इकलौते बैंक अधिकारी जिनकी बढ़ी सैलरी, निजी बैंक के सबसे सफल चेयरमैन

नर्इ दिल्ली। देश के बैंकिंग सेक्टर की सेहत मोदी सरकार में सबसे तंग है। इसको लेकर सरकार की पहले से ही आलोचाना हो रही है। बैंकोें में लगातार बढ़ रहे घाेटोल आैर एनपीए (फंसे कर्ज) का असर अब इन बैंकों के सीर्इआे व एमडी के वेतन पर भी देखने को मिल रहा है। आरबीआर्इ भी बैंकों के इन सीर्इआे के मिलने वाले बोनस की मंजूरी देने में सख्ती बरत रहा है। वित्त वर्ष 2018 में देश के कर्इ बड़े बैंकों के सीर्इआे व एमडी के वेतन में कटौती देखने को मिली है। हालांकि कोटक महिन्द्रा बैंक के उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक (एमडी) उयद कोटक इकलौते एेसे बैंकर हैं जिन्हें वित्त वर्ष 2018 में वेतन वृद्धि मिली है।

एचडीएफसी बैंक के सीर्इआे आदित्य पुरी की भी नहीं बढ़ी सैलरी

वित्त वर्ष 2018 में उदय कोटक को 2.92 करोड़ रुपए वेतन के तौर पर मिले हैं। इसके पिछले वित्त वर्ष 2017 में उदय कोटक को 2.63 करोड़ रुपए वेतन के तौर पर मिले थे। कंपनी के एक मध्यम स्तर के कर्मचारी के वेतन के अनुपात की बात करें तो उयद कोटक के वेतन को 48:1 का है। इसके अलावा उदय कोटक के पास बैंक में 29.7 फीसदी का स्टेक भी है जिसका मूल्य करीब 76,000 करोड़ रुपए है। उदय कोटक के अलावा आैर किसी भी बैंक के प्रमुख अधिकारियों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुर्इ है। एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग निदेशक आैर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीर्इआे) अादित्य पुरी के वेतन में वित्त वर्ष 2017-18 में 10.5 फीसदी की कटौती हुर्इ है।

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रिजर्व बैंक नहीं दे रहा बोनस की मंजूरी

पिछले वित्त वर्ष 2017 के दौरान पुरी काे 10 करोड़ रुपए वेतन के तौर पर मिला था लेकिन इस साल उन्हें 9.4 करोड़ रुपए की दिए गए। खास बात ये है कि इस साल बैंक को 20 फीसदी अधिक हुआ है। इसके साथ ही बैंक का कुल मुनाफा बढ़कर 17,484 करोड़ रुपए हो गया है। हालांकि यदि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) हार्इ परफाॅर्मेंस बोनस की मंजूरी दे देती है तो अादित्य पुरी के कमार्इ के आंकड़े बदल सकते हैं। पिछले साल उन्हें बोनस के तौर पर 92 लाख रुपए मिले थे। कमार्इ के मामले में सिर्फ आदित्य पुरी ही नहीं बल्कि आैर भी कर्इ बैंकर्स हैं जिनका वेतन जानकर आप चौंक जाएंगे। तो आइए जानते हैं कौन है देश का टाॅप बैंकर्स आैर कितनी है उनकी सैलरी।

इन बैंकों के प्रमुखों की भी नहीं बढ़ी सैलरी

वित्त वर्ष 2018 में राणा कपूर को वेतन के तौर पर 5.35 करोड़ रुपए दिया गया है। जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष में कपूर को 6.81 करोड़ रुपए का वेतन मिला था। राणा कपूर यस बैंक में 4.3 फीसदी की स्टेक रखते हैं जिसका कुल मूल्य 3,306 करोड़ रुपए है। यस बैंक के एक मध्यम स्तर के कर्मचारी की तुलना में राणा कपूर की सैलरी की बात करें तो उनकी सैलरी इनसे 79 गुना अधिक है। वित्त वर्ष 2018 में शिखा शर्मा को वेतन के रूप में 2.9 करोड़ रुपए मिले हैं वहीं इसके पिछले वित्त वर्ष में उनकी सैलरी 2.94 करोड़ रुपए था। कंपनी के मध्यम स्तर के कर्मचारियों की अुनपात में शिखा शर्मा की सैलरी देखें तो 77:1 की है। वित्त वर्ष 2017 में चंदो कोचर को 5.54 करोड़ रुपए की सैलरी मिली थी। जबकि वित्त वर्ष 2018 में आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक का वार्षिक रिपोर्ट नहीं आया है।

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