वित्तीय कटौती: सोमकमला बांध का पानी नहीं पहुंचेगा बिछीवाड़ा

जिले का सबसे बड़ा बांध सोमकमला आंबा से पेयजल पहुंचाने के लिए मौजूदा सरकार ने 369 करोड़ स्वीकृत किए है। इस वित्तीय मंजूरी से आसपुर, दोवड़ा और डूंगरपुर पंचायत समिति के 400 से अधिक गांवों में पेयजल मुहैया होगा लेकिन बिछीवाड़ा पंचायत समिति के किसी भी गांव को लाभ नहीं मिलेगा। जिससे इन गांवों को पेयजल के लिए हैंडपंप और भूमिगत जल स्त्रोत पर निर्भर रहना होगा। बांध से पानी लाने के लिए वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। जिसमे सबसे पहले सर्वे शुरू हुआ था। जिसमे बांध से आसपुर, डूंगरपुर, शहर से होते हुए पानी बिछीवाड़ा पंचायत समिति तक पहुंचाना तय हुआ था। इसके बाद इसी आधार पर सर्वे कर डीपीआर बनाई गई थी। योजना में करीब 515 करोड़ स्कीम तैयार हुई थी। बाद में कांग्रेस की सरकार आने के बाद पूरी योजना खटाई में पड़ गई। इसके बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई। इसके बाद वर्ष 2014 में मौजूदा राज्य सरकार की ओर से पुन: सर्वे की डीपीआर बनाने के लिए पीडीकोर संस्थान को कार्य दिया। जिसके लिए 80 लाख बजट दिया। इस योजना में प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया। जिसमे करीब 515 गांवों में पेयजल पहुंचाना तय किया। योजना की वित्तीय स्वीकृति के लिए फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची। जहां से योजना के लिए पहले 459 करोड़ स्वीकृत हुए। जिसमे पानी सिर्फ डूंगरपुर शहर तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया। जिसमे बिछीवाड़ा पंचायत समिति तक पानी पहुंचाने की योजना को हटा दिया। जिससे इस क्षेत्र के लोगो को पेयजल की भविष्य में किल्लत हो सकती है।

सोमकमला बांध से आसपुर, दोवड़ा और डूंगरपुर पंचायत समिति के अलावा बिछीवाड़ा तक पहुंचाना था पानी

बिछीवाड़ा की 37 में से 7 ग्राम पंचायतों में ही पीएचईडी की स्कीम

ये समस्या: वित्तीय स्वीकृति में भी घटता जा रहा है आकार

पूर्व में सरकार की ओर से योजना में करीब 459 स्वीकृत हुए थे। जिसमे योजना में पुन: समीक्षा करते हुए शहरी क्षेत्र में पाइपलाइन बदलने में कटौती करते हुए योजना को करीब 370 करोड़ में समिति कर दिया। ऐसे में योजना में शेष राशि का उपयोग बिछीवाड़ा पंचायत समिति के गांवों तक पानी पहुंचाने में किया जा सकता है।

इसलिए जरूरी: रीको औद्योगिक क्षेत्र भी हो रहा है विकसित

बिछीवाड़ा में नेशनल हाईवे आठ गुजर रहा है। हाईवे के दोनों ओर होटल और ढाबों के कारण आर्थिक रुप से विकसित क्षेत्र है। इसके साथ ही रीको औद्योगिक क्षेत्र के जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। जिसमे बड़े उद्योग आने की संभावना है। ऐसे में इस क्षेत्र के लिए पानी की सख्त आवश्यकता है।

बिछीवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में हैंडपंप, तालाब और भूमिगत कुओं से पानी पहुंचाने की व्यवस्था है। यहां पर कुल 37 ग्राम पंचायत है। जिसमे से सिर्फ 7 ग्राम पंचायत में ही पीएचईडी की स्कीम संचालित हो रहा है। बिछीवाड़ा पंचायत समिति में 106 राजस्व गांव है। जिसमे 90 प्रतिशत गांवों में हैंडपंप पर ही पेयजल की निर्भरता है।

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