आंकड़ों के जरिये जानिये पीएम मोदी के एक करोड़ रोजगार देने के दावे का सच


विपक्ष की आलोचनाओं को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि पिछले एक साल में देश में एक करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा हुई थी. इस दौरान प्रधान मंत्री ने एक स्वतंत्र संस्थान के आंकड़ों का उल्लेख किया. अपने तर्क को वज़न देने के लिए उन्होंने ईपीएफ, एनपीएस के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के आंकड़ों उल्लेख किया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बेरोजगारी के मुद्दे पर कई झूठ फैलाये जा रहे हैं. इस बीच, प्रधान मंत्री ने हर महीने नौकरी डेटा प्रकाशित करने के सरकार के फैसले की घोषणा की. सरकार हर महीने प्रणाली में उपस्थित रोजगार के बारे में सभी आंकड़े पेश करेगी.

औपचारिक क्षेत्र में रोजगार का आकलन करने का एक तरीका है- कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के माध्यम से. उन्होंने कहा कि सितंबर 2017 और मई 2018 के बीच नौ महीनों में 45 लाख नए ग्राहक ईपीएफओ में शामिल हो गए थे, जिनमें से 77 प्रतिशत 28 वर्ष से कम आयु के थे.

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इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय पेंशन योजना ने 5.68 लाख नए लोगों को जोड़ा. उन्होंने कहा, “ईपीएफ और एनपीएस को एक साथ लाने पर नौ महीने में 50 लाख से अधिक नौकरियां पैदा की गईं.” उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा पूरे वर्ष 70 लाख तक पहुंच जाएगा. प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआईसी) के आंकड़ों को ध्यान में नहीं रखा गया क्योंकि ग्राहकों के आधार को जोड़ने का अभी भी चल रहा है.

इसके अलावा देश में कई पेशेवर निकाय हैं जहां से युवा पेशेवर खुद को पंजीकृत करते हैं और आत्म-निर्भर बन जाते हैं. उदाहरण के लिए, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट. एक स्वतंत्र संस्थान के सर्वेक्षण के अनुसार, 17,000 नए चार्टर्ड एकाउंटेंट सिस्टम में शामिल हो गए हैं. उनमें से 5,000 ने नई कंपनियों की शुरुआत की है.

अब अगर हम अनौपचारिक क्षेत्र के बारे में बात करते हैं, तो कई लोगों को परिवहन क्षेत्र में रोजगार मिला. पिछले साल 7,60,000 वाणिज्यिक वाहन बेचे गए. यदि एक वाणिज्यिक वाहन में दो लोग काम कर रहे हैं, तो इस क्षेत्र में लगभग 11.40 लाख नौकरियां पैदा की गई. अगर हम यात्री वाहन की बात करें तो यह बिक्री आंकड़ा 25,40,000 था. उसमें से यदि 25 प्रतिशत पुराने वाहनों का हिस्सा था, तो सड़कों पर 20 लाख नए वाहन थे. यहां तक कि यदि इन नए वाहनों में से 25 प्रतिशत ड्राइवर और कंडक्टर थे तो 5 लाख नई नौकरियां पैदा हुई.

इसके अलावा पिछले साल 2,55,000 ऑटो बेचे गए. उनमें से भले ही 10 प्रतिशत पुराने ऑटो थे फिर भी पिछले साल लगभग 2,30,000 ऑटो सेवा में थे. इस तरह, 3,40,000 लोगों को नए ऑटो के माध्यम से रोजगार मिला.

प्रधान मंत्री ने कहा, * अकेले परिवहन क्षेत्र में वाहनों की इन तीन श्रेणियों ने 20 लाख लोगों को नौकरी के अवसर साबित कर दिए हैं. अगर हम इन सभी आंकड़ों को ईपीएफ, एनपीएस, व्यवसाय और परिवहन क्षेत्र से जोड़ते हैं, तो पिछले एक साल में लगभग 1 करोड़ नई नौकरियां पैदा हुई.

First published: 21 July 2018, 16:44 IST

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