स्टार्टअप प्रस्तावों को बिजनेस प्लान में बदलने में बिहार आगे

नयी संभावनाओं पर काम कर संवार रहे भविष्य

पटना : राज्य सरकार की स्टार्टअप नीति में नयी संभावनाओं पर काम कर लोग अपना भविष्य संवार रहे हैं. खासकर नये निवेशकों का रुझान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और सर्विस सेक्टर की तरफ अधिक देखा जा रहा है. 

इसमें नये आइडिया की जानकारी देनेवालों को बेहतर निवेश का माहौल मिलने की भी संभावनाएं बढ़ रही हैं. उनके लिए बेहतर प्रशिक्षक व निवेशक उपलब्ध हो रहे हैं. उद्योग विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि स्टार्टअप प्रस्तावों को बिजनेस प्लान में बदलना अपने अाप में चुनौती है. इस मामले में इनके लिए इनक्यूबेटर बेहतर प्रशिक्षक साबित हो रहे हैं. स्टार्टअप प्रस्तावों को बिजनेस प्लान में बदलने के मामले में भी निवेशकों को मदद मिल रही है. देश के कई राज्यों के मुकाबले बिहार आगे चल रहा है. 

अब तक 53 आवेदक चुने गये

वर्ष 2016 में भारत सरकार ने स्टार्टअप नीति की शुरुआत की. उस समय से अब तक 88 आवेदकों को स्टार्टअप के लिए चुना गया. वहीं, साल 2017 में बिहार सरकार ने संशोधित स्टार्टअप नीति की शुरुआत की. तब से अब तक 53 आवेदकों का इसके लिए चुनाव हुआ. इस तरह बिहार का प्रदर्शन अच्छा है. वहीं, स्टार्टअप नीति के तहत बिहार में अप्रैल, 2018 तक कुल 4,677 आवेदन आये. इनमें त्रुटियां होने के कारण इसमें से केवल  931 आवेदन ही स्वीकृत किये जा सके. इन सभी पर प्रदेश के 19 इनक्यूबेटर विचार कर रहे हैं. 

नये आइडिया की है कमी 

उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नये आइडिया देनेवालों को ही स्टार्टअप योजना में प्राथमिकता दी जाती है. आवेदन तो बड़ी संख्या में आ रहे हैं, लेकिन नये आइडिया वाले आवेदनों की संख्या बहुत कम है. उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि बिहार स्टार्टअप योजना के पोर्टल पर आटा चक्की और पान की दुकान खोलने जैसे आवेदन भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं. 

इसका मतलब है कि आम लोगों को अब तक इस योजना की पूरी जानकारी नहीं है. ऐसे में विभाग की प्राथमिकता आम लोगों को स्टार्टअप नीतियों से अवगत कराना भी है. इसके लिए ‘बनो उद्यमी’ कार्यक्रम से लोगों को इन नीतियों की जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है.

Let’s block ads! (Why?)


Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Sunnywebmoney.Com


CONTACT US




Newsletter


Categories