गोलपहाड़ी में नाली निर्माण कराए बिना मुखिया, जेईई और पंचायत सेवक ने निकाल लिए ‌‌‌Rs.1.22 लाख

डीबी स्टार जमशेदपुर

जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत गोलपहाड़ी उत्तरी सुसनीगड़िया पंचायत में अधिकारियों से मिलीभगत कर नाली निर्माण के नाम पर 1 लाख 21 हजार नौ सौ रुपए घोटाला किया गया है। यहां 14वें वित्तीय योजना से नाली का निर्माण किया जाना था लेकिन अधिकारियों से सांठगांठ कर सरकारी राशि का बंदरबांट करते हुए मुखिया, जेईई, पंचायत सेवक मिलकर सारी की सारी राशि डकार गए और नाली का निर्माण कराया ही नहीं। जब स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध शुरु कर दिया।

भ्रष्टाचार के इस मामले में लीपापोती कर रहे जिम्मेवारों पर कार्रवाई की मांग पर सभी एक हुए और मामला जिले के डीसी तक विगत 7 जून को पहुंचाया। यहां प्रदर्शन के माध्यम से उनका ध्यान आकृष्ट कराते हुए मामले की शिकायत की गई लेकिन इलाके की जनता को निराशा ही मिली। इस मामले में डीसी ने भी कोई रुची नहीं दिखाई। अंतत: लोगों ने मामला मुख्यमंत्री जनसंवाद में दायर कराया है। जिसके बाद प्रखंड के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। डीबी स्टार ने शिकायत पर पंचायत क्षेत्र में जब वस्तुस्थिति की जानकारी ली तो साफ दिखाई दिया कि यहां नाली का निर्माण हुआ ही नहीं है।

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उत्तरी सुनसुनगढ़िया पंचायत की वह जगह जहां नाली बनाई जानी थी लेकिन अब तक उसका नामोनिशान तक नहीं।

कुछ फीट पुरानी नाली पर बना दी स्लैब

सुसनीगड़िया पंचायत में नाली का निर्माण नहीं हुआ है। लोगों ने बताया कि घर के सामने जो नाली है खुद बनाई गई है। शिलापट्ट के पास 15 से 20 फीट तक पुरानी नाली में ही स्लैब बिछा कर लीपापोती की गई। जांच हुई तो मुखिया सोमवारी पूर्ति, उप-मुखिया धर्मदास मार्डी, ग्राम सेवक चित्तरंजन दास, जेई एस तिग्गा का फंसना तय है। आरोप है कि बीडीओ पारुल सिंह मामले को दबाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की बजाय उन्हें बचाने में लगी है।

55 पंचायत में फर्जीवाड़ा, ग्रामसभा भी नहीं बुलाई

झापीपा जिला अध्यक्ष सह आरटीआई कार्यकर्ता कृतिवास मंडल ने कहा कि वे इस मामले की शिकायत ग्रामीण विकास सचिव से करेंगे। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर प्रखंड के 55 पंचायतों में सरकारी योजना के नाम पर रुपए का बंदरबांट हो रहा है। प्रतिनिधि और जिम्मेवार फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इसकी जांच होगी तो अधिकारी कठघरे में आएंगे। इधर, जब पंचायत में जाकर हकीकत जानी गई तो पता चला कि क्षेत्र में योजना शुरु करने को लेकर किसी तरह की पंचायत नहीं बुलाई गई। स्थानीय लोगों को इसकी कोई जानकारी भी नहीं है।

काम होने के बाद बिल पास

 130 फीट नाली निर्माण हुई है। अभिकर्ता ने जो जगह दिखाई थी वहां तक काम हुआ है। इसमें पुरानी नाली पर स्लैब बिछाना था और कुछ दूर नई नाली भी बनानी थी। काम होने के बाद ही बिल पास हुआ है।  एस तिग्गा, जेई, बीडीओ कार्यालय

हमें किसी का डर नहीं : मुखिया

 मुखिया सोमवारी से बात करने पर उन्होंने टाल मटोल जवाब दिया। कहा हमें सफाई नहीं देनी है। किसी का डर नहीं है, जो जी में आएगा करेंगे। बीडीओ पारुल सिंह से ने बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

शिलापट्ट में भी अनियमितता

इस योजना पर पंचायत में लगाए गए शिलापट्ट में भी अनियमितता साफ नजर आ रही है। जिम्मेवारों ने आनन-फानन जो बोर्ड लगाया उसमें रवि पात्रो के घर से सुरेंद्र शर्मा के घर तक अंडरग्राउंड नाली निर्माण का जिक्र किया गया जबकि यह गलत है। इसका खुलासा होने पर शीघ्र योजना का नाम बदलकर प्रेम के घर से मदन सिंह के दुकान तक किया गया। शिलापट्ट में छेड़छाड़ भी साफ देखी जा सकती है।

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