यूपी: राज्य सरकार करेगी प्रशासनिक ढांचे में बदलाव, अब होंगे 6 विभागीय आयुक्त

प्रदेश सरकार जल्द 95 विभागों में से 41 विभाग कम कर प्रशासनिक ढांचे को नया स्वरूप देगी। इन्हें दूसरे बड़े विभागों में मिलाया जाएगा। साथ ही तीन नए आयुक्त- शिक्षा आयुक्त, स्वास्थ्य आयुक्त व राजस्व संसाधान आयुक्त भी बनेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सचिवालय के विभागों के पुनगर्ठन से संबंधित प्रस्ताव पर मोटे तौर सहमति जताते हुए कहा है कि इस पर अभी और विस्तृत अध्ययन कर लिया जाए। यह भी देखा जाए कि विभागों को कम करने या खत्म करने पर प्रशासनिक कार्य पर क्या असर पड़ेगा। 

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माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री द्वारा रिपोर्ट पूरी तरह मंजूर किए जाने के बाद इसी के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा लेकिन, सीएम द्वारा विस्तृत रिपोर्ट मांगे जाने पर नए गठित होने वाले विभागीय ढांचे के अनुरूप मंत्रियों का कार्य बंटवारा बाद में किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई।

सीएम ने अधिकारियों से कहा कि विभागों का कामकाज ऐसा हो ताकि जनता को परेशानी न हो और निर्णय जल्द लेकर प्रभावी तरीके से लागू किये जाए। सीएम के सामने विभागों के पुनगर्ठन का पूरा मसौदा पेश किया गया। सीएम ने कहा कि इस प्रस्ताव के हर पहलू पर व्यापक तैयारी कर ली जाए। सूत्रों के मुताबिक अब इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सीएम के सामने पेश की जाएगी। 

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तीन के बजाए अब होंगे छह आयुक्त 
प्रदेश में समाज कल्याण आयुक्त, कृषि उत्पाद आयुक्त व औद्योगिक विकास आयुक्त पहले से ही हैं। अब तीन और नए आयुक्त बनेंगे। तीन नए आयुक्तों में शिक्षा आयुक्त, स्वास्थ्य आयुक्त और राजस्व संसाधन आयुक्त होंगे।
-शिक्षा आयुक्त के अधिकार में बेसिक, माध्यमिक शिक्षा, खेलकूद तथा युवा कल्याण, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा , प्राविधिक शिक्षा व सेवायोजन। सेवा योजन अभी तक श्रम के साथ जुड़ा था जिसे अब अलग किया जाएगा। 

-स्वास्थ्य आयुक्त  के पास चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, उपभोक्ता संरक्षण तथा बाट एवं माप, आयुष व महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग होंगे। 

-राजस्व संसाधन आयुक्त के पास भूतत्व एवं खनिकर्म, परिवहन विभाग, संस्थागत वित्त, बैंकिंग और वाह्य सहायतित परियोजना, स्टांप एवं पंजीकरण। कर निबंधन, मनोरंजन कर एवं बाजीकर व वाणिज्य कर व आबकारी होंगे। 

वर्तमान तीन आयुक्तों के पास यह होगा काम 
समाज कल्याण आयुक्त –समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशकि्तकरण, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ। 

कृषि उत्पादन आयुक्त – कृषि , कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान तथा समन्वय। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा रेशम विकास। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, सहकारिता, लघु सिंचाई,भूगर्भ जल परती भूमि विकास, मत्स्य, दुग्ध विकास तथा  पशुधन, ग्राम्य विकास, समग्र ग्राम्य विकास, ग्रामीण 
अभियंत्रण सेवा तथा पंचायती राज
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त–एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा व वस्त्रोद्योग, अवस्थापना व औद्योगिक विकास, निजी पूंजी निवेश, एनआरआई व श्रम। 

यह विभाग यथावत बने रहेंगे
वित्त, स्टांप एवं पंजीकरण, सूचना, आबकारी, सतर्कता, सार्वजनिक उद्यम, कारागार प्रशासन एवं सुधार, निर्वाचन, सचिवालय प्रशासन, न्याय, संसदीय कार्य, विधायी, विधान परिषद सचिवालय, विधानसभा सचिवालय व मुख्यमंत्री कार्यालय। प्रस्तावित पुनर्गठन व आमेलन केवल सचिवालय स्तर तक सीमित रहेगा। विभागाध्यक्ष व फील्ड स्तर पर विभागों का विलय का निर्णय बाद में होगा। 

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