5.74 अरब से बदलेगी जिले की तस्वीर

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जिला योजना के प्रस्तावों पर प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने लगाई मंजूरी की मुहर

सीतापुर। जिला योजना समिति की बैठक पुराने फ्रेम में नई तस्वीर लगाने तक ही सिमटकर रह गई। विकास का सारा तानाबाना पिछले वित्तीय वर्ष की कवायद के इर्दगिर्द सिमटा रहा। कोई खास प्रोजेक्ट भी इस बार जिला योजना के प्रस्तावों में नजर नहीं आया।

चंद लम्हे चर्चा के बाद जिले की प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने जिला योजना समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए 5.74 अरब रुपये की योजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी। उन्होंने अफसरों से दायित्वों के सही निर्वहन की बात कही। विकास कार्यों में पूर्ण गुणवत्ता व पारदर्शिता रखने के निर्देश भी दिए।

जिला योजना के प्रस्तावों को मंजूरी देने के बाद प्रभारी मंत्री ने कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान जनहित के कार्यों में मनमानी का आरोप लगाते हुए माननीयों ने प्रशासन को घेरा। बाढ़ पीड़ितों को बसाने के लिए खरीदी गई जमीन में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया रहा।

किसानों के बयान पर प्रभारी मंत्री ने बिसवां तहसीलदार को हटाते हुए केस दर्ज कराए जाने व पूरे मामले की जांच डीएम को करने के निर्देश दिए। दस दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट भी तलब की है। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला योजना समिति की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में जन प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि अपात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ न मिलकर पात्रों को ही मिले इसके लिए पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ कार्य कराए जाएं। इस दौरान 5 अरब 74 करोड़ आठ लाख रुपये के कार्यों का प्रस्ताव पेश किया गया। इस पर चर्चा के बाद प्रभारी मंत्री ने स्वीकृति प्रदान कर दी।

वित्तीय वर्ष 2017-18 में 5.45 अरब को मंजूरी मिली थी। इससे साफ होता है कि जिला योजना समिति का ताना-बाना पिछले वित्तीय वर्ष के इर्दगिर्द ही बुना गया। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने जिले के विकास व निर्माण कार्यों की समीक्षा की।

सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने बाढ़ से बेघर हुए लोगों के लिए बिसवां तहसील में खरीदी गई जमीन में भ्रष्टाचार का मसला उठाया गया। जमीन बेचने वाले किसान लालजी व रामअधार ने प्रभारी मंत्री को बताया कि खरीदे जाते समय डेढ़ लाख रुपये बीघा की अदायगी तय हुई थी, जबकि उन्हें अब 60 हजार रुपये बीघा ही मिल रहे हैं।

इसमें तहसीलदार बिसवां पर भ्रष्टाचार का आरोप विधायक ने लगाया। इस पर नाराज प्रभारी मंत्री ने तहसीलदार बिसवां नीरज पटेल को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कराने के निर्देश डीएम शीतल वर्मा को दिए। इसके साथ प्रभारी मंत्री ने दस दिनों में पूरे मामले की जांच कर डीएम से रिपोर्ट भी तलब की है।

माननीयों द्वारा प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया गया। मसलन, विद्युतीकरण में ग्राम पंचायत का एक गांव चयनित किया गया जबकि पास ही उसका मजरा छोड़ दिया गया। पेयजल और गन्ना भुगतान पर भी माननीयों के निशाने पर अफसर रहे।

इस पर प्रभारी मंत्री डीएम से बोलीं जिले की स्थिति बेहद खराब है, इसे संभालिए। इस मौके पर विधायक रामकृष्ण भार्गव, शशांक त्रिवेदी, सुनील वर्मा, सुरेश राही, राकेश राठौर, हरगोविंद भार्गव, नरेन्द्र वर्मा, एमएलसी आनंद भदौरिया, एडीएम विनय पाठक, सीडीओ डीके तिवारी आदि मौजूद थे।

रेउसा के ग्वारी में बनेगा डिग्री कॉलेज
गांजरी इलाके में रहने वाले युवक-युवतियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए इधर-उधर भागदौड़ करने की जरूरत नही पड़ेगी। सेवता विधायक ज्ञान तिवारी के प्रस्ताव पर रेउसा के ग्वारी गांव में डिग्री कॉलेज बनवाए जाने को प्रभारी मंत्री ने हरी झंडी दे दी है। डिग्री कॉलेज के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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