रिश्तेदारों ने नहीं छूने दिया टीवी रिमोट, इसी से मिली OYO Rooms शुरू करने की प्रेरणा

सोन से इतनी तारीफ पाने वाले रितेश अग्रवाल शायद आज इस काबिल न होते अगर बचपन में रिश्तेदारों के यहां उनके हाथ टीवी रिमोट लग जाता। यह बात आपको भले ही मजाक लग रही हो लेकिन सच है। 2015 में रितेश अग्रवाल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ओयो रूम्स की प्रेरणा के पीछे टीवी रिमोट एक कारण है।

ओयो रूम्स के सीईओ रितेश अग्रवाल। (फोटो सोर्स- फेसबुक)

जापान के सबसे रईस लोगों में से एक सॉफ्टबैंक के मासायोशी सोन से तारीफ और 93 बिलियन डॉलर विजन फंड के माध्यम से निवेश पाकर ओयो रूम्स के सीईओ रितेश अग्रवाल सुर्खियों में हैं। रितेश अग्रवाल महज 23 वर्ष के हैं और इस उम्र में वह दुनिया को अपना मनवा चुके हैं।पड़ोसी मुल्क चीन में ओयो ने सेवाएं शुरू कर दी हैं। टोक्यो मुख्यालय में स्ट्रैटजिक होल्डिंग कंपनी की 38वीं सालाना आम बैठक में मासायोशी सोन ने रितेश अग्रवाल की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोन ने रितेश के लिए कहा, ”होटल बिजनस में यह बड़ा प्लेयर है। यह करीब एक लाख कमरों का मालिक है। यह बहुत तेजी से बढ़ रहा है। मुझे लगता है कि हर महीने हिसाब से कमरों की संख्या या नेट ग्रोथ 10,000 से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ने जा रही है। यह इंटरनेट सर्विस का यूज करने वाली नेक्स्ट जनरेशन होटल चेन है।”

सोन से इतनी तारीफ पाने वाले रितेश अग्रवाल शायद आज इस काबिल न होते अगर बचपन में रिश्तेदारों के यहां उनके हाथ टीवी रिमोट लग जाता। यह बात आपको भले ही मजाक लग रही हो लेकिन सच है। 2015 में रितेश अग्रवाल ने टीओआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि ओयो रूम्स की प्रेरणा के पीछे टीवी रिमोट एक कारण है। रितेश ने बताया था कि बचपन में जब वह रिश्तेदारों के यहां रहते थे तो टीवी रिमोट का कंट्रोल उनके हाथ में नहीं था। वह अपने मन का चैनल नहीं देख पाते थे। रिश्तेदार डेली सोप देखना चाहते थे और वह कार्टून नेटवर्क देखना चाहते थे। टीवी के रिमोट पर कंट्रोल रखने की इच्छा के कारण वह ओयो रूम्स की शुरुआत करने के लिए प्रेरित हुए।

रितेश अग्रवाल ने बताया था कि OYO मतलब होता है ‘OnYour Own’। ऑन योर ओन यानी खुद से, जब आप किसी चीज पर नियंत्रण रख सकें। मजे की बात यह रही कि जब रितेश की कंपनी ग्रोथ करने लगी तो वह उसमें एक मात्र कॉलेज ड्रॉपआउट थे। उस वक्त आईआईएम के 10-12 लोगों और आईआईटी, हार्वर्ड बिजनस स्कूल के करीब 200 लोगों की टीम उनके नेतृत्व में काम कर रही थी। इंटरव्यू में रितेश ने कहा था, ”मैंने स्मार्ट और हाई क्वॉलिटी वाले ड्रॉपआउट्स नहीं देखे हैं। उम्मीद है, अगले कुछ वर्षों में हम बहुत हाईक्वॉलिटी वाले ड्रॉपआउट्स देखेंगे। जब मैं कॉलेज की चर्चाओं में जाता हूं, मैं छात्रों को ड्रॉपआउट के लिए प्रोत्साहित करता हूं।”

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