इस शिक्षिका का राज्य शिक्षा अवार्ड रद्द, सेवाविस्तार भी वापस लिया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:24 AM IST

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प्रदेश शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रही जिला कांगड़ा की एक शिक्षिका का राज्य शिक्षा अवार्ड विभाग ने रद्द किया है। अवार्ड के आधार पर उन्हें मिलने वाले सेवा विस्तार का फैसला भी वापस ले लिया है। जिला कांगड़ा के देहरा उपमंडल की अध्यापिका को मिले राज्य शिक्षक अवार्ड के खिलाफ अधिवक्ता अजय ठाकुर ने शिकायत की थी।

शिकायत के आधार पर संयुक्त निदेशक (प्रशासनिक) प्रारंभिक शिक्षा निदेशक हितेश आजाद ने इसकी जांच की थी। अध्यापिका के राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए आवेदन के समय लगाए गए प्रमाणपत्र और दस्तावेजों में खामियां पाई गई हैं। 

विभाग ने अध्यापिका को मिला राज्य शिक्षा अवार्ड और सेवा विस्तार वापस ले लिया है। अध्यापिका को पांच सितंबर-2016 को राज्य शिक्षक अवार्ड मिला था। इस आधार पर अध्यापिका ने सेवा विस्तार के लिए आवेदन किया था। इस पर शिक्षा विभाग ने सेवा विस्तार देने का फैसला भी ले लिया था। 

शिकायतकर्ता अजय ठाकुर का कहना है कि अध्यापिका ने राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए स्कूल को 70 हजार रुपये डोनेशन देने का हवाला दिया था। आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी गई थी कि डोनेशन स्कूल के किस हेड में डाला गया और क्या काम इससे किया गया, लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी गई।

राज्य सूचना आयुक्त की अदालत में मामला चल रहा है। इसके अलावा एक ही समय में अध्यापिका की एससीईआरटी परीक्षा में ड्यूटी और ज्वालाजी में आयोजित स्काउट एंड गाइड शिविर में हाजिरी लगी है। एजूकेशनल टूर का प्रमाण पत्र लगाया गया है, जबकि स्कूल से एजूकेशनल टूर नहीं गया था। 

अध्यापिका ने कहा कि मामले के संबंध में कोई भी जांच नहीं हुई है। विभाग के इन आदेशों को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। अध्यापिका का राज्य शिक्षक अवार्ड रद्द हो गया है। इसके आदेश विभाग से मिले हैं। – केके शर्मा, उच्च शिक्षा उप निदेशक कांगड़ा 

प्रदेश शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रही जिला कांगड़ा की एक शिक्षिका का राज्य शिक्षा अवार्ड विभाग ने रद्द किया है। अवार्ड के आधार पर उन्हें मिलने वाले सेवा विस्तार का फैसला भी वापस ले लिया है। जिला कांगड़ा के देहरा उपमंडल की अध्यापिका को मिले राज्य शिक्षक अवार्ड के खिलाफ अधिवक्ता अजय ठाकुर ने शिकायत की थी।

शिकायत के आधार पर संयुक्त निदेशक (प्रशासनिक) प्रारंभिक शिक्षा निदेशक हितेश आजाद ने इसकी जांच की थी। अध्यापिका के राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए आवेदन के समय लगाए गए प्रमाणपत्र और दस्तावेजों में खामियां पाई गई हैं। 

विभाग ने अध्यापिका को मिला राज्य शिक्षा अवार्ड और सेवा विस्तार वापस ले लिया है। अध्यापिका को पांच सितंबर-2016 को राज्य शिक्षक अवार्ड मिला था। इस आधार पर अध्यापिका ने सेवा विस्तार के लिए आवेदन किया था। इस पर शिक्षा विभाग ने सेवा विस्तार देने का फैसला भी ले लिया था। 


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