल विंडो सिस्टम में एक निश्चित समय में आवेदन पर निर्णय करना होगा। उसके बाद वह खुद ही अगले विभाग के लिए मूव कर जाएगा। वरीय अधिकारी, सभी के लिए पोर्टल पर समय तय किया जाएगा। एक निश्चित अवधि में आवेदन पर क्लियरेंस का निर्णय नहीं करने पर संबंधित कर्मी, अफसर पर कार्रवाई होगी।

पोर्टल से मिलेगी बिजनेस की जरूरतों की जानकारी

पोर्टल खोलते ही आवेदक के मोबाइल फोन पर ओटीपी आएगा। उसके जरिए उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा। व्यापार के लिए किन चीजों की जरूरत है, उसकी जानकारी पोर्टल से मिल जाएगी। संबंधित बिजनेस के लिए अगर ऑफलाइन आवेदन करने की भी जरूरत होगी, तो उसकी जानकारी भी मिल जाएगी।

राज्य स्तर पर मुख्य सचिव, जिले में डीसी करेंगे मॉनिटरिंग

डाइनेमिक ट्रैकर सिस्टम के जरिए पोर्टल पर राज्य के मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और जिलास्तर पर डीसी बिजनेस के आवेदनों की मॉनिटरिंग करेंगे। यह सिस्टम सीएमओ से भी जुड़ा होगा। जिडको का कहना है कि पोर्टल का काम 75 फीसदी हो चुका है। बाकी 25 प्रतिशत काम भी जल्द पूरा हो जाएगा। व्यापार सुधार कार्य योजना मेट्रिक्स में डीआईपीपी (डिपार्टमेंट इंडस्ट्रीज पॉलिसी एंड पेनोमेनन) ने 230 बिंदुओं की अनुशंसा की है, जिसकी जानकारी विभागों को दी जा रही है।

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