मुद्रास्फीति बढ़ने से ब्याज दर वृद्धि की आशंका में रुपया टूटा

मुंबई: 

रुपये में विगत तीन सत्रों से जारी तेजी थम गई और अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले यह करीब दो सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे आ गया. डॉलर की ताजा मांग निकलने से रुपये की विनिमय दर सोमवार को चार पैसे गिरकर 68.57 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई. 

घरेलू स्तर पर वृहद आर्थिक स्थिरता में गिरावट तथा ब्याज दर बढ़ने की आशंकाओं के चलते आज कारोबारी धारणा पर असर पड़ा. थोक बिक्री मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति जून में चार वर्ष से भी अधिक के उच्च स्तर 5.77 प्रतिशत पर पहुंच गई. इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक की अगली नीतिगत बैठक में ब्याज दर में एक बार फिर वृद्धि की आशंका से विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार की धारणा प्रभावित हुई. 

औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर मई में घटकर सात महीने के निम्न स्तर 3.2 प्रतिशत पर आ गई इससे भी रुपये को लेकर धारणा प्रभावित हुई. अंतर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 68.55 रुपये प्रति डॉलर पर कमजोर खुला और थोड़े समय तक इसमें सकारात्मक रुझान दिखाई दिया. मध्य सत्र के कारोबार के बाद इसमें गिरावट का रुझान दिखने लगा और यह 68.72 रुपये के निम्न स्तर तक गिर गया. 

देर दोपहर के कारोबार में रुपये में तेजी लौटी और हानि कुछ कम होने लगी लेकिन कारोबार के अंत में यह चार पैसे की मामूली गिरावट प्रदर्शित करता 68.57 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. शुक्रवार को रुपया दो सप्ताह के उच्च स्तर 68.53 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. अन्तरमुद्रा कारोबार में पौंड, यूरो और जापानी येन के मुकाबले रुपये में गिरावट रही.

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