तेरह करोड़ रुपए स्वीकृत कर विकास कराना भूल गई सरकार, जानिए क्यों

रीवा. पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए सरकार तेरह करोड़ रुपए से अधिक की राशि देने के बाद विकास कार्य पूर्ण कराना भूल गई है। हैरान करने वाली बात यह कि पांच साल बाद भी स्वीकृत विकास कार्यों का चार प्रतिशत कार्य कार्य ही पूरा हो पाया है। परफारमेंसग्रांट, राज्य वित्त, विकल्प, जिपं निधि से 348 विकास कार्यों के लिए 13.19 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अभी तक सिर्फ १४ कार्य पूर्ण किए जाने का दावा किया जा रहा है।

खेल मैदान का 5.60 करोड़ रुपए जारी कर अधूरा छोड़ दिया निर्माण
जिला पंचायत रिकार्ड के अनुसार सबसे बड़ी योजना 5.60 करोड़ रुपए की लागत से जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में मिनी स्टेडिएम का निर्माण कराए जाने की है। सरकार ने बजट वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वीकृत कर दिया है, लेकिन जिला पंचायत कार्यालय के अधिकारियों की अनदेखी के चलते एक भी मिनी स्टेडियम तैयार नहीं हो सके हैं। इसी तरह बीते साल विभिन्न योजनाओं के तहत जिला पंचायत कार्यालय में 3.31 करोड़ रुपए विकल्प राशि के तहत 218 छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए स्वीकृत किया गया। लेकिन आज तक कार्य की प्रगति शून्य है। वर्ष 2017-18 में ४६ पीसीसी एवं नाली निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। जिसमें सिर्फ 14 कार्य पूर्ण होना बताया जा रहा है।

चार निर्माण कार्यों का एस्टीमेट तैयार नहीं कर सके जिम्मेदार
पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में दो करोड़ रुपए सरकार ने जिला पंचायत कार्यालय को बजट दिया है। जिसमें 1.88 करोड़ रुपए ५१ विकास कार्यों के लिए स्वीकृत किया जा चुका है। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही ऐसी है कि राशि स्वीकृत किए जाने के बावजूद कार्यों का एस्टीमेट तक तैयार नहीं कर सके।

सरकार ने वापस मांगा बजट
पांच साल से अधिक निर्माण कार्य नहीं पूरा होने वाले कार्यों का सरकार हिसाब कर रही है। विवादित कार्यों की राशि शासन वापस लेकर नए सिरे से विकास कराने के लिए जिला पंचायत को पत्र लिखा है।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Let’s block ads! (Why?)


Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Sunnywebmoney.Com


CONTACT US




Newsletter


Categories