2600 सहकारिता समितियों को मिलेगा बैंक का दर्जा

 शहर की सहकारिता समितियों को बैंक का दर्जा नहीं दिया जायेगा

कोलकाता : राज्य के जिन गांवों में अब तक बैंकिंग व्यवस्था नहीं पहुंची है, वहां की सहकारिता समितियों को ही राज्य सरकार द्वारा बैंक की मर्यादा दी जायेगी, इससे लोगों को बैंकिंग व्यवस्था के साथ जोड़ा जा सकेगा. राज्य के सहकारिता विभाग ने इस दिशा में कार्य करना भी शुरू कर दिया है. राज्य की लगभग 2600 सहकारिता समितियों को बैंक का दर्जा दिया जायेगा. साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह योजना सिर्फ बैंकिंग व्यवस्था रहित ग्राम पंचायतों में शुरू की जायेगी. शहर की किसी भी सहकारिता समिति को बैंक का दर्जा नहीं दिया जायेगा.

राज्य के 710 गांवों में बैंकिंग व्यवस्था नहीं

सहकारिता विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अभी भी राज्य के 710 गांवों में कोई बैंकिंग व्यवस्था नहीं है. इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह व्यवस्था की गई है. राज्य में लगभग 6000 सहकारिता समितियां हैं, इनमें से 2600 सहकारिता समितियां ऐसी हैं, जिनका रिकार्ड काफी अच्छा रहा है और इन सहकारिता समितियों को ही बैंक का दर्जा दिया जायेगा. इसके साथ-साथ विभाग ने पहले ही 710 जिला सहकारिता बैंक शाखा खोलने की योजना बनाई है और इस योजना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है.चयनित सहकारिता समितियों के आधारभूत सुविधाओं का होगा विकासराज्य सरकार ने जिन 2600 सहकारिता समितियों को बैंक का दर्जा देने की योजना बनाई है, उन समितियों को बैंकिंग व्यवस्था के अनुसार आधारभूत सुविधाओं का विकास करने की योजना बनाई गई है. बताया जाता है कि प्रत्येक गांव में एक एटीएम काउंटर खोलने के साथ-साथ यहां से एनईएफटी व आरटीजीएस सेवा शुरू करने के लिए ऑनलाइन लिंक चालू किया जायेगा.

राज्य सरकार ने आवंटित किये 396 करोड़ रुपये

2600 सहकारिता समितियों से लोगों को पहले सिर्फ रुपये प्रदान किया जाता था, लेकिन अब लोग यहां अपने रुपये भी जमा कर सकेंगे. साथ ही कृषि लोन के साथ-साथ अन्य लोन भी यहां से मुहैया कराये जायेंगे. यहां बैंकों की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. राज्य सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर एक नई निर्देशिका जारी की गई है और साथ ही राज्य सरकार ने इसके लिए लगभग 396 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं. इस संबंध में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैंक की भांति यहां से भी एक एकाउंट से दूसरे एकाउंट में आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से रुपये भी ट्रांसफर किये जा सकेंगे. इसके साथ ही राज्य सरकार ने समितियों का अपना एटीएम परिसेवा भी शुरू करने की योजना बनाई है. आगामी वित्तीय वर्ष से इस योजना पर कार्य शुरू हो जायेगा. 

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